Vantara Foundation Day: अनंत अंबानी द्वारा स्थापित Vantara ने अपने पहले वर्ष में वन्यजीव संरक्षण, उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य का दावा किया है. संस्था के अनुसार, पिछले एक साल में बड़ी बिल्लियों, सरीसृपों, प्राइमेट्स, पक्षियों और अन्य स्तनधारियों समेत हजारों बचाए गए वन्यजीवों का उपचार कर उन्हें पुनर्वास के माध्यम से नई जिंदगी दी गई. संस्था की पशु-चिकित्सक टीम ने कई मुश्किल भरे ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए और स्वस्थ होने के बाद अनेक जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा गया.
प्रधानमंत्री ने किया था उद्घाटन
एक साल पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वंतारा फाउंडेशन का उद्घाटन किया था. फाउंडेशन डे के अवसर पर संस्था ने वन्यजीव बचाव, उन्नत चिकित्सा देखभाल और विज्ञान-आधारित संरक्षण में अपने कार्यों को बताया. संस्था के मुताबिक 250 से अधिक हाथियों को, जिन्हें लकड़ी ढुलाई, सर्कस, सवारी या भीख मांगने जैसी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था, विशेष और दीर्घकालिक देखभाल दी जा रही है. हजारों मगरमच्छों को भीड़भाड़ वाली सुविधाओं से निकालकर सुरक्षित वातावरण में रखा गया है.
रोजाना करीब 1,56,000 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार तैयार किया जाता है, जिसे 50 तापमान-नियंत्रित वाहनों से बांटा जाता है. इस काम में 200 प्रशिक्षित पेशेवर और 1,000 से अधिक किसान मदद कर रहे हैं. 24×7 रेस्क्यू टीम ने 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बचाव अभियानों और 15 वाइल्डलाइफ रैपिड रिस्पॉन्स ऑपरेशनों में हिस्सा लिया.
अनंत अंबानी को सम्मान
वन्यजीव संरक्षण में योगदान के लिए Anant Ambani को प्रतिष्ठित Global Humane Award से सम्मानित किया गया. संस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई मान्यताएं मिली हैं, जिनमें शामिल हैं: EARAZA की सदस्यता, SEAZA की सदस्यता, Global Humane Conservation Certification Prani Mitra Award 2025
प्रशिक्षण और जागरूकता
वंतारा ने संरक्षण चिकित्सा में सैकड़ों पशु-चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया है और 50 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ज्ञान-साझा कार्यक्रम आयोजित किए हैं. इसके अलावा हजारों बच्चों को जागरूकता अभियानों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया. ‘वन हेल्थ’ मॉडल की ओर कदम पश्चिम भारत के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव रेफरल केंद्र के रूप में नामित वंतारा ने ‘वन हेल्थ’ मॉडल को मजबूत करने का दावा किया है.
इस काम में एक केंद्रीय प्रयोगशाला, 11 उपग्रह प्रयोगशालाएं, 70 से अधिक विशेषज्ञ प्रतिदिन 2,000 से अधिक डायग्नोस्टिक सैंपल प्रोसेसिंग उपलब्ध सुविधाओं में बायो-बैंकिंग, नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, पैथोलॉजी, परजीविविज्ञान और टॉक्सिकोलॉजी शामिल हैं. अपने पहले वर्ष में वंतारा ने वन्यजीव संरक्षण और पुनर्वास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करने का दावा किया है. यदि यह पहल इसी गति से आगे बढ़ती है, तो यह भारत में वन्यजीव देखभाल और वैज्ञानिक संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मॉडल बन सकती है.

