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नई कार या बाइक खरीदने के बाद क्या तुरंत PUC सर्टिफिकेट बनवाना पड़ता है? इस सवाल को लेकर कई वाहन मालिक असमंजस में रहते हैं. दरअसल, नए वाहनों के लिए सरकार ने विशेष छूट दी है, लेकिन एक तय समय के बाद PUC रिन्यू कराना अनिवार्य हो जाता है. अगर नियमों की अनदेखी की जाए तो 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना भी लग सकता है. जानिए नए वाहन के लिए PUC से जुड़े सभी जरूरी नियम और वैधता की पूरी जानकारी.
PUC Certificate Rules: जानिए क्या कहते हैं नियम?
PUC Certificate Rules: नई गाड़ी खरीदने की खुशी में अक्सर लोग जरूरी कागजी कार्रवाई की बारीकियों को भूल जाते हैं. ऐसा ही एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट, यानी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र. जब आप शोरूम से एक बिल्कुल ब्रांड न्यू कार या बाइक घर लाते हैं, तो आपके मन में ये सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या तुरंत इसका भी प्रदूषण टेस्ट करवाना होगा?
भारत सरकार के नियमों के मुताबिक, हर नए वाहन के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट अनिवार्य तो है, लेकिन नई गाड़ियों को एक खास समय के लिए इससे छूट मिली हुई है. परिवहन नियमों के अनुसार, नई गाड़ी के साथ मिलने वाला प्रदूषण सर्टिफिकेट एक निश्चित अवधि तक पूरी तरह मान्य होता है, जिसके बाद आपको इसे रिन्यू कराना पड़ता है. आइए जानते हैं इससे जुड़े नियम.
नई गाड़ी के लिए क्या नियम?
केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR), 1989 के तहत जब आप कोई भी नई गाड़ी (चाहे वह कार हो या मोटरसाइकिल) खरीदते हैं, तो उसके लिए पहले एक साल (12 महीने) तक अलग से PUC सर्टिफिकेट बनवाने की कोई जरूरत नहीं होती. वाहन को शोरूम से निकालने से पहले ही कंपनियां उसकी कड़े प्रदूषण मानकों पर टेस्टिंग करती हैं. इसलिए, नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की तारीख से लेकर अगले एक साल तक कंपनी द्वारा दिया गया सर्टिफिकेट ही वैध माना जाता है. आपको अपनी जेब से पैसे खर्च करके किसी प्रदूषण केंद्र पर जाने की आवश्यकता नहीं होती.
एक साल बाद क्या करना होगा?
जैसे ही आपकी गाड़ी को सड़क पर चलते हुए एक साल पूरा हो जाता है, ये शुरुआती छूट समाप्त हो जाती है. इसके बाद गाड़ी मालिक की जिम्मेदारी होती है कि वह नजदीकी अधिकृत प्रदूषण नियंत्रण केंद्र (PUC Center) पर जाकर अपने वाहन की जांच कराए.
एक बार जब गाड़ी पुरानी (एक साल से अधिक) हो जाती है, तो उसके बाद जारी होने वाले PUC सर्टिफिकेट की वैधता आमतौर पर 6 महीने की होती है. हालांकि, अगर आपकी गाड़ी BS-IV (BS4) या BS-VI (BS6) स्टैंडर्ड वाली है, तो कई राज्यों में इसकी वैधता को बढ़ाकर 1 साल भी की गई है.
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
अगर आप समय पर अपनी गाड़ी का पीयूसी रिन्यू नहीं कराते हैं, तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. मोटर व्हीकल एक्ट के तहत, बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी 3 महीने के लिए सस्पेंड कर सकती है. इसलिए, भारी जुर्माने और कानूनी झंझटों से बचने के लिए समय पर प्रदूषण की जांच जरूर करवाएं.
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें