यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है. दरअसल केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण डिपार्टमेंट ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए भरे जाने वाले कुल 933 पदों का सर्विस वाइज ब्योरा जारी कर दिया है. इस बार ऑल इंडिया सर्विसेज और केंद्रीय सेवाओं में पदों की संख्या पिछले साल की तुलना में कम है. सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय विदेश सेवा समेत कई ग्रुप ए और बी सेवाओं में अधिकारियों का चयन किया जाएगा. वहीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 में 2026 को आयोजित होगी.
आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के कितने पद खाली?
यूपीएससी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार आईएएस के कुल 180 पद खाली है. इनमें 72 पद अनारक्षित है, 27 पद एससी, 14 पद एसटी, 49 पद ओबीसी और 18 पद ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित है. वहीं आईपीएस में कुल 150 पद खाली है. इनमें 62 पद अनारक्षित, 19 पद एससी, 17 पद एसटी, 37 पद ओबीसी और 15 ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए रखे गए हैं. इसके अलावा आईएफएस के लिए 40 पद तय किए गए हैं. जिनमें 16 अनारक्षित, 6 एससी, 3 एसटी, 11 ओबीसी और 4 ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा भारतीय राजस्व सेवा में 94 और आईआरएस में 180 पद शामिल है. वहीं बाकी केंद्रीय सेवाओं को मिलाकर कुल 933 पद खाली है.
कैटेगरी वाइज कुल पद किस प्रकार?
यूपीएससी के अनुसार कुल 933 पदों में कैटिगरी वाइज देखें तो 397 पद अनारक्षित, 243 ओबीसी, 133 एससी, 72 एसटी और 88 पद ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं. वहीं दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कुल 33 पद आरक्षित है.
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कैसे होती है यूपीएससी में चयन प्रक्रिया?
सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित होती है. सबसे पहले प्रीलिम्स होती है, उसमें सफल उम्मीदवारों को मेंस के लिए बुलाया जाता है. इसके बाद मेंस में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शामिल होता है. वहीं फाइनल मेरिट लिस्ट मेन्स के 1750 अंकों और इंटरव्यू के 275 अंकों में प्रदर्शन के आधार पर तैयार की जाती है.
2026 से फेस ऑथेंटिकेशन भी जरूरी
2026 से सिविल सेवा समेत यूपीएससी की सभी परीक्षाओं में परीक्षा केंद्र पर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जाएगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी. ताकि फर्जी परीक्षार्थियों पर रोक लगाई जा सके. इसके अलावा नई व्यवस्था में दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र देने की सुविधा भी लागू होगी. वहीं यूपीएससी ने प्रश्न पत्र और आंसर की पर आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 7 दिन से घटकर 5 दिन कर दी गई है. अब प्रीलिम्स के बाद उम्मीदवारों को 5 दिन के अंदर अपनी आपत्ति दर्ज करानी होगी. वहीं नए प्रावधानों के अनुसार जो उम्मीदवार पहले से आईएएस, आईएफएस पदों पर कार्यरत हैं वो यूपीएससी 2026 परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे.
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