गाड़ी खरीदना जितना मुश्किल काम है, उससे भी ज्यादा जरूरी उसकी मेंटेनेंस और सर्विसिंग है. हमें अच्छे एक्सपीरिएंस के लिए अपनी गाड़ी को रेगुलर सर्विस कराने की जरूरत होती है. हाालांकि, मौजूदा समय में सर्विस सेंटर पर होने वाले स्कैम ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. अनऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर कम जानकारी वालें ग्राहकों को ठगी का शिकार बना लेते हैं.
खासकर महिलाओं को ज्यादा नुकासान झेलना पड़ रहा है, जो अक्सर कार की तकनीकी बातों से कम परिचित होती हैं. मैकेनिक छोटी-मोटी समस्या को बहुत बड़ी बता देते हैं, अनावश्यक पार्ट्स बदलने की सलाह देते हैं, फालतू फ्लुइड टॉप-अप का बिल जोड़ देते हैं या फिर बिल को मनमाने ढंग से बढ़ा देते हैं. कई बार पुराने पार्ट्स को नया बताकर पैसे वसूल लिए जाते हैं. उपभोक्ता फोरम और सोशल मीडिया पर दर्ज शिकायतों के अनुसार पिछले एक साल में सबसे ज्यादा मामले महिलाओं के हैं.
कई बार महिलाएं अकेले सर्विस सेंटर जाती हैं, समय की कमी होती है और विश्वास में आकर चाबी सौंप देती हैं. हालांकि, अब समय आ गया है कि हर महिला खुद कुछ बेसिक चेकिंग करे. इससे न सिर्फ हजारों रुपये बचेंगे बल्कि कार की सुरक्षा भी बनी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा. जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है. आइए, कार सर्विस के लिए देने से पहले ध्यान रखी जाने वाली 5 बातों के बारे में जान लेते हैं.
1. ओडोमीटर की रीडिंग नोट करें
सर्विस सेंटर पहुंचते ही तुरंत फोन से ओडोमीटर की क्लियर फोटो खींच लें और नोट कर लें. कई बार मैकेनिक टेस्ट ड्राइव के नाम पर 50-100 किलोमीटर अतिरिक्त चला लेते हैं और बाद में कहते हैं कि समस्या ठीक करने में इतनी दूरी लगी. महिलाएं आसानी से डैशबोर्ड की फोटो ले सकती हैं. वापसी पर फिर चेक करें, अंतर साफ दिख जाएगा.
2. फ्यूल लेवल चेक करें
फ्यूल गेज देखकर फोटो या नोट कर लें कि टैंक में कितना पेट्रोल/डीजल है. कुछ मैकेनिक सर्विस के दौरान ईंधन निकाल लेते हैं या “टॉप-अप जरूरी है” कहकर अतिरिक्त चार्ज जोड़ देते हैं. लौटने पर दोबारा चेक करें. अगर फ्यूल लेवल कम हुआ है तो तुरंत पूछताछ करें. ये चेक सिर्फ 30 सेकंड में हो जाता है लेकिन सैकड़ों रुपये बचा सकता है.
3. कार की फोटो और वीडियो सभी एंगल से ले लें
बाहर से चारों तरफ, अंदर सीट्स, डैशबोर्ड, बॉडी, पहिए, ट्रंक और किसी भी खास जगह की वीडियो और फोटो खींच लें. इससे सर्विस के दौरान कोई नई खरोंच, डेंट, खराबी या सामान गायब होने पर फौरन सबूत रहेगा. महिलाएं अकेले भी 2-3 मिनट में ये आसानी से कर सकती हैं. कई मामलों में यही फोटो सबूत बनकर ठगी रोकती है.
4. इंजन ऑयल, कूलेंट और ब्रेक फ्लुइड लेवल खुद देखें
बोनेट खोलकर ऑयल डिपस्टिक निकालें, पोंछें, फिर डुबोकर लेवल चेक करें. कूलेंट टैंक और ब्रेक फ्लुइड रिजर्वायर भी देख लें. अगर लेवल बिल्कुल ठीक है तो बाद में ‘ऑयल लो है, बदलना पड़ेगा’ ये कहकर फालतू 4-5 हजार रुपये का बिल नहीं बन पाएगा. ये चेकिंग सीखना बहुत आसान है. अगर आपक नहीं पता है, तो यूट्यूब पर 1 मिनट की वीडियो देखकर सीख सकती हैं.
5. टायर प्रेशर, कंडीशन और स्पेयर टायर चेक करें
चारों टायरों का प्रेशर गेज से मापें (अगर गेज न हो तो सर्विस सेंटर से मांग लें), ट्रेड की गहराई देखें और फोटो लें. स्पेयर टायर भी चेक करें. कई बार मैकेनिक एयर निकालकर पंचर बता देते हैं या फिर प्रेशर बढ़ाकर बैलेंसिंग का चार्ज जोड़ देते हैं. ये चेकिंग सबसे आसान होने के साथ-साथ जरूरी भी है.
बोनस टिप: सर्विस से पहले लिखित एस्टिमेट जरूर लें और उस पर साइन करवा लें. पुराने पार्ट्स वापस मांगें और चेक करें कि वाकई बदले गए हैं या नहीं. हमेशा ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर ही चुनें. बिल मिलने पर हर आइटम को ध्यान से पढ़ें, अगर कुछ गलत लगे तो तुरंत पूछें. कार आपकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई है. उसे अजनबियों के हवाले करने से पहले सिर्फ 10-15 मिनट का ये चेक आपके 10-15 हजार रुपये तक बचा सकता है.

