सस्पेंशन सिस्टम कार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सड़क के झटकों, गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों से आने वाले बाइब्रेशन को सोखकर पैसेंजर को आरामदायक सफर प्रदान करता है. ये स्प्रिंग्स, शॉक एब्जॉर्बर, स्ट्रट्स, कंट्रोल आर्म्स, बुशिंग्स और बॉल जॉइंट्स जैसे पार्ट्स से मिलकर बनता है. अगर सस्पेंशन खराब हो जाए तो न सिर्फ ड्राइविंग असुविधाजनक हो जाती है, बल्कि कार का संतुलन बिगड़ सकता है.
टायर जल्दी घिस सकते हैं और ब्रेकिंग प्रभावित हो सकती है. इससे सुरक्षा खतरे में पड़ती है और मरम्मत पर हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं. भारत की सड़कों पर गड्ढे, स्पीड ब्रेकर और ओवरलोडिंग आम हैं, इसलिए सस्पेंशन को बेहतर स्थिति में रखना बहुत जरूरी है. सही आदतें अपनाकर और नियमित देखभाल से आप इसे लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रख सकते हैं. आइए पांच ऐसे जरूरी टिप्स के बारे में जानते हैं, जो आपके कार के सस्पेंशन को मजबूत बनाए रखेंगे.
1. खराब सड़कों पर सावधानी से ड्राइव करें
गड्ढों, स्पीड ब्रेकर या उबड़-खाबड़ रास्तों पर तेज गति से गाड़ी न चलाएं. इससे शॉक एब्जॉर्बर और स्प्रिंग्स पर अचानक भारी दबाव पड़ता है, जो उन्हें जल्दी खराब कर देता है. हमेशा स्पीड कम करें, ब्रेक लगाकर धीरे से निकलें और अगर संभव हो तो गड्ढों से बचने की कोशिश करें. इससे सस्पेंशन पार्ट्स पर अनावश्यक तनाव कम होता है और उनकी उम्र बढ़ती है.
2. टायर प्रेशर सही रखें
टायरों में कम या ज्यादा हवा होने से सस्पेंशन पर असमान भार पड़ता है. कम प्रेशर से टायर ज्यादा फ्लेक्स होते हैं और झटके सीधे सस्पेंशन तक पहुंचते हैं. हर हफ्ते या महीने में मैनुअल में बताए गए PSI के अनुसार एक बार टायर प्रेशर चेक करें. सही प्रेशर टायर और सस्पेंशन दोनों की लाइफ बढ़ाता है.
3. ओवरलोडिंग से पूरी तरह बचें
कार की क्षमता से ज्यादा वजन (सामान या पैसेंजर) लादना सस्पेंशन के लिए सबसे बड़ा दुश्मन है. इससे स्प्रिंग्स लगातार दबाव में रहती हैं और शॉक एब्जॉर्बर जल्दी फेल हो जाते हैं. हमेशा कार की वेट कैपेसिटी का ध्यान रखें और जरूरत से ज्यादा सामान न लादें. इससे सस्पेंशन लंबे समय तक मजबूत रहता है.
4. नियमित मेंटेनेंस और चेकअप करवाएं
हर 10,000-15,000 किलोमीटर पर सस्पेंशन की जांच करवाएं. घिसे हुए बुशिंग्स, लीक हो रहे शॉक एब्जॉर्बर या ढीले पार्ट्स को समय रहते बदलें. व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग भी जरूरी है, क्योंकि गलत अलाइनमेंट से सस्पेंशन असमान रूप से घिसता है. समय पर सर्विस से छोटी समस्या बड़ी नहीं बनती है.
5. अच्छी क्वालिटी के पार्ट्स और ऑयल का इस्तेमाल करें
जब रिपेयर या रिप्लेसमेंट की जरूरत हो तो ओरिजिनल या ब्रांडेड पार्ट्स ही लगवाएं. सस्ते स्पेयर पार्ट्स जल्दी खराब हो जाते हैं। साथ ही, अगर कार में पावर स्टीयरिंग या अन्य सिस्टम हैं, तो उनके फ्लूइड लेवल भी चेक करें, क्योंकि ये अप्रत्यक्ष रूप से सस्पेंशन पर असर डालते हैं. अच्छी क्वालिटी से सस्पेंशन की परफॉर्मेंस और लंबाई दोनों बढ़ती है.
इन टिप्स को अपनाकर आप अपने कार के सस्पेंशन को सालों तक नया जैसा रख सकते हैं. इससे न सिर्फ ड्राइविंग मजेदार रहेगी, बल्कि सुरक्षा भी बनी रहेगी और मेंटेनेंस का खर्च कम होगा.

