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Uttarakhand labour card online apply : ऑनलाइन आवेदन

satish
By satish On October 24, 2026
8 min read • 1.2k views
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अगर आप उत्तराखंड में निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर हैं — राजमिस्त्री, बढ़ई, प्लंबर, पेंटर, बेलदार, या मनरेगा में काम करने वाले श्रमिक — तो आपके लिए एक ऐसा कार्ड है जो सिर्फ पहचान पत्र नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का दरवाजा भी है। इसे लेबर कार्ड या श्रमिक कार्ड कहा जाता है, और इसे जारी करता है उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCWWB)।

बहुत से मजदूर भाई-बहनों को पता ही नहीं होता कि यह कार्ड कैसे बनवाया जाता है, कहां जाना होता है, कितने पैसे लगते हैं, और इससे क्या-क्या फायदे मिलते हैं। इस लेख में हम उत्तराखंड लेबर कार्ड ऑनलाइन आवेदन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात आसान हिंदी में समझाएंगे। नीचे दी गई जानकारी सरकारी स्रोतों और ताज़ा अपडेट पर आधारित है, ताकि आपको कोई भ्रम न हो और आप सही तरीके से आवेदन कर सकें।

ध्यान दें: इस लेख में दी गई जानकारी 2026 तक के सरकारी रिकॉर्ड और अपडेट पर आधारित है। नियमों में बदलाव हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट ukbocw.uk.gov.in पर एक बार जरूर देख लें।


उत्तराखंड लेबर कार्ड क्या है और क्यों जरूरी है?

उत्तराखंड लेबर कार्ड एक सरकारी पहचान पत्र है जो यह प्रमाणित करता है कि आप राज्य में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं। यह कार्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के तहत बनाया जाता है, और राज्य के श्रम विभाग के अंतर्गत कल्याण बोर्ड द्वारा जारी किया जाता है ।

सबसे जरूरी बात यह है कि बोर्ड की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए यह कार्ड होना अनिवार्य है। चाहे पेंशन हो, बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता हो, शादी में आर्थिक मदद हो, या दुर्घटना में सहायता — कार्ड के बिना आवेदन नहीं हो सकता । यह कार्ड निर्माण स्थल पर काम करने वाले श्रमिक के लिए एक तरह का सुरक्षा कवच है, जो उसे और उसके परिवार को कठिन समय में सहारा देता है।


उत्तराखंड लेबर कार्ड के फायदे: सिर्फ पहचान नहीं, जीवनभर का सहारा

लेबर कार्ड सिर्फ एक कार्ड नहीं है। यह आपको उत्तराखंड सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ता है। बोर्ड द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं और उनके लाभों की बात करें तो चित्र कुछ इस तरह है:

योजना का नाम लाभ की राशि / विवरण
पेंशन 60 वर्ष से अधिक: ₹1,000/माह; 65 वर्ष से अधिक: ₹1,500/माह
पारिवारिक पेंशन श्रमिक की मृत्यु पर: ₹500/माह
मकान खरीद/निर्माण ₹50,000 तक अग्रिम ऋण (शर्तों के अधीन)
शौचालय निर्माण ₹12,000 (दो किस्तों में)
रसोई निर्माण ₹8,000
विकलांगता सहायता ₹1,000/माह
मृत्यु पर सहायता (कार्यस्थल) ₹5,00,000
मृत्यु पर सहायता (कार्यस्थल के बाहर) ₹2,00,000
अंतिम संस्कार सहायता ₹10,000
बच्चों की शिक्षा कक्षा 1-5: ₹200/माह से लेकर उच्च शिक्षा: ₹2,500/माह तक
शादी सहायता 2 बेटियों के लिए: ₹51,000; स्वयं (महिला): ₹51,000
मातृत्व सहायता ₹10,000

ये राशि सीधे आपके बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है। यानी अगर आपका लेबर कार्ड सक्रिय है, तो आप इन सभी सुविधाओं के लिए पात्र हैं। लेकिन अगर कार्ड की अवधि समाप्त हो गई और नवीनीकरण नहीं कराया, तो आप इन लाभों से वंचित हो सकते हैं ।


उत्तराखंड लेबर कार्ड के लिए पात्रता: कौन आवेदन कर सकता है?

