UP Ration Card इतिहास
अतः आरम्भ से ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, संचरण एवं वितरण को ‘डिफेन्स ऑफ इण्डिया एक्ट रूल्स’ 1939 के अधीन रखा गया था। यद्यपि द्वितीय विश्वयुद्व 24 अक्टूबर 1945 को समाप्त हो गया था परन्तु आपात्काल की समाप्ति की घोषणा तत्कालीन गवर्नर जनरल द्वारा 1 अप्रैल, 1946 को की गई। पुनः आवश्यक वस्तुओं को भारत सरकार द्वारा जारी एक नये आदेश ऐसेंसियल (टेम्पोरेरी पावर्स) एक्ट 1946 के अधीन रखा गया।
प्रदेश में इसी उद्वेश्य से कन्ट्रोल ऑफ सप्लाइज एक्ट, 1948 लागू किया गया। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण का कार्य 1947 के बाद भी काफी महत्वपूर्ण था तथा इस पर निरन्तर निगरानी रखी जाती रही। इस महान उद्वेश्य को और भी प्रभावी रूप देने के उद्वेश्य से भारत सरकार द्वारा 1955 में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ लागू किया गया जिसके अन्तर्गत खाद्य पदार्थो के अतिरिक्त सामान्य जन-जीवन से जुड़ी हुई अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं को अन्य आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी प्रदान की गई।
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उक्त अधिनियम के अन्तर्गत भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, मूल्य नियंत्रण और उसकी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरण के उद्वेश्य से क्रय, भण्डारण, उत्पादन इत्यादि की सीमायें निर्धारित की गई। आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत समय-समय पर परिस्थितयों के अनुरूप नियंत्रण आदेशों में परिवर्तन भी किये गये।
इसके अतिरिक्त पैकेज्ड कमोडिटीज रूल्स 1977 के प्रावधानों का क्रियान्वयन भी विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाता है। विभाग की राजस्व प्राप्ति के मुख्य श्रोत बांट माप के सत्यापन/मुद्राकंन से प्राप्त होने वाला शुल्क, समझौता शुल्क, लाइसेन्स से प्राप्त शुल्क है।
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न्यायिक मामलों में जिला फोरम (जिला मंच) के ऊपर राज्य आयोग तथा राज्य आयोग के ऊपर राष्ट्रीय आयोग का नियत्रंण होता है। उपभोक्ता संरक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत त्रि-स्तरीय अर्ध-न्यायिक तंत्र की स्थापना की गई है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 में संसद द्वारा वर्ष 2002 में पारित संशोधन, जो 15.3. 2003 से प्रभावी हो गया है, के तहत जिला मंचों, राज्य आयोग तथा राष्ट्रीय आयोग की धन संबंधी अधिकारिता की सीमा को बढ़ा दिया गया है।
निगम का मुख्य उद्वेश्य खाद्य एवं रसद विभाग की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं को उचित मूल्यों पर उपलब्ध कराना, खाद्यान्नों, तेलों, बीजों तथा अन्य कृषि उत्पादों की खरीद, भण्डारण, वितरण तथा विक्रय करना एवं रबी क्रय योजना के माध्यम से किसानों को मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत उचित मूल्य दिलाने के साथ ही भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार द्वारा सौपें गये अन्य कार्यों को सम्पन्न कराना है।
इस हेतु निगम में मुख्यालय पर अधिशासी निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, वित्त एवं लेखाधिकारी सहित डिपोज स्तर पर प्रबन्धक व अन्य तथा जलपान गृह स्तर पर प्रबन्धक व अन्य कार्यरत है। निगम वर्तमान में प्रदेश में 158 डिपो व 27 जलपानग्रहों के माध्यम से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।
संगठनात्मक ढांचा
संगठन-आयुक्त खाद्य एवं रसद
इन सब कार्यों का पर्यवेक्षण जिला स्तर पर अतिरिक्त जिलाधिकारी (आपूति) जिला पूर्ति अधिकारी/क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी द्वारा किया जाता है। मण्डल स्तर पर सहायक आयुक्त, खाद्य इस कार्य से जुड़े हुए है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत वर्तमान में चीनी की उपलब्धता सहारनपुर, कानपुर, आगरा, बरेली संभागों में खाद्य विभाग तथा शेष 13 मंडलों में पी0सी0एफ0 द्वारा चीनी मिलों से प्राप्त कर दुकानदारों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में खाद्यान्नों, दालों, तिलहनों, खाद्य तेल, चीनी आदि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने व उनकी चोरी व जमाखोरी रोकने के उद्वेश्य से विभिन्न आदेशों के अन्तर्गत नियंत्रण किया जाता है।
