इस होली गाड़ी से घर जाने का है प्लान? ट्रिप से पहले ये 7 काम कर लीजिए, सुहाना हो जाएगा सफर

सतीश कुमार
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How to Plan A Road Trip: अगर आप इस होली दिल्ली-एनसीआर या फिर देश के किसी भी शहर से अपने घर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हमारा ये आर्टिकल आपके काम का है. दरअसल, हम ये बात करने वाले हैं कि रोड ट्रिक प्लान करते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिससे सफर बेहतर रहे और हम अच्छी तरह से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.

रोड ट्रिप में काफी मजा आता है, लेकिन इसके लिए कार की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. अगर कार में कोई खराबी हो, तो यात्रा के दौरान समस्या आ सकती है, जो न केवल समय बर्बाद करेगी बल्कि जान जोखिम में भी डाल सकती है. इसलिए, यात्रा से पहले कार की पूरी जांच करनी चाहिए. आइए, इसकी स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस पर एक नजर डालते हैं.

1. टायर चेक करें

सबसे पहले, कार के टायरों की जांच करें. टायरों का प्रेशर चेक करें. प्रेशर कम होने पर ईंधन की खपत बढ़ती है और टायर जल्दी घिसते हैं. एक टायर प्रेशर गेज से इसे मापें. इसके अलावा, टायरों के ट्रेड (घिसाव) को देखें. ट्रेड की गहराई कम से कम 1.6 मिमी होनी चाहिए. अगर कम है, तो टायर बदलें. गीली सड़क पर कम ट्रेड से फिसलन का खतरा बढ़ता है. व्हील एलाइनमेंट और बैलेंसिंग भी जांचें, क्योंकि असंतुलित व्हील्स से बाइब्रेशन बढ़ता है.

2. ब्रेक सिस्टम दुरुस्त रखें

अगला महत्वपूर्ण हिस्सा ब्रेक सिस्टम है. ब्रेक कार की सुरक्षा का आधार हैं. ब्रेक पैड्स की मोटाई चेक करें, अगर वे पतले हो गए हैं, तो बदलें. ब्रेक फ्लुइड का लेवल देखें. अगर कम है, तो टॉप अप करें. ब्रेक लगाते समय अगर कोई अजीब आवाज आ रही है या ब्रेक पेडल स्पंजी लग रहा है, तो तुरंत मैकेनिक से चेक करवाएं. ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) अगर है, तो उसकी लाइट डैशबोर्ड पर नहीं जलनी चाहिए.

3. इंजन और फ्लुइड्स देखें

अब इंजन और फ्लुइड्स की बात करते हैं. इंजन ऑयल का लेवल और क्वालिटी चेक करें. डिपस्टिक से देखें कि ऑयल साफ और सही लेवल पर है. अगर गंदा है या कम है, तो बदलें. कूलेंट (रेडिएटर वॉटर) भी चेक करें, इंजन ओवरहीटिंग से बचने के लिए यह जरूरी है. ब्रेक फ्लुइड, ट्रांसमिशन फ्लुइड, पावर स्टीयरिंग फ्लुइड और विंडशील्ड वॉशर फ्लुइड सभी को चेक करें.

4. लीकेज की जांच करें

ये चेक करें कि कार के नीचे कोई दाग या लीक तो नहीं है. बैटरी की जांच भी महत्वपूर्ण है. बैटरी टर्मिनल्स साफ हों, कोई जंग न हो. बैटरी का वोल्टेज 12.6 वोल्ट से ऊपर होना चाहिए. अगर बैटरी पुरानी है (3-5 साल), तो नई लगवाएं. अल्टरनेटर भी चेक करें कि वह बैटरी चार्ज कर रहा है.

5. लाइट्स और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को न भूलें

चेक करें कि हेडलाइट्स, टेललाइट्स, ब्रेक लाइट्स, टर्न सिग्नल्स, हॉर्न और वाइपर्स सभी काम कर रहे हों. रात में या बारिश में ये जरूरी हैं. फ्यूज बॉक्स चेक करें अगर कोई लाइट नहीं जल रही है, तो उसे फिक्स कराएं. विंडशील्ड में कोई क्रैक न हो, क्योंकि ये विजिबिलिटी प्रभावित करता है.

6. सस्पेंशन और स्टीयरिंग सिस्टम की जांच करें

कार चलाते समय अगर कंपन महसूस हो या स्टीयरिंग ढीली लगे, तो शॉक एब्जॉर्बर्स और स्टीयरिंग रैक चेक करवाएं. बेल्ट्स और होसेस देखें. कोई क्रैक या ढीलापन न हो. एग्जॉस्ट सिस्टम में कोई छेद या रस्ट न हो, क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड लीक हो सकती है.

7. इमरजेंसी किट तैयार रखें

ट्रिप शुरू करने से पहले किट तैयार रखें. इसमें जैक, टूल किट, स्पेयर टायर, फर्स्ट एड किट, टॉर्च, पानी, स्नैक्स, टोइंग रोप और जंपर केबल्स शामिल करें. दस्तावेज जैसे रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, PUC सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखें.

अगर कार पुरानी है, तो प्रोफेशनल मैकेनिक से पूरी सर्विस करवाएं. टेस्ट ड्राइव लें और सुनिश्चित करें कि सब ठीक है. इससे न केवल यात्रा सुरक्षित होगी, बल्कि गाड़ी की फ्यूल एफिशियंसी भी बेहतर रहेगी.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.