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काम नहीं कर रहे Spy Camera Detector? स्टडी में हुआ चौकाने वाला खुलासा

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On August 29, 2026
1 min read 1.2k views
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आज के समय में हिडन कैमरे, माइक्रोफोन और GPS ट्रैकर खरीदना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है. ऐसे में प्राइवेसी को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ी है. अब ज्यादातर लोग ऐसे डिवाइस को सर्च करने के लिए बाजार में मिलने वाले स्पाई-डिवाइस डिटेक्टर का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, एक नई रिसर्च ने इन गैजेट्स के काम करने के ऊपर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

करीब 60% डिवाइस पकड़ नहीं पाए डिटेक्टर

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के शोधकर्ताओं ने 19 अलग-अलग कमर्शियल डिटेक्टरों को चेक किया है. इसका मकसद ये पता लगाना था कि आम लोग असली कंडिशन में इन डिवाइस की मदद से छिपे हुए सर्विलांस गैजेट्स को कितनी अच्छी तरह खोज सकते हैं.

रिसर्च में सामने आया कि डिटेक्टर इस्तेमाल करने के बावजूद पार्टिसिपेंट्स करीब 58.8% छिपे हुए सर्विलांस डिवाइस खोजने में नाकाम रहे हैं. वहीं, जब लोगों ने सिर्फ अपनी आंखों से कमरे की तलाशी ली तो वे 66.7% डिवाइस नहीं खोज पाए थे.

डिटेक्टर चलाना ही बन जाता है चुनौती

आपको बता दें कि कई स्पाई-डिवाइस डिटेक्टर रेडियो-फ्रीक्वेंसी या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल पर काम करते हैं. ऐसे में अब ज्यादातर लोग इन डिवाइस को आसानी से इस्तेमाल भी नहीं कर पाते हैं.

रिसर्च में शामिल 34 लोगों को ऐसे कमरों में छिपे डिवाइस खोजने का काम दिया गया जिनमें फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें मौजूद थीं.

शोधकर्ताओं के अनुसार, डिटेक्टर स्क्रीन पर सिग्नल स्ट्रेंथ, रेडियो फ्रीक्वेंसी और टेक्निकल जानकारी तो दिखाते हैं लेकिन ये साफ नहीं करते कि यूजर को आगे क्या करना चाहिए.

कहां छिपाए जाते हैं कैमरे

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि छिपे हुए सर्विलांस डिवाइस अब कई नॉर्मल चीजों के अंदर लगाए जा सकते हैं. जैसे कैमरा या माइक्रोफोन को घड़ी, USB चार्जर, स्मोक अलार्म, फोटो फ्रेम और खिलौने जैसी चीजों में आसानी से छिपाया जा सकता है.

हालांकि, इन प्रोडक्ट्स को सेफ्टी के लिए तैयार किया जाता है लेकिन अब इन डिवाइस का गलत इस्तेमाल भी होने लगा है. बता दें कि रिसर्च में सामने आया है कि घरेलू हिंसा के मामलों में इस तरह के सिक्रेट डिवाइस लोगों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

ब्लूटूथ ट्रैकर हो रहे आम

वैज्ञानिकों के अनुसार, एडवांस डिवाइस जैसे ब्लूटूथ ट्रैकर मार्केट में आज काफी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. इन्हें इस्तेमाल करना भी आसान होता है. इसके अलावा, ये यूजर्स को उनके सामान खोजने में मदद करते हैं. इतना ही नहीं, ये यूजर्स को आगे क्या करना है, इसके बारे में भी जानकारी देते हैं जिससे यूजर्स को इसे इस्तेमाल करना काफी आसान हो जाता है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।