लेखा शाखा
लेखा शाखा के अन्तर्गत वित्तीय प्रबंधन हेतु राज्य स्तर पर वित्त नियंत्रक के अधीन दो उप मुख्य लेखाधिकारी, एक लेखा अधिकारी, तीन सहायक लेखाधिकारी तथा लेखा एवं सम्परीक्षा कर्मचारी वर्ग एवं संभाग स्तर पर वरिष्ठ/संभागीय लेखाधिकारी और उनके अधीन सहायक लेखाधिकारी तथा लेखा एवं सम्परीक्षा कर्मचारी वर्ग कार्यरत है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए चार्टर
- 1. उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा के लिए लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को खाद्य सुरक्षा की नीति का महत्वपूर्ण घटक मानती है जिसमें गरीबी की रेखा के नीचे की आबादी के लिए खाद्यान्नों की न्यूनतम आपूर्ति सुनिश्चित की जातीहै। सरकार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अत्यन्त पारदर्शिता और सक्षमता के साथ लाभार्थियों के सर्वोत्तम लाभ के लिए कियान्वित करेगी।
- 2. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली उचित दर की दुकानों/राशन की दुकानों के नेटवर्क के माध्यम से कार्य करती है। ग्रामीण क्षेत्रों और झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले भूमिहीन श्रमिक, छोटे किसान, ग्रामीण दस्तकार, ग्रामीण क्षेत्रों में कुम्हार, ठठेरा, बुनकर, लुहार ,बढई और शहरी क्षेत्रों में अनौपचारिक क्षेत्रों अर्थात दैनिक श्रमिकों, बोझा ढोने वाले, कुली रिक्शा चलाने वाले, हथठेला चलाने वाले, पटरी पर फल और सब्जी बेचने वाले आदि जैसे समाज के कमजोर वर्गों से सम्बन्धित परिवार सामान्यतः गरीबी की रेखा से नीचे की आबादी में समझे जायेंगे और विशेष सब्सिडी प्राप्त मूल्यों पर खाद्यान्न प्राप्त करने के पात्र होंगे।
- 3. उत्तर प्रदेश गरीबी की रेखा से नीचे के परिवारों को अलग कार्ड जारी करने और कार्ड में उल्लिखित उचित दर की दुकान से प्रतिमाह प्रति परिवार 35 किलोग्राम चावल/गेंहूँ जारी करने का वचन देती है।
- 4. गरीबी की रेखा से नीचे के परिवारों को 35 किलोग्राम प्रति परिवार प्रतिमाह के लिए उचित दर दुकान में चावल/गेंहूँ का मूल्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित निर्गम मूल्य में ज्यादा से ज्यादा 50 पैसे तक की और वृद्धि की जा सकेगी।
- 5. उचित दर की दुकान से जारी किया जाने वाला चावल और गेंहूँ भारत सरकार द्वारा विहित औसत किस्म का होगा।
- 6. उचित दर की दुकान, साप्ताहिक बन्दी के दिन को छोड़कर सभी दिन पूर्वान्ह 7.00 बजे से 11.00 बजे तथा अपरान्ह 15.00 बजे से 18.00 बजे तक खुली रहेगी और सप्ताह में नियम दो दिवसों से प्रायः 8.00 बजे से 16.00 अपरान्ह बजे तक लगातार खुली रहेगी। कार्डधारक किसी भी दिन किसी भी समय/कार्ड में उल्लिखित अपनी पात्रता का आवंटन प्राप्त कर सकता है। सम्पूर्ण माह के लिए अनुमन्य खाद्यान्नों की आपूर्ति उसी माह के अन्दर की जायेगी।
- 7. उत्तर प्रदेश सरकार विशेष राशन कार्डों की नियत अवधि में जॉच सुनिश्चित करेगी, ताकि फर्जी राशन कार्डो की पहचान की जा सके और इन्हें निरस्त किया जा सके और लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभों का दुरूपयोग करने के दोषी पाये गये व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जा सके।
वर्तमान समय में प्रदेश में चार प्रकार के राशन कार्ड प्रचलन में है जिनका विवरण निम्नवत है –
1. अन्नपूर्णा योजना
भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम लाभार्थियों की संख्या 3.50.001
राशन कार्ड का रंबाहराराशन कार्ड का मूल्यनिःशुल्कपात्रताऐसे निराश्रित वृद्व जिनकी आयु 65 वर्ष या उससे अधिक हो तथा जो वृद्वावस्था पेंशन हेतु अर्ह हो परन्तु उन्हें वृद्वावस्था पेंशन प्राप्त नहीं हो रही हो।अनुमन्य सुविधा10 किग्रा0 गेंहूँ प्रति माह निःशुल्क
2. अन्त्योदय अन्न योजना
भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम लाभार्थी परिवारों की संख्या –