हर कोई इस कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकता। बोर्ड ने कुछ शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है:

1. उत्तराखंड का निवासी या वहां काम करने वाला श्रमिक
आवेदक को उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए, या राज्य में निर्माण कार्य में लगा होना चाहिए ।

2. उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच
18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र वाले श्रमिक इस कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं ।

3. निर्माण कार्य में लगे होना चाहिए
आपको भवन निर्माण, सड़क, पुल, बांध, सुरंग, सिंचाई परियोजना, बिजली उत्पादन/वितरण, या ऐसे ही किसी निर्माण कार्य से जुड़ा होना चाहिए। राजमिस्त्री, बढ़ई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, बेलदार — सभी शामिल हैं। मनरेगा में निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक भी पात्र हैं ।

4. पिछले एक साल में कम से कम 90 दिन काम का प्रमाण
यह सबसे अहम शर्त है। आपको यह प्रमाणित करना होगा कि पिछले 12 महीनों में आपने कम से कम 90 दिन निर्माण श्रमिक के रूप में काम किया है। यह प्रमाण पत्र ठेकेदार, नियोजक, या संबंधित विभाग से लेना होता है। अगर यह प्रमाण नहीं है, तो आवेदन अस्वीकार हो सकता है ।

5. फैक्ट्री या खान मजदूर इस बोर्ड में नहीं आते
अगर आप किसी फैक्ट्री या खान में काम करते हैं, तो यह कार्ड आपके लिए नहीं है। यह सिर्फ निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए है ।


लेबर कार्ड और ई-श्रम कार्ड में क्या अंतर है?

बहुत से लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन ये बिल्कुल अलग हैं:

बात लेबर कार्ड (BOCW) ई-श्रम कार्ड
कौन जारी करता है उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (राज्य सरकार) केंद्र सरकार (श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय)
किसके लिए सिर्फ निर्माण श्रमिक सभी असंगठित श्रमिक (खेतिहर, घरेलू कामगार, रेहड़ी वाले, ड्राइवर आदि)
उम्र सीमा 18 से 60 वर्ष 16 से 59 वर्ष
मुख्य शर्त पिछले 12 महीनों में 90 दिन निर्माण कार्य EPFO/ESIC सदस्य नहीं, इनकम टैक्स नहीं
मुख्य लाभ राज्य बोर्ड की सभी योजनाएं ₹2 लाख दुर्घटना बीमा, UAN नंबर
फीस ₹100 (पंजीकरण/नवीनीकरण) मुफ्त

दोनों कार्ड अलग हैं और दोनों बनवाए जा सकते हैं। अगर आप निर्माण श्रमिक हैं, तो लेबर कार्ड से आपको राज्य की योजनाओं का लाभ मिलेगा, और ई-श्रम कार्ड से केंद्र सरकार का दुर्घटना बीमा ।


उत्तराखंड लेबर कार्ड ऑनलाइन आवेदन: असल में कैसे होता है?

यहां एक बहुत जरूरी बात समझ लीजिए। बहुत सी वेबसाइटें “ऑनलाइन आवेदन” कहकर आपको भ्रम में डाल सकती हैं। सच्चाई यह है कि उत्तराखंड में लेबर कार्ड का आवेदन पूरी तरह से घर बैठे खुद नहीं किया जा सकता। बोर्ड ने CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) यानी जन सेवा केंद्र के साथ समझौता किया है, जिसके तहत आप नजदीकी जन सेवा केंद्र या श्रमिक सुविधा केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं ।

यानी प्रक्रिया “ऑनलाइन” है, लेकिन माध्यम “ऑफलाइन” है — आपको केंद्र पर जाना होगा, वहां के ऑपरेटर आपका फॉर्म ऑनलाइन भरेंगे और दस्तावेज अपलोड करेंगे।

चरण-दर-चरण आवेदन प्रक्रिया

चरण 1: नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) खोजें
अपने गांव या शहर के पास का CSC केंद्र ढूंढें। अगर नहीं पता तो ब्लॉक कार्यालय या श्रम विभाग के दफ्तर से पूछ सकते हैं। टिहरी जैसे जिलों में 18 से ज्यादा CSC केंद्र अधिकृत किए गए हैं ।

चरण 2: जरूरी दस्तावेज लेकर जाएं
नीचे दी गई दस्तावेजों की सूची देखें। सभी कागजों की मूल कॉपी और फोटोकॉपी साथ लेकर जाएं।

चरण 3: फॉर्म भरें
केंद्र पर ऑपरेटर आपका फॉर्म ऑनलाइन भरेगा। आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी, काम की जानकारी, और नामांकन (nominee) की जानकारी देनी होगी।

चरण 4: दस्तावेज अपलोड करें
फोटो, उम्र का प्रमाण, 90 दिन काम का प्रमाण, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक (आधार लिंक), और आश्रितों के आधार कार्ड — सब अपलोड होंगे ।

चरण 5: ₹100 शुल्क जमा करें
पंजीकरण शुल्क ₹100 है। यह केंद्र पर जमा होता है। ध्यान रहे: कुछ जगहों पर पहली बार पंजीकरण मुफ्त बताया गया है, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में ₹100 का उल्लेख मिलता है। केंद्र पर स्पष्ट पूछ लें ।

