Wheat Side Effects: क्या रोज रोटी खाना आपकी सेहत के लिए ठीक है, जानें एक्सपर्ट का क्या है कहना?

aditisingh
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रोटी लंबे समय से भारतीय खानपान का अहम हिस्सा रही है खासतौर पर उत्तर भारत में लोग इसको एक टाइम के भोजन में जरूर शामिल करते हैं. इसे हल्का, संतुलित और पचने में आसान माना जाता है. सादगी और परंपरा से जुड़ी यह डिश लोगों के लिए फेवरेट भी है. लेकिन क्या रोटी वाकई उतनी ही बेफिक्र होकर खाने लायक है, जितना हम मानते आए हैं?. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर इसको लेकर एक्सपर्ट की क्या राय है. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

गुरुग्राम, हरियाणा के ऑर्थोपेडिक और आर्थ्रोस्कोपी एक्सपर्च डॉ. मनु बोरा ने अपने साझा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस पर अलग नजरिया रखा. उनका कहना है कि गेहूं का नियमित और अधिक मात्रा में सेवन, खासकर उन लोगों के लिए जो वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ को लेकर सतर्क हैं, छिपे हुए जोखिम पैदा कर सकता है. डॉ. बोरा के अनुसार “डाइट में सबसे खराब चीज अगर कोई है, तो वह गेहूं हो सकता है. ज्यादातर लोग मिठाइयां रोज नहीं खाते, कुछ तो बिल्कुल भी नहीं खाते. यहां तक कि चीनी का सेवन भी हर किसी के लिए समान रूप से समस्या नहीं बनता. लेकिन जो लोग रोजमर्रा के भोजन में लगातार गेहूं लेते हैं, उनके लिए यह नुकसानदायक हो सकता है. पुराने समय में इंसान प्राकृतिक रूप से गेहूं का सेवन नहीं करते थे.”

क्यों सेहत के लिए फायदेमंद नही है?

उनका तर्क यह है कि जिस चीज को हम सामान्य और सुरक्षित मानते हैं, वह भी अगर जरूरत से ज्यादा ली जाए तो शरीर पर असर डाल सकती है. खासकर आज के समय में जब गेहूं अक्सर प्रोसेस्ड या रिफाइंड रूप में इस्तेमाल होता है, तो उसके प्रभाव और भी बढ़ सकते हैं. डॉ. बोरा बताते हैं कि ज्यादा प्रोसेस्ड गेहूं से बने उत्पाद शरीर में सूजन, वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक गड़बड़ी जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकते हैं. जब इन्हें बड़ी मात्रा में और नियमित रूप से खाया जाता है, तो यह धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं. यही वजह है कि वे संतुलन और संयम पर जोर देते हैं.

 

 

क्या रोटी नहीं खानी चाहिए?

इसका मतलब यह नहीं कि रोटी पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए, बल्कि यह समझना जरूरी है कि मात्रा और गुणवत्ता दोनों मायने रखती हैं. साबुत अनाज का चयन, सीमित मात्रा में सेवन और संतुलित डाइट अपनाना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है. उनके अनुसार, रोजमर्रा की थाली में शामिल खाद्य पदार्थ भी बिना सोचे-समझे खाने के बजाय समझदारी से चुने जाने चाहिए. हेल्दी डाइट सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप क्या खा रहे हैं, बल्कि इस पर भी कि कितना और किस रूप में खा रहे हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.