राशन कार्ड का रंबालालराशन कार्ड का मूल्यजिलाधिकारी द्वारा निर्धारित मूल्य जो कार्ड के मुखपृष्ठ पर मुद्रित हो।पात्रतागरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों, जिनकी वार्षिक आय 9,000 रू0 से कम हो में से गरीबतम गरीब। (प्रदेश के लिए निर्धारित बी0पी0एल0परिवारों की संख्या का अधिकतम 15.33 प्रतिशत)अनुमन्य सुविधा2 रूपये प्रति किग्रा की दर 23 किग्रा गेंहूँ एवं 3 रूपये रूपये निर्धारित मूल्य पर 700 ग्राम चीनी प्रति यूनिट प्रति माह एवं एल0पी0जी0 गैस कनेक्शन धारक को 3 लीटर मिट्टी का तेल तथा बिना गैस कनेक्शन धारक को 5 लीटर मिट्टी का तेल प्रति कार्ड प्रति माह।
3. बी0पी0एल0योजना
भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम परिवारों की संख्या- 90.42 लाख
राशन कार्ड का रंबासफेदराशन कार्ड का मूल्यजिलाधिकारी द्वारा निर्धारित मूल्य जो कार्ड के मुखपृष्ठ पर मुद्रित हो।पात्रतागरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारो, जिनकी वार्षिक आय 9,000 रू0 तक हो।अनुमन्य सुविधा23 किग्रा0 गेंहूँ 12 किग्रा चावल, प्रति परिवार एवं 700 ग्राम चीनी प्रति यूनिट प्रति माह एल0पी0जी0 गैस कनेक्शन धारक को 3 लीटर मिट्टी का तेल तथा बिना गैस कनेक्शन धारक को 5 लीटर मिट्टी का तेल प्रति कार्ड प्रति माह-(शासन द्वारा निर्धारित रियायती मूल्य पर)।
4. ए0पी0एल0 योजना
राशन कार्ड का रंबापीलाराशन कार्ड का मूल्यजिलाधिकारी द्वारा निर्धारित मूल्य जो कार्ड के मुखपृष्ठ पर मुद्रित हो।अनुमन्य सुविधाशासन द्वारा निर्धारित निर्गमन मूल्य पर 23 किलो0 गेंहूँ एवं 12 किलो0 चावल तथा एल0पी0जी0गैस कनेक्शन धारक को 3 लीटर मिट्टी का तेल तथा बिना गैस कनेक्शन धारक को 5 लीटर मिट्टी का तेल प्रति कार्ड प्रति माह।
नोट — अन्नपूर्णा योजना के राशन कार्ड पर लाभार्थी का फोटो एवं होलोग्राम तथा अन्य योजनाओं के राशन कार्ड पर परिवार के मुखिया का फोटो एवं होलोग्राम चस्पा होगा।
राशन कार्ड निर्गत करने हेतु प्रक्रिया-
राशन कार्ड प्राप्त करने हेतु इच्छुक आवेदकों को साधारण आवेदन-पत्र (जांच पत्र) जिलापूर्ति कार्यालय/तहसील कार्यालय/क्षेत्रीय खादय कार्यालय/ब्लाक स्तर से निःशुल्क उपलब्घ कराया जाता है, जिसे पूर्णरूपेण भर कर आवेदक द्वारा शहरी क्षेत्र में क्षेत्रीय खाद्य कार्यालय में तथा ग्रामीण अंचल में ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा किया जाता है जिसे जाँचोपरान्त सत्रह (17) दिनों के बाद आवेदक को राशन कार्ड उपलब्घ कराया जाता है। सम्पूर्ण प्रमाण पत्र उपलब्घ कराने वाले आवेदक को राशन कार्ड उसी दिन उपलब्ध कराया जाता है।
उसी प्रकार के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को उसी स्थान से प्राप्त होगें जहॉं उनके द्वारा राशन कार्ड हेतु जांच पत्र भर कर जमा किया जाता है।
8. उ0प्र0सरकार निम्नानुसार समयबद्व तरीके से राशन कार्डों में सदस्यों के नाम चढ़ाएगी/काटेगी, पत्तें में बदलाव करेगी और इन्हें अन्तरित करेगी –
कार्य का मदसमय-सीमा1. परिवार/सदस्यों के नाम शामिल करना/काटना (एरिया राशनिंग कार्यालय को प्रस्तुत करके)1. अपेक्षित साक्ष्यों जहां कही आवश्यक हो के साथ प्रस्तुत करने पर उसी दिन
2. यदि भौतिक सत्यापन आवश्यक हो, तो सात दिन के अन्दर (नाम जोड़ने के लिए)2. उचित दर की दुकानों के उसी क्षेत्र में पता बदलना।उसी दिन3. उचित दर की दुकान में बदलाव सहित पते में परिवर्तन।सात दिन4. अन्य शहरों में परिवार अंतरित होने पर अथवा अन्य कारणों से अभ्यर्पण प्रमाण पत्र जारी करना।उसी दिन5. प्रदेश में नया राशन कार्ड जारी करना (अभ्यर्पण प्रमाण-पत्र सहित)सात दिन6. प्रदेश में परिवर्तन की स्थिति में नये राशन कार्ड जारी करना।दो सप्ताह
9. राज्य में रहने वाले प्रत्येक परिवार समय-समय पर जारी नियमों के अधीन राशन के लिए पात्र होगा। इस संबंध में निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जायेगी –
1. राशन कार्ड की पात्रता बताने वाले विहित मापदण्ड और इसे जारी करने की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार किया जायेगा और मांगने पर इसे प्रत्येक नागरिक को उपलब्ध कराया जायेगा।
2. राशन कार्ड हेतु आवेदक द्वारा भरा जाने वाला साधारण आवेदन पत्र सरल भाषा में खाद्य उपलब्ध रहेगा। यदि अपेक्षित हो तो पासपोर्ट आकार का फोटो भी लगाना होगा।
क्षेत्रीय अधिकारी/
ग्राम पंचायत
क्षेत्रीय कार्यालय
3. फार्म भरने और आवेदक के पक्ष में राशन कार्ड जारी करने से पहले अपनाई जाने वाली खाद्य प्रक्रिया समझाने के लिए उनकी सहायता करने हेतु विशेष व्यवस्था की गयी अधिकारी है।
