Ramadan 2026 Jumma Namaz Time: इस्लाम में पाक महीने रमजान को मुकद्दस का महीना कहा गया है जो इबादत, रहमत, संयम, सब्र और रहमतों का महीना है. रमजान महीने का हर दिन बेहद खास और बरकतों वाला होता है, लेकिन जुमा (शुक्रवार) की अहमियत सबसे अधिक होती है.
20 फरवरी को रमजान का पहला जुमा था और आज 27 फरवरी को रमजान का दूसरा जुमा है. इस्लामिक मान्यता के अनुसार, रमजान महीने में पड़ने वाला मुजा खासतौर पर रोजेदारों के लिए बरकतों और मगफिरत का मौका लेकर आता है. इसलिए रोजेदारों और नमाजियों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता कि, आज मस्जिदों में जुमे की नमाज का सही समय क्या रहेगा.
रमजान के दूसरे जुमे की नमाज का समय
जुमे की नमाज आमतौर पर दोपहर के समय में अदा की जाती है. हालांकि अलग-अलग शहरों के मस्जिदों में जुमे की नमाज के समय में थोड़ा बहुत अंतर होता है. ज्यादातर मस्जिदों में जुमे का खुतबा लगभग 12:15 बजे से 12:45 बजे के बीच होता है.
बता दें कि ‘खुदबा’, जुमे की नमाज़ से पहले इमाम द्वारा दिया जाने वाला एक अनिवार्य उपदेश है, जिसमें अल्लाह की तारीफ, रसूल पर सलाम और नेक काम करने व गुनाहों से बचने की नसीहत शामिल होती है. वहीं नमाज 12:45 से 1:30 बजे के बीच अदा की जाती है. आप जुमे की नमाज की सटीक समय के लिए अपने शहर के स्थानीय मस्जिद या फिर इमाम साहब से सटीक समय की जानकारी ले सकते हैं.
जुमे की नमाज का महत्व
इस्लाम में जुमे का दिन सबसे अफजल माना जाता है. हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया कि, जुमे का दिन तमाम दिनों का सरदार है. इसे ईद की तरह की विशेष माना जाता है. वहीं जुमा जब रमजान में पड़े तो उसकी फज़ीलत और अधिक बढ़ जाती है. ऐसा माना जाता है कि, जुमे के दिन की गई दुआएं खास कबूल होती हैं और अल्लाह बंदे के गुनाहों की मगफिरत करते हैं.
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