चरण 6: आवेदन जमा होने के बाद
आपका आवेदन संबंधित विभाग के पास जाएगा। दस्तावेज सही पाए जाने पर आपका नाम श्रमिक पंजिका में दर्ज होगा और पंजीकरण संख्या मिलेगी।

चरण 7: कार्ड प्राप्त करें
स्वीकृति के बाद फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी होगा। इसे जन सेवा केंद्र या श्रम विभाग के कार्यालय से लिया जा सकता है। यह कार्ड 3 साल तक वैध रहता है ।


आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की पूरी सूची

नीचे दी गई सूची को ध्यान से देखें। अगर एक भी कागज नहीं है, तो आवेदन अटक सकता है।

अनिवार्य दस्तावेज:

  1. पासपोर्ट साइज के 2 फोटो (हाल में खिंचवाए हुए)

  2. उम्र का प्रमाण (इनमें से कोई एक):

    • 10वीं की मार्कशीट या सर्टिफिकेट

    • जन्म प्रमाण पत्र

    • चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र

    • नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र

    • वोटर आईडी

    • राशन कार्ड

    • ग्राम पंचायत अधिकारी / ग्राम प्रधान / पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र

  3. पिछले साल 90 दिन निर्माण कार्य का प्रमाण पत्र (ठेकेदार/नियोजक से हस्ताक्षरित)

  4. आधार कार्ड (स्वयं का)

  5. राशन कार्ड (परिवार का)

  6. बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक/सीडेड खाता — DBT के लिए जरूरी)

  7. नामांकन पत्र (कानूनी वारिस के नाम का)

  8. स्वघोषणा पत्र (जन सेवा केंद्र पर ही मिल जाता है)

  9. आश्रितों के आधार कार्ड (पत्नी/बच्चों के)

विशेष ध्यान: पहाड़ी इलाकों में जन्म प्रमाण पत्र न होने की स्थिति में ग्राम प्रधान या पार्षद का प्रमाण पत्र बहुत काम आता है। यह कम लोगों को पता होता है, इसलिए अगर आपके पास 10वीं की सर्टिफिकेट नहीं है, तो गांव के प्रधान जी से संपर्क करें ।


लेबर कार्ड का नवीनीकरण: समय पर न कराया तो फायदे छूट जाएंगे

लेबर कार्ड 3 साल के लिए वैध होता है। अवधि समाप्त होने से पहले ही नवीनीकरण के लिए आवेदन करना जरूरी है। नवीनीकरण के लिए हर 3 साल में ₹100 का अभिदाय जमा करना होता है ।

अगर आपने समय पर नवीनीकरण नहीं कराया, तो आप आगे किसी भी योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। हालांकि, अधिकृत अधिकारी की अनुमति से बकाया राशि जमा करके सदस्यता बहाल की जा सकती है, लेकिन यह सुविधा सिर्फ दो बार ही मिलती है । इसलिए कार्ड की अवधि का ध्यान रखें और समय पर नवीनीकरण कराएं।

नवीनीकरण के लिए भी वही प्रक्रिया है — नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं और अपने दस्तावेज (विशेषकर 90 दिन काम का नया प्रमाण) के साथ आवेदन करें।


आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?

अगर आपने आवेदन कर दिया है और जानना चाहते हैं कि कार्ड बना या नहीं, तो आप आधिकारिक वेबसाइट ukbocw.uk.gov.in पर जाकर देख सकते हैं। वहां Labour Search या इसी तरह का विकल्प होता है, जिसमें अपना पंजीकरण नंबर या आधार नंबर डालकर स्थिति देखी जा सकती है ।

अगर ऑनलाइन स्थिति नहीं दिख रही या कोई समस्या आ रही है, तो बोर्ड के टोल-फ्री नंबर 1800 2127 174 पर कॉल करें । बोर्ड का कार्यालय देहरादून में है — तीसरी मंजिल, जीएमवीएन बिल्डिंग, राजपुर रोड, देहरादून 248001 ।


किन बातों का रखें खास ध्यान: धोखाधड़ी से बचें

1. सही वेबसाइट का इस्तेमाल करें
सरकारी वेबसाइट है ukbocw.uk.gov.in। ध्यान दें कि अंत में .uk.gov.in है। कुछ लोग ukbocw.in जैसी नकली साइटों के चक्कर में पड़ सकते हैं, जो काम नहीं करतीं या गलत जानकारी दे सकती हैं ।

2. ज्यादा पैसे न दें
सरकारी फीस सिर्फ ₹100 है (पंजीकरण/नवीनीकरण)। अगर कोई एजेंट आपसे ₹500 या ₹1000 मांगे, तो वह सरकारी फीस नहीं है। जन सेवा केंद्र पर सिर्फ निर्धारित शुल्क दें ।