ग्राम पंचायत
क्षेत्रीय कार्यालय
4. राशन कार्ड हेतु प्रत्येक आवेदन की तत्काल नियमानुसार पावती दी जायेगी और उपयुक्त पंजीकरण संख्या दी जायेगी।
5. यदि यथा-अपेक्षित सभी सूचनाएं सही प्रकार से दी गयी हो और प्रधिकारियों के लिए अपेक्षित सत्यापन तथा विभिन्न औपचारिकताएं पूरी करना संभव हो सके तो पावती-पर्ची में राशन कार्ड प्राप्त करने की तारीख का उल्लेख किया जायेगा।
6. यदि पावती-पर्ची में निर्दिष्ट तारीख को दिये जाने के लिए राशन कार्ड तैयार नहीं हो तो विलम्ब के कारण बताते हुए हर हालत मे सूचित करना होगा कि किस तारीख को राशन कार्ड उपलब्घ होने की संभावना है।
7. सभी राशन कार्ड धारकों को उपयुक्त परामर्श दिया जायेगा और उस उचित दर दुकान के बारे में उपयुक्त रूप से मार्गदर्शन किया जायेगा जहां वे आपूर्ति प्राप्त करने हेतु अपने कार्ड दर्ज करा करते है। इस संबंध में कार्डधारक को होने वाली किसी भी कठिनाई को दो दिन में हल करना होगा जिसके लिए कार्डधारक को सूचित करते हुए उचित दर की दुकान के लिए उपयुक्त निरीक्षण अधिकारी तैनात किया जायेगा।
8. राशन कार्ड जारी करने के संबंध में जनता के सम्पर्क में आने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी नामपट्टिका पहनेंगे और जनता की आवश्यकता को सहानुभूतिपूर्वक तथा तत्परता से पूरा करेंगे।
9. उन अधिकारियों के नाम, पदनाम, दूरभाष नम्बर और पत्ते संबंधित कार्यालय के परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किये जायेगें जिनसे राशन कार्ड के मिलने में विलम्ब होने अथवा आवेदन निरस्त होने के संबंध में शिकायती की जा सकती है।
10. सभी शिकायतें और अन्य पत्राचार विधिपूर्वक दर्ज किये जायेंगे और काउन्टर पर ही तत्काल अथवा डाक द्वारा सात दिन के अन्दर पावती दी जायेगीं।
11. ऐसी शिकायतों आदि के संबंध में अन्तिम उत्तर 30 दिन के अन्दर भेज दिया जायेगा।
12. कुशलतापूर्वक और प्रभावकारी ढ़ग से शिकायतों के देखेने और निपटान करने के लिए जहां कही संम्भव हो, कम्प्यूटरीकृत सूचना प्रणाली शुरू की जायेगी।
13. प्रभावकारी अचानक जांच करने की प्रणाली के जरिए फर्जी और अनाधिकृत राशन कार्डों का पता लगाने के लिए कदम उठाएं जायेंगे।
14. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा कवर किये जाने वाले, गरीबी की रेखा से नीचे के परिवारों की पहचान करने के लिए मानदण्ड पारदर्शी होगें और इनका व्यापक प्रचार किया जायेगा।
15. गरीबी रेखा से नीचे लक्षित समूह में शामिल करने अथवा न करने के बारे में शिकयतों पर ग्रामसभा जैसे निकायों अथवा इस प्रयोजन के लिए विशिष्ट रूप से नामित अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जायेगी जिसके बारे में ब्यौरे सभी संबंधित कार्यालयों में खास तौर से प्रदर्शित किये जायेगें।
16. गरीबी की रेखा से नीचे के परिवारों के लिए पहचानने योग्य सफेद रंग के विशेष कार्ड जारी किये गये है जिनसे वे विशेष रूप से राज्य सहायता प्राप्त दरों पर औसत वस्तुएं प्राप्त करने के हकदार होंगें।
10. उ0प्र0सरकार उचित दर की दुकानों को खाद्यान्नों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सुपुर्दगी करने तथा पारदर्शी और गणना करने योग्य ढ़ग से दुकान के जरिये इच्छुक लाभार्थियों को इसका वितरण करने के लिए त्रुटिरहित प्रबन्ध सुनिश्चित करेगी और उसे कार्यान्वित करेगी। राज्य सरकार विश्वसनीय वित्तीय और प्रशासनिक प्रबन्ध करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उचित दर की दुकानों को आवंटित खाद्यान्नों का भौतिक संग्रहण किया जाता है और बाद में इसे लाभार्थियों को जारी किया जाता है।
