रायबरेली। मौसम में उतार-चढ़ाव अब सेहत पर भारी पड़ रहा है। उल्टी और दस्त से पीड़ित एक युवक की शुक्रवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा बुखार, डायरिया, सीने में दर्द और सांस की समस्या के 24 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। उधर ओपीडी में भी सुबह से ही भीड़ रही। 1800 से अधिक मरीज चिकित्सीय सलाह लेने के लिए पहुंचे।
बृहस्पतिवार को उल्टी-दस्त पीड़ित गुरुबख्शगंज क्षेत्र के पूरे शमशेर निवासी छेदीलाल (40) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को तड़के मरीज की मौत हाे गई। बुखार व डायरिया की चपेट में आए कार्तिक (5), माही (3), लक्ष्मी (29), नूर मोहम्मद (30), आदर्श (4), महादेव (41), अंशिक (7), रश्मि (12) आदि मरीजों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा सीने में दर्द व डायरिया से ग्रसित सुखलाल (50), आशा देवी (75), धनपती (52), राम सुमिरन (76), राकेश कुमार (60), हसीमुन निशा (60), इशरतजहां (65) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
उधर, ओपीडी में सुबह से भीड़ रही। परचा बनवाने के बाद ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों ने बारी आने का इंतजार किया। दवा काउंटर और पैथोलॉजी में भी भीड़ रही। खासकर मेडिसिन और हृदय रोग विभागों में दबाव ज्यादा दिखा।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के कारण ऐसी बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने नागरिकों से एहतियात बरतने की अपील की है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है, क्योंकि वे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। यदि किसी भी व्यक्ति में बुखार, उल्टी, दस्त या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि समय पर उचित इलाज मिल सके।

