
शब-ए-बारात पर मुसलमान पूरी रात जागकर पवित्र कुरान पढ़ते हैं, दुआ करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. इसलिए भी शब-ए-बारात को मगफिरत की रात कहा जाता है.

शब-ए-बारात पर मुसलमान पूरी रात जागकर पवित्र कुरान पढ़ते हैं, दुआ करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. इसलिए भी शब-ए-बारात को मगफिरत की रात कहा जाता है.