11. अनुश्रवण की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा के लिए लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत गरीबी की रेखा के नीचे की आबादी के लिए खाद्यान्नों की न्यूनतम आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु अपनी प्रतिबद्वता के अन्तर्गत प्रभावी अनुश्रवणात्मक कार्यवाही किये जाने की व्यवस्था की गयी है, ताकि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का जनोन्मुख, अत्यन्त पारदर्शी एवं लाभार्थियो के हितपरक बनाया जा सकें। अनुश्रवण व्यवस्था के अन्तर्गत जिलाधिकारियों/संम्भागीय खाद्य नियंत्रकों/सहायक खाद्य आयुक्तों एवं जिला पूर्ति अधिकारियों को खाद्य विभाग द्वारा यह स्पष्ट निर्देश जारी किये गये है कि जनपदों में खाद्य विभाग के अलावा अन्य विभाग यथा राजस्व, विकास विभाग से नोडल अधिकारियों को नामित कर जनपदों के ग्रामीण अंचलों में कार्डों की पड्तालिंग कर यह सुनिश्चित किया जाये कि वास्तविक राशन कार्ड प्राप्त लाभार्थी को शासन द्वारा अनुमन्य लाभ प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित कराया जा रहा है कि राशन कार्ड वास्तविक अर्ह लाभार्थी को ही निर्गत किया जाये तथा अपात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड निरस्त कर दिये जाये। खाद्यान्न के प्रत्यावर्तन/डाइवर्जन को रोकने के लिए जनपदों में त्रिस्तरीय चेंकिग व्यवस्था को प्रभावी ढ़ग से लागू किया गया है, जिसके अन्तर्गत
(1) पहली स्टेज पर थोक विक्रेता/गोदामों पर खाद्यान्न पहुंचने का सत्यापन राज पत्रित अधिकारी से कराया जाता है।
(2) दूसरी स्टेज पवर उचित दर विक्रेता को निकासी गोदाम से खाद्यान्न की निकासी के समय उसका शत-प्रतिशत आपूर्ति कर्मी/नामित राजस्व अधिकारी द्वारा कराया जाता है।
(3) तीसरी स्टेज पर उचित दर के दुकान पर खाद्यान्न पहुँचने के पश्चात् खाद्यान्न का सत्यापन ग्रामीण क्षेत्र में लेखपाल/जिलाधिकारी द्वारा नामित अन्य कर्मचारी एवं शहरी क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक द्वारा कराया जाता है।
उचित दर विक्रेताओं की कार्य पद्वति पर कड़ी निगाह रखने हेतु जनपद/ब्लाक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता समितियों का गठन भी किया गया है जो नियमित रूप से उचित दर विक्रेताओं की दुकान से बेचे जाने वाले अनूसूचित वस्तुओं की गुणवत्ता एवं उसके मूल्यों पर नियंत्रण रखती है, जिससे उपभोक्ताओं को खाद्यान्न सुचारू रूप से उपलब्ध हो सकें।
निरीक्षण और जांच
12. इस प्रणाली को अधिक प्रभावकारी और कुशल बनाने तथा जवाबदेही निर्धारित करने के लिए उ0प्र0 सरकार ने सभी अधिकारियों के लिए एक निरीक्षण अनुसूची निर्धारित की है। इन निरीक्षणों के दौरान उचित दर की दुकानों के जरिये सप्लाई किये जा रहे राशन की क्वालिटी और मात्रा, उचित दर की दुकानों को खोलने और बंद करने, उचित दर की दुकानों के सुचारू रूप से कार्य करने, लाभार्थियों के साथ मालिकों/इसके कार्यकर्ताओं के व्यवहार की जांच की जायेगी।
सूचना संबंधी अधिकार
13. प्रत्येक उचित दर की दुकान लाभार्थियों के लिए विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की हकदारी,निर्गम मूल्य, उचित दर की दुकानदारों के नाम, दुकान खुलने और बन्द करने का समय और साप्ताहिक छुट्टी का दिन, स्टाक स्थिति आदि जेसी सूचना स्पष्ट स्थान पर प्रदर्शित करेगीं।
14. उचित दर की दुकानें, राशन की क्वालिटी ओर मात्रा, एवं लाभार्थियों द्वारा अपना राशन लेने के दौरान पेश आई अन्य समस्याओं के संदर्भ में शिकायतें दर्ज करने की कार्यविधि नोटिस बोर्ड पर दर्शायेंगी।
15. उचित दर की दुकान से सम्बद्ध उपभोक्ता को उचित दर की दुकान पर स्टाक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और राशन कार्ड रजिस्टर का निरीक्षण करने का हक होगा।
16. जिला, ब्लॉक और उचित दर की दुकानों को किये गये विभिन्न वस्तुओं के आवंटन के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। पंचायत और नगर पालिका को प्रत्येक माह किये गये आवंटन और वास्तविक वितरण की मात्रा के बारे में सूचित किया जायेगा।
17. निर्धारित फीस अदा करने पर कोई भी व्यक्ति आपूर्ति अधिकारी से किसी उचित दर की दुकान को आवंटित वस्तुओं और उसके द्वारा जारी वस्तुओं के बारे में तीन महीनों तक की अवधि का विवरण प्राप्त कर सकता है।
सतर्कता और जन सहभागिता
18. उत्तर प्रदेश सरकार, दुकान/पंचायत/वार्ड/जिला/राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर योजना की कार्य प्रणाली की अत्यधिक समीक्षा करने के लिए सतर्कता समिति गठित करेगी जिसमें सरकारी अधिकारी, सामाजिक संगठन, उपभोक्ता संगठन तथा स्थानीय निकाय के सदस्यों आदि को शामिल किया जायेगा।
1. जनपद स्तर पर जनपद स्तरीय तथा दुकान स्तरीय सर्तकता समितियाँ गठित की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक समितियॉ से कार्य लिया जायेगा।