3. झूठे दस्तावेज न लगाएं
90 दिन काम का प्रमाण पत्र अगर फर्जी है और जांच में पकड़ा गया, तो आपका आवेदन रद्द हो सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

4. खुद जाकर आवेदन करें
किसी अनजान व्यक्ति को अपने दस्तावेज और पैसे देकर भेजने से बचें। खुद जन सेवा केंद्र पर जाएं और प्रक्रिया पूरी करें।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1: क्या मैं घर बैठे मोबाइल से लेबर कार्ड के लिए आवेदन कर सकता हूं?
सीधे तौर पर नहीं। हालांकि, कुछ जगहों पर मोबाइल ऐप से पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है । लेकिन सबसे सुरक्षित और आसान तरीका यह है कि नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं। वहां का ऑपरेटर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर देता है।

Q2: अगर मेरे पास 90 दिन काम का प्रमाण नहीं है तो क्या करें?
यह प्रमाण अनिवार्य है। अगर आपने पिछले साल 90 दिन से कम काम किया है, तो आप इस बार पात्र नहीं होंगे। आपको अगले साल आवेदन करना होगा जब आपके 90 दिन पूरे हो जाएं। ठेकेदार से लिखित में प्रमाण पत्र लेना न भूलें।

Q3: क्या मनरेगा में काम करने वाले को भी लेबर कार्ड मिल सकता है?
हां, बिल्कुल। मनरेगा में निर्माण कार्य (जैसे सड़क, तालाब, भवन निर्माण) करने वाले श्रमिक भी इस कार्ड के लिए पात्र हैं। उन्हें ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) के माध्यम से 90 दिन काम का प्रमाण पत्र मिल सकता है ।

Q4: कार्ड बनने में कितना समय लगता है?
सरकारी सेवा अवधि के अनुसार पंजीकरण और नवीनीकरण 30 दिन में पूरा होना चाहिए। अगर इससे ज्यादा समय लगे तो हेल्पलाइन पर शिकायत करें ।

Q5: क्या लेबर कार्ड से बैंक से लोन मिल सकता है?
हां, बोर्ड की मकान खरीद/निर्माण योजना के तहत ₹50,000 तक का अग्रिम ऋण मिल सकता है, जिस पर कम ब्याज दर (लगभग 5% प्रति वर्ष) लगती है। इसके लिए कम से कम 5 साल तक बोर्ड के सदस्य होना और रिटायरमेंट तक 15 साल बचे होना जरूरी है ।

Q6: अगर मेरा कार्ड खो गया तो क्या करें?
श्रम विभाग के कार्यालय या जन सेवा केंद्र पर जाकर दोबारा कार्ड के लिए आवेदन करें। इसके लिए भी निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क हो सकता है।


निष्कर्ष: सही समय पर बनवाएं कार्ड, पाएं पूरा लाभ

उत्तराखंड में निर्माण श्रमिकों के लिए लेबर कार्ड एक बहुत शक्तिशाली दस्तावेज है। यह सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि आपके और आपके परिवार के भविष्य की सुरक्षा है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर बुढ़ापे की पेंशन तक, हर चीज में यह कार्ड काम आता है।

याद रखने वाली मुख्य बातें:

  • पात्रता: 18-60 वर्ष, उत्तराखंड निवासी/निर्माण श्रमिक, पिछले साल 90 दिन काम

  • आवेदन कहां: नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या श्रमिक सुविधा केंद्र

  • फीस: ₹100 (पंजीकरण/नवीनीकरण)

  • वैधता: 3 साल, समय पर नवीनीकरण जरूरी

  • हेल्पलाइन: 1800 2127 174

  • वेबसाइट: ukbocw.uk.gov.in

अगर आपने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, तो देर न करें। अपने दस्तावेज जुटाएं और नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं। अगर आपको इस प्रक्रिया में कोई परेशानी आए, तो हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या श्रम विभाग के कार्यालय से संपर्क करें। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना आपका अधिकार है — इसे न छोड़ें।

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### Satish Kumar – Biographical Info Satish Kumar is a content writer and digital information publisher focused on government schemes, government jobs, exam results, scholarships, and other important public-service updates in India. He aims to provide readers with simple, useful, and easy-to-understand information about the latest government initiatives and online services. He is from Uttar Pradesh and has completed his graduation. Through his work in digital publishing, Satish Kumar shares informative articles to help readers understand eligibility criteria, application processes, benefits, required documents, status-check procedures, and other important details related to government schemes and services. His primary focus is on presenting information in a clear and reader-friendly manner so that people can easily find the information they need online.

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