शिवगढ़। जिले से चोरी हुईं राधा-कृष्ण की मूर्तियां बाराबंकी जिले से बरामद हो गई हैं। चोरों ने राधा की मूर्ति की तीन अंगुलियां काटी थीं। आशंका जताई जा रही है कि मूर्तियां अष्टधातु की न होने पर चोर उन्हें सड़क पर फेंककर भाग गए।
देहली गांव स्थित मंदिर से 24 जनवरी की रात राधा-कृष्ण की मूर्तियां चोरी हो गई थीं। मूर्तियों की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई थी।गांव निवासी एवं पुजारी गंगा प्रसाद पांडेय की तहरीर पर चोरी की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बुधवार सुबह गांव से करीब दो किमी. दूर बाराबंकी जिले के लोदई का पुरवा फिरोजाबाद गांव के पास नहर किनारे सड़क पर राहगीरों ने मूर्तियों को देखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची लोनी कटरा पुलिस ने मूर्तियों को कब्जे में लिया और इसकी सूचना रायबरेली पुलिस को दी। शिवगढ़ थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि मूर्तियां बरामद हो गई हैं। मूर्तियों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच पूरी होने के बाद उन्हें मंदिर में रखवा दिया जाएगा। मूर्तियां चुराने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।
दूसरी बार बरामद हुईं मूर्तियां
ग्रामीणों के लिए यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है। बृजेंद्र द्विवेदी, महेंद्र दीक्षित और दीपक आदि का कहना है कि यह भगवान की शक्ति का प्रमाण है कि दो बार चोरी होने के बाद भी मूर्तियां वापस मिल गईं। यह अलौकिक घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय है। लोगों में उत्साह का माहौल है। गांव में लगभग 200 वर्ष से राधा कृष्ण की मूर्ति के साथ होली पर्व मनाया जाता है। होली पर्व में फूलडोल बनाकर पूरे गांव का भ्रमण किया जाता है। देहली गांव में पांडेय मंदिर से 2013 में भी राधा कृष्ण की मूर्ति चोरी हुई थी और फिर गांव के पास ही बरामद हो गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
चोरी की घटनाओं का बार-बार होना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। चोरों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि इस बार पुलिस चोरों तक पहुंचने में सफल होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