2. जिला स्तरीय समितियॉ प्रत्येक जिला स्तरीय समिति में लाभार्थी समूहों, सामाजिक/उपभोक्ता संगठनों, जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों जैसे विभिन्न क्षेत्र के लगभग 10 सदस्य होंगे और इसके अध्यक्ष जिला अधिकारी होंगे। जिला अधिकारी को काफी हद तक अपने स्तर पर समस्याओं का हल करने का भी प्राधिकार दिया गया है और जब कभी यह सम्भव न हो तो वे इसे अपनी सिफारिश सहित राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति सचिव को सन्दर्भित करेंगे।
3. राज्य/संघ राज्य स्तरीय समिति यह राज्य सरकार द्वारा गठित की जायेगी। इसमें सरकार के सम्बन्धित वरिष्ठ स्तर के अधिकारी, संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य, उपभोक्ता, कार्यकर्ता युवा और महिला संगठनों के सदस्य होंगे। यह समिति मुख्यमंत्री अथवा राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कार्य करेगी और यह राज्य में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना के समग्र कार्यकलापों, पूरें राज्य में इस योजना को सुचारू रूप से चलाने में पेश आ रही समस्याओं/कठिनाईयों, यदि कोई हो, की तिमाही समीक्षा करेगी। समिति के सदस्य उचित दर दुकानों का दौरा करेंगे, योजना के लाभार्थियों और खाद्य तथा नागरिक आपूर्ति विभागों, आदि के अधिकारियों से मिलेंगे और स्थल पर समस्याओं को हल करने का प्रयास करेगे। ऐसी समस्या, जिसे अन्तिम निर्णय के लिए राज्य सरकार अथवा केन्द्रीय सरकार के संज्ञान में लाने की आवश्यकता है, सम्बन्धित सरकार के संज्ञान में लायी जायेंगी, जिस पर वे अपने सत्राधिकारी के अन्दर निर्णय लेंगी।
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्यो में लगे कार्मिको को प्रशिक्षण
19. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्यान्वयन में लगे स्टाफ को प्रेरित करने के लिये कार्यशाला सहित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम युवा और महिला संगठनों सहित स्वयं सेवी उपभोक्ताओ और सामाजिक संगठनों के सहयोग से तैयार और व्यवस्थित किये जायेगे। उ0प्र सरकार कर्मियो, यदि कोई हो, पर कार्यवाही करते समय अच्छा कार्य करने वालो को उचित प्रोत्साहन देने पर भी विचार करेगी।
20. उ0प्र0 सरकार इस चार्टर के जरिए गरीबो पर अपना ध्यान केन्द्रित करने सहित लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की अपनी वचनबद्धता दोहराना चाहेगी और लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कुशल, प्रभावकारी और सफल कार्यान्वयन के लिये सम्बन्धित सभी ऐजेन्सियों से यह आशा की जाती है कि वे अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
नागरिको की जिम्मेदारी
इसके बदले में उ0प्र0 सरकार नागरिको से यह आशा करती है कि –
1. सुविधाओ का दुरूपयोग न करे और किसी भी कदाचार में लिप्त न हो अथवा उसे प्रोत्साहित न करे।
2. अनियमितता अथवा अन्य कदाचारों के किसी मामले में संज्ञान में आने पर सम्बन्धित प्राधिकारियों को तुरन्त अवगत कराये।
3. इस चार्टर में सुधार करने के लिये सुझाव,यदि कोई हो, तासे वह निम्नलिखित को भेजे सचिव/प्रमुख सचिव खाद्य तथा रसद उ0प्र0 शासन,लखनऊ।
21. राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग जिला खाद्य और नागरिक आपूर्ति कार्यालय,भारतीय खाद्य निगम/राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के निर्गम डिपो और उचित दर की दुकानों के लिये एक पृष्ट का नमूना चार्टर क्रमशः उपबंध-1,2,3,और 4 के रूप में संलग्न है जो कार्यालय में विशेष स्थान पर प्रदर्शित किया जा सकता है जिसे उपभोक्ता आसानी से देख सके।
उपबन्ध-1
राज्य खाद्य और नागरिक आपुर्ति विभाग/निगम के लिये एक पृष्ठ का चार्टर
1. राशन कार्ड धारको की पात्रता,जिला/उप मण्डलो को जिन्होने आवंटन ब्योरे इत्यादि का उचित प्रचार-प्रसार किया जायेगा।
2. उचित दर की दुकान और मिट्टी के तेज के डिपो खोलने सम्बन्धी मानदण्डो की जानकारी आम जनता को दी जायेगी। आवेदनों की विधिवत पावती दी जायेगी
3. खाद्यान्नों की गुणवत्ता और तौल के बारे में शिकायत, शिकायत कक्ष में निम्नलिखित पते पर की जा सकती हैः-
नाम — — — — — — — — — — — — — — — — — — — —
पता — — — — — — — — — — — — — — — — — — — —
