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ओला इलेक्ट्रिक को अहमदाबाद के उपभोक्ता आयोग से बड़ा झटका लगा है. एक ग्राहक की शिकायत पर आयोग ने कंपनी को स्कूटर की कीमत वापस करने, मुआवजा देने और अन्य खर्च चुकाने का आदेश दिया है. आयोग ने माना कि स्कूटर में ऐसी खराबी थी जिसे कंपनी लगातार शिकायतों के बावजूद ठीक नहीं कर सकी.
ग्राहक का कहना था कि स्कूटर को बार-बार रीस्टार्ट करके चलाना पड़ता था. (AI)
नई दिल्ली. इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य की सवारी माना जा रहा है, लेकिन कई ग्राहकों के लिए खराब सर्विस और तकनीकी समस्याएं बड़ी परेशानी बनती जा रही हैं. खासकर जब नई तकनीक वाले वाहन सड़क पर अचानक बंद हो जाएं, तो मामला सिर्फ सुविधा का नहीं बल्कि सुरक्षा का भी बन जाता है. इसी तरह के एक मामले में अब ओला इलेक्ट्रिक को बड़ा झटका लगा है. अहमदाबाद के एक ग्राहक की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए स्कूटर की रकम लौटाने और अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह फैसला उन ग्राहकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो लंबे समय से वाहन संबंधी शिकायतों के समाधान का इंतजार कर रहे हैं.
टीओआई की एक खबर के अनुसार, अहमदाबाद के नवा वाडज इलाके के रहने वाले शैलेश भरवाड़ ने अक्टूबर 2024 में ओला के अधिकृत शोरूम से करीब 1.19 लाख रुपये का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था. कुछ समय बाद स्कूटर में तकनीकी दिक्कतें आने लगीं. शिकायत के अनुसार अखबारनगर इलाके में वाहन चलाते समय स्कूटर अचानक सड़क के बीच में बंद हो गया. इसके बाद ग्राहक ने कई बार सर्विस सेंटर से संपर्क किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
बार-बार शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान
ग्राहक का कहना था कि स्कूटर को बार-बार रीस्टार्ट करके चलाना पड़ता था. समय बीतने के साथ समस्या और बढ़ती गई और आखिरकार वाहन को टो करके सर्विस सेंटर तक ले जाना पड़ा. इसके बावजूद स्कूटर पूरी तरह ठीक नहीं हुआ. लगातार परेशानी झेलने के बाद ग्राहक ने अहमदाबाद स्थित उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया.
सुनवाई में कंपनी की तरफ से कोई नहीं पहुंचा
मामले की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक को नोटिस जारी किया था. हालांकि आयोग के अनुसार कंपनी की तरफ से कोई प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ. इसके बाद आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और शिकायतकर्ता के पक्ष को आधार बनाकर मामले की एकतरफा सुनवाई की और फैसला सुनाया.
आयोग ने क्या कहा?
उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में कहा कि सड़क के बीच में वाहन का बार-बार बंद होना चालक की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है. आयोग ने माना कि यदि कंपनी लगातार शिकायतों के बावजूद खराबी को दूर नहीं कर पाई, तो यह उत्पादन संबंधी दोष की ओर इशारा करता है. आयोग ने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और ग्राहक को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा.
कितना पैसा लौटाना होगा?
आयोग ने माना कि ग्राहक कुछ समय तक स्कूटर का इस्तेमाल कर चुका था, इसलिए वाहन की मौजूदा कीमत 90,000 रुपये तय की गई. फैसले के अनुसार ओला इलेक्ट्रिक को ग्राहक को 90,000 रुपये 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने होंगे. इसके अलावा 15,000 रुपये मानसिक प्रताड़ना के लिए, 2,050 रुपये अन्य खर्चों के लिए और 2,500 रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश भी दिया गया है.
क्यों अहम है यह फैसला?
हाल के वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसके साथ सर्विस, बैटरी और तकनीकी खराबियों से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई हैं. ऐसे में उपभोक्ता आयोग का यह फैसला ग्राहकों के अधिकारों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वाहन कंपनियों को बेहतर गुणवत्ता और तेज शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित करने का संदेश भी देता है.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें