US China Relations : यूएस के कदम से फिर बढ़ी दो महाशक्तियों के बीच टेंशन,

सतीश कुमार
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US China Relations: दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं United States और China के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. बीजिंग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका वर्ष 2020 के ‘फेज वन’ ट्रेड समझौते की समीक्षा को आगे बढ़ाकर नए टैरिफ लगाने की दिशा में कदम उठाता है, तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए “सभी आवश्यक उपाय” करेगा. इससे पहले वाशिंगटन ने संकेत दिया था कि वह इस समझौते के अनुपालन की जांच को आगे बढ़ा सकता है.

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer की टिप्पणियों के जवाब में Ministry of Commerce of the People’s Republic of China ने कहा कि कोविड-19 महामारी से आई बाधाओं के बावजूद चीन ने फेज वन समझौते का सम्मान किया, बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) नियमों का पालन किया और वित्तीय व कृषि क्षेत्रों में बाजार खोले.

चीन की वॉर्निंग

मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने निर्यात नियंत्रण (Export Controls) को सख्त किया, जिससे दोतरफा निवेश प्रभावित हुआ और सामान्य व्यापारिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचा. चीन ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका जांच के आधार पर नए टैरिफ लगाता है, तो बीजिंग अपने वैधानिक अधिकारों और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जवाबी कदम उठाने से नहीं हिचकेगा.

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का बीजिंग दौरा प्रस्तावित है. 2017 के बाद यह उनका पहला संभावित चीन दौरा माना जा रहा है. इसके साथ ही यह घटनाक्रम उस पृष्ठभूमि में हो रहा है जब Supreme Court of the United States ट्रंप के कुछ टैरिफ उपायों को अमान्य कर चुका है.

क्यों बढ़ सकती है टेंशन?

विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद फिर गहराता है, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, कमोडिटी बाजारों और इक्विटी मार्केट में व्यापक अस्थिरता देखी जा सकती है. इस साल की शुरुआत में United States और China के बीच उस समय भी तनाव चरम पर पहुंच गया था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कई देशों पर व्यापक टैरिफ लगाने की घोषणा की थी. इन टैरिफ कदमों का असर वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और शेयर बाजारों पर भी पड़ा था.

हालांकि बाद में दोनों देशों के बीच हुए व्यापार समझौते और वार्ताओं के जरिए स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई और आपसी रिश्तों में आई कड़वाहट कम हुई. लेकिन अब फिर से जांच और संभावित नए टैरिफ की चर्चा ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि टैरिफ युद्ध दोबारा तेज होता है, तो इसका असर न सिर्फ अमेरिका और चीन बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, खासकर उभरते बाजारों और निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्थाओं पर.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.