ईंजन को नुकसान नहीं, माइलेज में पड़ेगा थोड़ा फर्क…E20 फ्यूल को लेकर टोयोटा चीफ ने दूर किया कन्‍फ्यूजन


Last Updated:

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा है कि वाहन मालिकों को अपनी पुरानी या नई गाड़ियों को लेकर जरा भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. देश में E20 ही अब स्टैंडर्ड ईंधन के रूप में उपलब्ध रहेगा और यह पुराने तथा नए, दोनों प्रकार के वाहनों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है.

ख़बरें फटाफट

क्या E20 फ्यूल आपकी कार को खराब कर देगा? टोयोटा चीफ ने बताई सच्चाईZoom

एक मिथक यह भी है कि E20 ईंधन इस्तेमाल करने से गाड़ियों का माइलेज बहुत ज्यादा गिर जाता है.

नई दिल्ली. एथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol-Blended Fuel) को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं. बहुत से लोगों को लगता है कि एथेनॉल से इंजन सीज हो जाएगा और इससे गाड़ी कम माइलेज देगी. देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी ने इन भ्रांतियों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि E20 फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल सेक्टर में जरूरत से ज्यादा डर फैलाया गया है, जबकि असलियत इसके बिल्कुल उलट है.

विक्रम गुलाटी ने कहा, “मेरा मानना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां घर कर गई हैं. उदाहरण के तौर पर, ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह एक बड़ा मिथक चल रहा है कि यदि E20 मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल किया जाए तो गाड़ी का इंजन खराब हो जाएगा. मैं यह साफ कर दूं कि यह पूरी तरह से एक गलत धारणा है. ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है.”

क्या ई20 फ्यूल से घट जाएगा गाड़ी का माइलेज?

विक्रम गुलाटी ने कहा कि एक मिथक यह भी है कि E20 ईंधन इस्तेमाल करने से गाड़ियों का माइलेज बहुत ज्यादा गिर जाता है. तकनीकी तौर पर माइलेज में थोड़ी कमी जरूर होती है, लेकिन बाजार में जितना बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है, उतनी गिरावट कभी नहीं आती. ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के साल 2021 में देश भर में E20 लागू करने से पहले किए गए टेस्ट में पाया गया कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से गाड़ियों के माइलेज में महज 2% से 4% तक की ही मामूली कमी आती है.

पुरानी गाडियों के लिए भी सेफ

विक्रम गुलाटी ने कहा कि वाहन मालिकों को अपनी पुरानी या नई गाड़ियों को लेकर जरा भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. देश में E20 ही अब स्टैंडर्ड ईंधन के रूप में उपलब्ध रहेगा और यह पुराने तथा नए, दोनों प्रकार के वाहनों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है. 1 अप्रैल 2023 के बाद भारत में बिकने वाले सभी वाहन तो पूरी तरह से E20 कंपैटिबल बनाए ही गए हैं. सरकारी वैज्ञानिक संस्था ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्ययन में यह भी साबित हो चुका है कि पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी E20 ईंधन से होने वाला संभावित नुकसान बिल्कुल मामूली है.

E85 और E100 ईंधन आम कारों के लिए नहीं

गुलाटी ने कहा कि लोगों को E20 और उच्च मिश्रण वाले ईंधन के बीच भ्रमित नहीं होना चाहिए. E85 (85% एथेनॉल) और E100 (100% एथेनॉल) ईंधन आम कारों या बाइकों के लिए नहीं हैं. ये एथेनॉल मिश्रण केवल विशेष फ्लेक्स-फ्यूल (Flex Fuel) तकनीक वाले वाहनों के लिए ही बनाए गए हैं, जो किसी भी अनुपात में एथेनॉल को पचा सकते हैं.

देश के बचे ₹1.9 लाख करोड़

एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के आर्थिक फायदों का जिक्र करते हुए विक्रम गुलाटी ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पहल से अब तक देश को करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, जो पहले कच्चे तेल के आयात में चली जाती थी. इस बचत में से 1.60 लाख करोड़ रुपये सीधे भारत के किसानों की जेब में पहुंचे हैं. एथेनॉल ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत जरिया बन चुका है, जिसे आज दुनिया के कई अन्य विकसित देश भी अपना रहे हैं.



Source link