दूरभाष नं0 — — — — — — — — — — — — — — — — — –
उपबन्ध-2
खाद्य और नागरिक आपूर्ति के जिला कार्यालय के लिये एक पृष्ठ का चार्टर
1. राशन कार्ड से सम्बन्धित किसी भी मुद्दे और उचित दर दुकान से सम्बन्धित किसी असुविधा/शिकायत के समाधान के लिये भी हमसे सम्पर्क किया जा सकता है।
2. हम सभी याचिकाये दर्ज करेंगे और काउनटर पर पावती जारी करेंगे। याचिकाओ को अनितम रूप से उत्तर 30 दिनों के अन्दर जारी किया जायेगा
उपबन्ध-3
खाद्य और नागरिक आपूर्ति के जिला कार्यालय के लिए एक पृष्ठ का ÷चार्टर’
1. राशन कार्ड से सम्बन्धित किसी भी मुद्दे और उचित दर दुकान से सम्बन्धित किसी असुविधा/शिकायत के समाधान के लिए भी हमसे सम्पर्क किया जा सकता है।
2. हम सभी याचिकायें दर्ज करेंगे और काउन्टर पर पावती जारी करेंगे। याचिकाओं को अन्तिम रूप से उत्तर 30 दिनों के अन्दर जारी किया जायेगा।
3. राशन कार्डों से सम्बन्धित याचिकाओं का निपटान नीचे दर्शायी गयी विशिष्ट समय-सारिणी के अन्दर किया जायेगा।
कार्य का मदसमय-सीमा1. परिवार/सदस्यों के नाम शामिल करना/कटना (एरिया राशनिंग कार्यालय को प्रस्तुत करके)1. अपेक्षित प्रमाण-पत्र सहित राशन कार्ड के साथ प्रस्तुत करने पर उसी दिन (जहॉ कहीं आवश्यक हो)
2. यदि वास्तविक सत्यापन आवश्यक हो, तो सात दिन के अन्दर (नाम जोड़ने के लिए)2. उचित दर की दुकानों के उसी क्षेत्र में पता बदलना।उसी दिन3. उचित दर की दुकान में बदलाव सहित पते में परिवर्तन।सात दिन4. अन्य शहरों में परिवार अंतरित होने पर अथवा अन्य कारणों से अभ्यर्पण प्रमाण पत्र जारी करना।उसी दिन5. प्रदेश में नया राशन कार्ड जारी करना (अभ्यर्पण प्रमाण-पत्र सहित)सात दिन6. प्रदेश में परिवर्तन की स्थिति में नये राशन कार्ड जारी करना।दो सप्ताह
4. किसी भी इच्छुक नागरिक द्वारा मांगने पर हम नामपत्र की फीस पर उसे उचित दर दुकान द्वारा जारी की गयी मात्रा, उचित दर में राशन कार्डो का रजिस्टर, उचित दर दुकानों को जिन्सों के आवंटन की प्रति उपलब्ध करायेगें।
उपबन्ध-4
भारतीय खाद्य निगम/नागरिक आपूर्ति निगम के निर्गम डिपो के लिए एक पृष्ठ का चार्टर
1. हम सील लगे हुए पारदर्शी कन्टेनर/प्लास्टिक के बैगों में आपूर्ति किये गये खाद्यान्नों की क्वालिटी का प्रदर्शन करेंगे और इस प्रकार का एक बैंगों उचित दुकान के डीलर को उचित दर की दुकान पर प्रदर्शित करने के लिए दिया जायेगा।
2. हम गरीबी की रेखा से नीचे के परिवारों और गरीबी की रेखा के ऊपर के परिवारों दोनों के लिए आपूर्ति किये गये खाद्यान्नों के मूल्य और इकनॉमिक लागत मूल्य को भी प्रदर्शित करेंगे।
3. आपूर्ति किये गये खाद्यान्नों की क्वालिटी’ अनुमोदित और विर्निदिष्टियों के अनुसार होगी।
4. पैसे जमा कराने के बाद खाद्यान्न जारी करने के लिए समय-सीमा घंटों में निर्धारित है।
5. उचित दर दुकान क, डीलर को बेची जाने वाली जिन्स का नमूना लेने का पात्र है और गवाह की उपस्थिति में उन्हें सील करवाएगा और इसकी क्वालिटी के बारे में इस कार्यालय को शिकायत दर्ज करा सकता है। जिला कार्यालय का पता और दूरभाष नम्बर निम्नानुसार हैं।
इस पते पर मूल्य गुणवत्ता और तौल के बारे में किसी भी प्रकार के कदाचार अनियमितता/शिकायत को भी दर्ज कराया जा सकता है।
उपबन्ध-4 अ
उचित दर की दुकानों के लिए एक पृष्ठीय चार्टर
1. इस दुकान से सम्बद्ध राशन कार्ड धारकों को उचित दर की इस दुकान पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वस्तुएं अर्थात चावल, गेंहूँ, चीनी, खाद्य तेल, मिटटी का तेल उपलब्ध किया जाता है। दुकान का कार्य समय, देय सामग्री की मात्रा, सामग्री का मूल्य, स्टाक की स्थिति तथा मालिक का नाम का बोर्ड अलग दर्शाया गया है।
2. गरीबी रेखा के नीचे आने वाले विशेष कार्ड धारक परिवारों को 20 किलोग्राम खाद्यान्न (चावल, गेंहूँ अथवा दोनों निम्नलिखित दर पर प्रतिमाह दिया जायेगा)।
चावल……………………………………. रू0 प्रति किलोग्राम
गेंहूँ……………………………………… रू0 प्रति किलोग्राम
3. उचित दर की इस दुकान के कार्डधारक स्टाक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर तथा राशन कार्ड रजिस्टर का निरीक्षण कर सकते हैं।
4. इस उचित दर की दुकान की कार्यप्रणाली की निगरानी एक सर्तकता समिति द्वारा की जाती है। कोई भी शिकायत निम्नलिखित अधिकारी को भेजी जा सकती है।
नाम ………………………………………..
