UPSC Result 2025: यूपीएससी सीएसई 2025 में 958 कैंडिडेट्स सफल, जानें इन्हें कब से मिलने लगेगी सैलरी?

aditisingh
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UPSC Result 2025: भारत की सबसे मुश्किल परीक्षा के नतीजों का लंबे समय से चल रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने सिविल सर्विस एग्जामिनेशन 2025 के फाइनल नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस साल आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी जानी-मानी सेवाओं में नियुक्ति के लिए कुल 958 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है. इसी बीच आइए जानते हैं कि इन चुने हुए उम्मीदवारों को उनकी सैलरी कब से मिलनी शुरू होगी.

कब मिलेगी सैलरी?

चुने हुए उम्मीदवारों को नतीजे की घोषणा के तुरंत बाद उनकी सैलरी नहीं मिलती है. उनकी सैलरी तभी शुरू होती है जब वह अपनी-अपनी ट्रेनिंग एकेडमी में शामिल होते हैं. एकेडमी को ज्वाइन करने के बाद ट्रेनी ऑफिसर को ट्रेनिंग के पहले महीने के आखिर में उनकी पहली सैलरी मिलती है. इस सैलरी को टेक्निकल ट्रेनिंग पीरियड के दौरान स्टाइपेंड माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वे अभी भी प्रोबेशन से गुजर रहे होते हैं और एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारियां सीख रहे होते हैं. ट्रेनिंग आमतौर पर रिजल्ट घोषित होने के कुछ महीनो बाद शुरू होती है, जब सरकार सर्विस एलोकेशन और अपॉइंटमेंट लेटर का फॉर्मल प्रोसेस पूरा कर देती है. 

कब से शुरू होगी ट्रेनिंग? 

फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद सरकार सर्विस एलोकेशन की प्रक्रिया शुरू करती है. इस प्रक्रिया से यह तय होता है कि कोई कैंडिडेट आईएएस, आईपीएस, आईएफएस या फिर दूसरी सेंट्रल सर्विस में शामिल होगा या नहीं. इस प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 4 से 6 हफ्ते लगते हैं. उसके बाद चुने गए कैंडिडेट को उनके जॉइनिंग लेटर मिल जाते हैं. इसी के साथ ट्रेनिंग आमतौर पर उसी साल अगस्त और सितंबर के बीच शुरू हो जाती है.

ट्रेनिंग के दौरान बेसिक पे 

अपने प्रोबेशन पीरियड के दौरान  ट्रेनी ऑफिसर्स को 7वें पे कमीशन के लेवल 10 पे स्केल के आधार पर सैलरी मिलती है. बेसिक पे ₹56,100 हर महीने है. यह रकम उन ऑफिसर्स के लिए शुरुआती सैलरी है जो आईएएस, आईपीएस और दूसरे ग्रुप A सिविल सर्विस जैसी सर्विस में शामिल होते हैं.

ट्रेनिंग के दौरान इन हैंड स्टाइपेंड 

अपने 2 साल की ट्रेनिंग पीरियड के दौरान ऑफिसर को एकेडमी द्वारा दी जाने वाली अलग-अलग सुविधाओं के लिए डिडक्शन के बाद स्टाइपेंड मिलता है. मेस फीस, हॉस्टल में रहने की जगह, यूनिफॉर्म और ट्रेनिंग एक्टिविटी जैसे खर्चे बेसिक सैलरी से काटे जाते हैं. यह डिडक्शन आमतौर पर हर महीने ₹10000 से ₹20000 के बीच होते हैं. इन कटौती के बाद ट्रेनिंग ऑफिसर्स आमतौर पर अपनी ट्रेनिंग के दौरान हर महीने लगभग ₹35000 से ₹40000 का इन हैंड स्टाइपेंड ले पाते हैं.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.