Stock Market News: आम बजट के दिन आई भारी गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजारों ने सोमवार को जोरदार वापसी की. तेल एवं गैस, बैंकिंग और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक यानी 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,666.46 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,009 अंक से अधिक चढ़कर 81,732 के उच्च स्तर तक पहुंच गया था. वहीं एनएसई निफ्टी 262.95 अंक यानी 1.06 प्रतिशत बढ़कर 25,088.40 अंक पर बंद हुआ और दिन में 25,108 के स्तर तक पहुंचा.
क्यों बाजार में मजबूती?
बाजार में इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई तेज गिरावट रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 4.88 प्रतिशत टूटकर 65.94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं को राहत मिली. सेंसेक्स की कंपनियों में पावर ग्रिड और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा लाभ में रहीं, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई. दूसरी ओर एक्सिस बैंक, इंफोसिस, टीसीएस, ट्रेंट और टाइटन के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए.
गौरतलब है कि केंद्रीय बजट 2026-27 के दिन प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने के प्रस्ताव से बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई थी. रविवार को आयोजित विशेष कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1,546 अंक टूटकर 80,722 पर और निफ्टी 495 अंक गिरकर 24,825 पर बंद हुआ था. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, एसटीटी में बढ़ोतरी और सरकार की ऊंची उधारी योजनाओं से बाजार में अस्थिरता बढ़ी थी, लेकिन बजट में नीतिगत निरंतरता, विकास पर स्पष्ट जोर और राजकोषीय अनुशासन से मध्यम और दीर्घकालिक आय को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.
एशियाई बाजार में कमजोरी
उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों से बाजार को अतिरिक्त सहारा मिला. हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने रविवार को 588.34 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की. वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जहां दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत से ज्यादा टूटा, जबकि जापान, चीन और हांगकांग के बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए. यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख रहा और अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में बंद हुए थे.

