Raebareli News : बालिका की शिक्षा एवं सुरक्षा व बच्चों के यौन अपराधों के संरक्षण अधिनियम पर आयोजित

सतीश कुमार

Raebareli News :  उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित पाल सिंह के निर्देशानुसार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रायबरेली के तत्वावधान में शुक्रवार को राजकीय बालिका इण्टर कालेज बछरावां, रायबरेली में विधिक साक्षरता जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन मुख्य अतिथि अनुपम शौर्य, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रायबरेली की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यक्रम के अवसर पर पराविधिक स्वयं सेवक बृजपाल द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के संबंध में आमजन को जानकारी देते हुए बताया गया कि उक्त योजना के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आधार प्रपत्र एवं विद्यालय का पहचान पत्र का होना आवश्यक है। 


इस कार्यक्रम में पराविधिक स्वयं सेवक बृजपाल द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त आयामों के संबंध में विस्तृत रुप से बताया गया। उनके द्वारा पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, आधार प्रपत्र, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा तथा विशेष महिलाओं बच्चों व वृद्धजन को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली सुविधा के संबंध में आमजन को जागरुक किया गया। इस कार्यक्रम के अवसर पर अनुपम शौर्य, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रायबरेली के द्वारा पाक्सो अधिनियम के संबंध में जानकारी देने हुए बताया गया कि इस अधिनियम वर्ष 2012 में बच्चों की सुरक्षा हेतु बनाया गया था, जिसका पूरा नाम यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम हैA इसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन उत्पीड़न और यौन शोषण से बचाना है।

यह भी अवगत कराया गया कि इसमें यौन उत्पीड़न यौन शोषण और बाल पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों को शामिल किया गया है। अधिनियम में विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग सजाओं का प्रावधान है] जिसमें कारावास और जुर्माना शामिल हैं। बाल पोर्नोग्राफी को रोकने के लिए भी इसमें प्रावधान हैं। इस अधिनियम के तहत विशेष न्यायालयों का गठन किया गया है ताकि मामलों की त्वरित सुनवाई हो सके। विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की जाती है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। अधिनियम में पीड़ितों की पहचान की गोपनीयता बनाए रखने का प्रावधान है। यह अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह सुनिश्चित करता है कि बच्चों के साथ हुए यौन अपराधों के मामलों में न्याय हो सके। यह बाल यौन शोषण के खिलाफ एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है। यह बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है। वर्ष 2019 में इस अधिनियम में संशोधन किया गया ताकि 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को यौन अपराधों से बचाया जा सके। इस अधिनियम में कुछ मामलों में जैसे “गंभीर भेदक यौन हमला” मृत्युदंड का प्रावधान भी है। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाचार्या प्रियंका गुप्ता, सहायक अध्यापिका जयाकृष्णा, अनु शुक्ला, ज्योत्सना, प्रवक्ता श्रद्धा चतुर्वेदी व पराविधिक स्वयं सेवक जालिपा प्रसाद व ज्योतिमा उपस्थित रही।

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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