Rahul Gandhi Fitness: फिट रहने के लिए क्या करते हैं राहुल गांधी, उनके कौन-से तरीकों से आप भी कायम रख सकते हैं फिटनेस?

सतीश कुमार
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How Does Rahul Gandhi Stay Fit at 55: राहुल गांधी की फिटनेस को लेकर हमेशा लोगों के बीच जिज्ञासा रहती है कि आखिर 55 साल की उम्र में भी वह इतने फिट कैसे दिखते हैं. इस सवाल का जवाब खुद राहुल गांधी ने संसद में दिया. 11 फरवरी, बुधवार को बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने किरेन रिजिजू की ओर से उनकी फिटनेस को लेकर किए गए सवाल पर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा, “आज मैं अपनी फिटनेस के बारे में बताता हूं कि मैं मार्शल आर्ट्स करता हूं.”

क्या है मार्शल आर्ट?

मार्शल आर्ट्स एक मजेदार लेकिन अनुशासित तरीका है, जो हर उम्र के लोगों में ताकत, आत्मविश्वास और मेंटल रूप से मजबूती विकसित करता है. कुंग फू, कराटे, जूडो, जूजित्सु, ताइक्वांडो और एमएमए जैसे कई रूप इसके अंतर्गत आते हैं. यह सिर्फ लड़ाई की कला नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों को संतुलित करने का माध्यम है. इसकी शुरुआत ग्रिप  से होती है. जब हम शुरुआत करते हैं और अपोनेंट पर ग्रिप लेते हैं, तब असली मुकाबला शुरू होता है. जब तक ग्रिप नहीं होती, तब तक कुछ नहीं होता. लक्ष्य यह होता है कि ग्रिप मजबूत होने के तुरंत बाद ‘चोक’ की स्थिति बने. यानी पहली ग्रिप ली, दूसरी ग्रिप ली और फिर अचानक चोक में फंसाकर पकड़ लिया. चोक का मुख्य फोकस गला होता है. इस तरह मार्शल आर्ट्स आपको फिट रखने में मदद करता है.

मार्शल आर्ट से कैसे बनती है फिटनेस?

मार्शल आर्ट्स के बारे में जानकारी देने वाली और लोगों को ट्रेंड करने वाली एकेडमी के अनुसार, यह आपको कई तरह से फिट रखता है, जिसमें- 

आत्मविश्वास और मानसिक ताकत बढ़ाता है

मार्शल आर्ट्स आपकी सीमाओं को चुनौती देता है और छोटे-छोटे लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास देता है. हर नई तकनीक सीखना मेंटली मजबूती बढ़ाता है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने का हौसला देता है.

सेल्फ-डिफेंस सिखाता है

यह आपको मुश्किल हालात में खुद और अपनों की रक्षा करने के लिए तैयार करता है. नियमित अभ्यास से किक्स, पंच और ब्लॉक्स जैसी तकनीकें सीखते हैं, जिससे रिएक्शन टाइम और सतर्कता दोनों बेहतर होते हैं.

पूरे शरीर की फिटनेस

मार्शल आर्ट्स में स्क्वैट्स, प्लैंक्स, पुल-अप्स जैसे एक्सरसाइज शामिल होते हैं, जो शरीर के हर हिस्से को मजबूत बनाते हैं. इससे स्टैमिना, बैलेंस, फुर्ती और ताकत में सुधार होता है.

हार्ट की सेहत के लिए फायदेमंद

नियमित ट्रेनिंग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिल मजबूत बनता है. हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में भी सकारात्मक असर देखा गया है.

वजन घटाने में मददगार

एक घंटे की ट्रेनिंग सैकड़ों कैलोरी बर्न कर सकती है. अनुशासन और बेहतर खानपान की आदत वजन कम करने और बॉडी टोनिंग में मदद करती है.

लचीलापन बढ़ाता है

स्ट्रेचिंग और अलग-अलग मूवमेंट्स शरीर की जकड़न दूर करते हैं. इससे फ्लेक्सिबिलिटी और कोऑर्डिनेशन दोनों में सुधार होता है.

ध्यान और एकाग्रता तेज करता है

मार्शल आर्ट्स में हर मूव पर फोकस जरूरी होता है. यही अभ्यास रोजमर्रा की जिंदगी में भी एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाता है.

तनाव कम करता है और मूड बेहतर करता है

ट्रेनिंग के दौरान एंडोर्फिन रिलीज होते हैं, जिससे तनाव घटता है और मन हल्का महसूस होता है. क्लास के बाद अक्सर लोग ज्यादा ऊर्जावान और पॉजिटिव एनर्जी महसूस करते हैं.

अनुशासन और सेल्फ कंट्रोल सिखाता है

सबसे बड़ी बात मार्शल आर्ट्स में निरंतरता और अनुशासन जरूरी है. यही अभ्यास इच्छाशक्ति बढ़ाता है और मन व शरीर दोनों पर कंट्रोल विकसित करता है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.