पता ………………………………………..
दूरभाष ……………………………………….
(सामाजिक कार्यकर्ता, स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन, स्थानीय निकाय/पंचायत सदस्य इत्यादि)
5. शिकायत निम्नलिखित सरकारी अधिकारी को भेजी जा सकती है।
नाम ………………………………………
पता ……………………………………….
दूरभाष …………………………………..
उपबन्ध-4 ब
उचित दर की दुकान पर प्रदर्शित करने हेतु सूचनाए
समय…………पूर्वान्ह से…………अपरान्ह लंच का समय………….पूर्वान्ह से……….अपरान्ह साप्ताहिक अवकाश……….
1. अन्य ब्यौरे के साथ उचित दर की दुकान की क्रम संख्या (यदि कोई हो)
2. उचित दर की दुकान के साथ सम्बद्ध विशेष राशन कार्डों की कुल संख्या
3. सर्तकता/प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष/सदस्य का नाम/पता
4. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जिन्सों के ब्यौरे
दिनांक………………
क्र0 सं0जिन्स का नामअवशेष स्टाकदर प्रति कि0ग्रा0प्रति कार्ड/ यूनिट पात्रताइतिशेष स्टाक (उचित दर की दुकान बन्द होने के समय)123456
चीनी
खाद्यान्न
तेल
मिटटी का तेल
1. स्थानीय एजेंसी का नाम, पता और टेलीफोन नं0………………………..(यदि कोई हो) जिसे शिकायत की जा सकती है। (अर्थात् सामाजिक कार्यकर्ता, स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन, स्थानीय निकाय/पंचायत के सदस्य आदि)।
2. राज्य सरकार के अधिकारी का नाम……………………………………………… पता और टेलीफोन नं0………………………………………………………….
Ration Card लिस्ट से जुड़े कुछ संबंधित महत्वपूर्ण सवाल
Q. राशन कार्ड लिस्ट कैसे देखें
A. आप अपने राज्य के खाद्य सुरक्षा पोर्टल पर जाकर राशन कार्ड लिस्ट की जांच कर सकते हैं इसके लिए आपको होम पेज पर राशन कार्ड लिस्ट पता सूची से संबंधित विकल्प पर क्लिक करना होगा और उसके बाद आप अपने अंतर्गत राशन कार्ड की जांच कर सकते हैं जी ब्लॉक और राशन कार्ड दुकानदार आपको नंबर पर क्लिक करना होगा इसके बाद आपके पास सामने राशन कार्ड पता सूची आ जाएगी
Q. यदि आपका नाम Ration Card का लिस्ट से हटा दिया गया है तो क्या करें
A. यदि आपका नाम Ration Card लिस्ट में मौजूद नहीं है और कट गया है तो आपको राशन कार्ड लिस्ट में शामिल होने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ फिर से राशन कार्ड के लिए आवेदक करना होगा
Q. राशन कार्ड पर मुखिया का नाम कैसे बदलें
A. यदि आप Ration Card पर मुखिया का नाम बदलना चाहते हैं तो आपको राशन कार्ड सुधार फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने ब्लॉक में राशन कार्ड से संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा।
Q. कितने साल के बच्चों का राशन कार्ड में नाम जोड़ा जा सकता है
A. Ration Card पर किसी भी उम्र के लिए बच्चों का नाम दर्ज हो सकता है इसमें ओम की कोई सीमा नहीं है
Q. NFSA हेल्पलाइन फोन नंबर
A. NFSA हेल्पलाइन नंबर 14445
Q. क्या राज की राशन कार्ड पता सूची देखने के लिए किसी प्रकार का शुल्क देना होगा
A. नहीं राज की पात्र सूची देखने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
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