Up:सिविल जज के पद पर पदोन्नति में दिव्यांगों को आरक्षण, पीसीएस-जे के लिए हिंदी का अच्छा ज्ञान अनिवार्य – Up: Reservation For Persons With Disabilities In Promotion To The Post Of Civil Judge; Good Knowledge Of Hindi

Aman Shanti In
2 Min Read


प्रदेश सरकार ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पदों पर पदोन्नति में दिव्यांगजनों को चार प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। भर्ती में यह प्रावधान तो लागू था, पर पदोन्नति में आरक्षण के लाभ को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज ने शुक्रवार को पीसीएस-जे के पदों पर भर्ती के लिए तीन साल वकालत की अनिवार्यता संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है।

प्रमुख सचिव नियुक्ति ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली-2026 में पीसीएस-जे के पदों पर भर्ती और सिविल जज के पदों पर पदोन्नति संबंधी नियम जारी कर दिए हैं। पीसीएस-जे के पदों पर भर्ती के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विधि में स्नातक के साथ तीन साल न्यायालयों में वकालत या इससे जुड़े हुए काम वाले पात्र होंगे। आवेदन के समय अभ्यर्थियों को इसका प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

पीसीएस-जे के लिए हिंदी का अच्छा ज्ञान अनिवार्य

पीजीएस-जे के पदों पर भर्ती के लिए हिंदी में अच्छा ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) होने वाले प्रत्येक अधिकारी को एक साल प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति के लिए एक चयन समिति बनाई जाएगी। पदोन्नति के लिए दोगुना पात्रों की सूची तैयार की जाएगी। प्रत्येक भर्ती में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की कुल रिक्तियों में 10 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे।

जिला जज के माध्यम से लिए जाएंगे पदोन्नति परीक्षा के लिए आवेदन

पदोन्नति परीक्षा के लिए आवेदन जिला जज के माध्यम से लिए जाएंगे। प्रत्येक अभ्यर्थी को अपना चरित्र प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। समिति परीक्षा के बाद एक पात्रता सूची जारी करेगी। प्राप्त योग्यता के क्रम में अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी। आरक्षित पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया भी हर साल अनिवार्य रूप से भरी जाएगी।

 



Source link

Share This Article
Leave a Comment