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हाई स्पीड 5G के लिए अलग रिचार्ज प्लान? चल रहा है विचार

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On August 7, 2026
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अगर ये नियम लागू होते हैं तो आप अपनी सहूलियत के हिसाब से 4G या 5G सर्विस के लिए प्लान ले सकेंगे. भले ही कंपनियों को अलग-अलग प्लान लाने का ऑप्शन देने की बात हो रही है, लेकिन उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सर्विस की क्वालिटी में कमी न आए और यूजर्स पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए. TRAI ने नए नियमों पर लोगों के सुझाव मांगे हैं और 26 अगस्त तक लोग इन पर अपने सुझाव दे सकते हैं.

प्रस्तावित नियमो में कंपनियों को 5G नेटवर्क स्लाइसिंग की परमिशन दी जाएगी. यह टेक्नोलॉजी एक नेटवर्क को कई वर्चुअल नेटवर्क में स्प्लिट कर देती है. यूजर ग्रुप या किसी खास पर्पज के लिए नेटवर्क स्लाइसेस तैयार किए जा सकते हैं और हर स्लाइस को अलग टैरिफ प्लान के तौर पर बेचा जा सकता है. भारत में फिलहाल एयरटेल इस टेक्नोलॉजी को यूज कर रही है और इस पर विवाद भी हुआ था.

प्रस्तावित नियमों में TRAI ने ग्राहकों के हितों का भी ध्यान रखा है. इन नियमों के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रीमियम प्लान के पैसे देने वाले ग्राहकों को रेगुलर सब्सक्राइबर के नेटवर्क रिसोर्सेस इस्तेमाल न करने दिए जाए. नियमों में नेटवर्क कंजेशन रोकने और सर्विस क्वालिटी को बरकरार बनाए रखने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं. यानी प्रीमियम ग्राहकों को सर्विस देने के लिए रेगुलर यूजर्स की सर्विसेस में कटौती नहीं की जा सकती.

अगर नए नियम लागू होते हैं तो टेलीकॉम कंपनियों को अपने हर रिचार्ज प्लान के साथ एक्सपेक्टेड अपलोड और डाउनलोड स्पीड को भी स्पष्ट करना होगा. अगर ग्राहकों को बताई गई स्पीड से 80 प्रतिशत कम स्पीड मिलती है तो यह कंपनियों की मुश्किल बढ़ा सकता है. ऐसे मामलों में कंपनियों को प्रभावित यूजर्स को जानकारी देनी होगी और मामले को जल्द से जल्द सुलझाना होगा.

नियमों का पालन न करना कंपनियों के लिए महंगा पड़ेगा. नियमों के उल्लंघन पर 2 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. आउटेज की स्थिति में भी कंपनियों को ग्राहकों को मुआवजा देना पड़ेगा. अगर किसी कंपनी की कोई सर्विस 24 घंटे से ज्यादा अनअवेलेबल रहती है तो पोस्टपेड ग्राहकों को रेंट में छूट और प्रीपेड यूजर्स की वैलिडिटी में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.

भारत में टेलीकॉम सब्सक्राइबर की संख्या 1.3 अरब पहुंच गई है. जियो 53.3 करोड़ यूजर्स के साथ भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है. इनमें से 28.5 करोड़ 5G यूजर्स हैं. दूसरी तरफ एयरटेल के यूजर्स की संख्या 48.3 करोड़ है. Vi और BSNL क्रमश: देश की तीसरी और चौथी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां है. अभी केवल BSNL ऐसी कंपनी है, जिसने देश में 5G कनेक्टिविटी रोल आउट नहीं की है.

भारत में एक्टिव इंटरनेट यूजर्स की संख्या एक अरब के पास पहुंचने वाली है. 2025 में सालाना आधार पर इसमें लगभग 8 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है. लगभग 96 करोड़ यूजर्स के साथ भारत दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ने वाली डिजिटल मार्केट बनने की तरफ बढ़ रहा है. देश के कुल इंटरनेट यूजर्स में करीब 57 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में रहते हैं.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।