इंडियन आर्मी की Scorpio में लगे ये गोल प्लग ब्रह्मास्त्र से कम नहीं! जानिए सीक्रेट मिशन में कैसे आते हैं काम


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भारतीय सेना की महिंद्रा स्कॉर्पियो के पीछे लगे गोल प्लग जैसे हिस्सों को देखकर कई लोग इन्हें गुप्त हथियार या स्मोक ग्रेनेड लॉन्चर समझते हैं. लेकिन इनका असली काम जानकर आप हैरान रह जाएंगे. ये खास Blackout या Cat Eye Lights हैं, जो रात के अंधेरे में दुश्मन की नजर से बचाते हुए पूरे सैन्य काफिले को सुरक्षित आगे बढ़ाने में मदद करती हैं. जानिए इनका पूरा रहस्य.

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Indian Army Mahindra Scorpio में लगी ये राउंड लाइट क्या हैं? जानिए

क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय सेना की गाड़ियों के पीछे लगे अजीबोगरीब गोल प्लग जैसे हिस्से आखिर क्या होते हैं? सोशल मीडिया पर एक वायरल इंस्टाग्राम रील ने ठीक यही सवाल खड़ा किया है. एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर हुई इस रील में भारतीय सेना के महिंद्रा स्कॉर्पियो के पिछले हिस्से पर लगे चार प्लग जैसे एक्सेसरीज को दिखाया गया है.

लोग सोच रहे हैं कि क्या ये कोई गुप्त हथियार है, स्मोक ग्रेनेड लॉन्चर है या फिर कोई स्पेशल टॉर्च? सच्चाई इससे बहुत अलग और दिलचस्प है. ये कोई गैजेट या एडवांस सिस्टम नहीं, बल्कि ब्लैकआउट लाइट्स या कॉन्वॉय लाइट्स हैं, जिन्हें कैट-आई लाइट्स भी कहा जाता है. सेना की गाड़ियों में ये लाइट्स खास तौर पर रात के समय या टैक्टिकल ऑपरेशन के लिए लगाई जाती हैं.

कैसे काम करती हैं ये लाइट?

जब सैन्य काफिले रात में चलते हैं तो सामान्य हेडलाइट्स और टेललाइट्स बंद कर दी जाती हैं. वजह साफ है- दुश्मन को गाड़ियों की लोकेशन का पता न चले. ऐसे में ये डिम और लो-इंटेंसिटी लाइट्स काम आती हैं. पीछे चल रही गाड़ी का ड्राइवर इन लाइट्स की मदद से आगे वाली गाड़ी की दूरी और पोजीशन आसानी से समझ लेता है, लेकिन दूर से या ऊपर से (ड्रोन या एयरक्राफ्ट से) ये लाइट्स नजर नहीं आतीं. इसी वजह से ये लाइट्स इतनी खास हैं.

सेना की गाड़ी

महिंद्रा स्कॉर्पियो की आर्मी एडिशन में ये ब्लैकआउट लाइट्स फ्रंट और रियर दोनों जगह लगाई जाती हैं. इसके अलावा सेना वाले स्कॉर्पियो में कई और बदलाव भी होते हैं. इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लियरेंस, मजबूत टो हुक, 4×4 सिस्टम और केबिन के अंदर मैप पढ़ने के लिए खास रीडिंग लैंप शामिल हैं. ब्लैकआउट लाइट्स को कंट्रोल करने के लिए डैशबोर्ड पर अलग से रोटरी स्विच भी दिया जाता है.

लोगों का रिएक्शन

वायरल रील में लोगों ने अलग-अलग अनुमान लगाए थे. कुछ ने इसे स्मोक ग्रेनेड लॉन्चर बताया, तो कुछ ने सेंसर या गन माउंट. लेकिन ऑफिशियल इंफॉर्मेशन और ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये पूरी तरह से डिफेंसिव और स्टेल्थ फीचर है. इसका मकसद दुश्मन से छिपकर काफिले को सुरक्षित आगे बढ़ाना है.

ये रील इसलिए भी खास है, क्योंकि आम नागरिक शायद ही कभी सेना की गाड़ियों के इन छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण फीचर्स पर गौर करते हैं. एक साधारण सी लगने वाली चीज के पीछे पूरी सैन्य रणनीति छिपी होती है. अगली बार अगर आपको कोई आर्मी स्कॉर्पियो दिखे तो उसके पीछे लगे इन गोल हिस्सों को देखकर समझ जाइएगा कि रात के अंधेरे में भी सेना कितनी स्मार्ट तरीके से काम करती है.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …

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