Urinary Health Symptoms: यूरिन की समस्या को न करें इग्नोर! किडनी से लेकर हार्ट तक की गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत

सतीश कुमार
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Is Frequent Urination a Sign of Diabetes: यूरिन संबंधी सेहत को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. बार-बार यूरिन आना, जलन होना या यूरिन की धार कमजोर होना जैसी समस्याओं को कई लोग मामूली मान लेते हैं या उम्र बढ़ने का हिस्सा समझते हैं. लेकिन ये लक्षण शरीर के भीतर चल रही किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकते हैं. समय रहते ध्यान न दिया जाए तो छोटी परेशानी गंभीर बीमारी में बदल सकती है. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉ. माधव सान्जगिरी ने मनीकंट्रोल से बात करते हुए कहा कि शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है. आज जांच और इलाज के आधुनिक तरीकों की वजह से कई यूरोलॉजिकल बीमारियों को शुरुआती चरण में ही कंट्रोल किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, एक साधारण-सी लगने वाली यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन अगर समय पर ठीक न की जाए तो इंफेक्शन यूरिनरी ब्लैडर से किडनी तक फैल सकता है. इससे किडनी में गंभीर इंफेक्शन, यहां तक कि सेप्सिस जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा हो सकती है.

क्या होते हैं इसके लक्षण?

कभी-कभी किडनी की बीमारी लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के बढ़ती रहती है. यूरिन कम आना या यूरिन में खून आना शुरुआती संकेत हो सकते हैं. क्रॉनिक किडनी डिजीज कई बार तब पकड़ में आती है, जब काफी नुकसान हो चुका होता है. पुरुषों में यूरिन शुरू करने में दिक्कत, बूंद-बूंद टपकना या रात में बार-बार यूरिन के लिए उठना प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है. अक्सर इसे सामान्य बढ़ती उम्र का असर समझ लिया जाता है, लेकिन कभी-कभी यह इंफेक्शन या कैंसर का भी संकेत हो सकता है.

महिलाओं में क्या दिखते हैं संकेत?

महिलाओं में पेशाब रोक न पाना या अचानक तेज पेशाब लगना आमतौर पर उम्र से जोड़ा जाता है, लेकिन यह ब्लैडर की काम करने की क्षमता या नसों से जुड़ी समस्या का परिणाम भी हो सकता है. अगर अनदेखा किया जाए तो यह डेली लाइफ, नींद और मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकता है. यूरिन में दर्द या खून आने जैसे लक्षण पथरी की ओर इशारा कर सकते हैं. किडनी या ब्लैडर स्टोन बड़े होकर रुकावट, इंफेक्शन और तेज दर्द का कारण बन सकते हैं.

हार्ट की हो सकती है समस्या

रात में बार-बार पेशाब आना डायबिटीज या हार्ट संबंधी समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है. खून में शुगर बढ़ने पर किडनी को ज्यादा काम करना पड़ता है, जिससे यूरिन की मात्रा बढ़ जाती है. एक्सपर्ट का मानना है कि यूरिन संबंधी लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. समय पर जांच से इलाज आसान, सस्ता और कम दिक्कत हो सकता है. शरीर के संकेतों को समझकर डॉक्टर से सलाह लेना न सिर्फ ब्लैडर की सेहत बल्कि पूरे शरीर की भलाई के लिए जरूरी है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.