नई दिल्ली. भारत का ऑटो बाजार जुलाई 2026 में जबरदस्त रफ्तार से दौड़ा है. लंबे समय बाद ऐसा देखने को मिला है कि लगभग सभी बड़ी कंपनियों ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है. उद्योग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में देश में करीब 4.65 लाख से 4.70 लाख पैसेंजर व्हीकल बिके, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा करीब 3.5 लाख यूनिट था. यानी एक साल में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ऑटो उद्योग का कहना है कि इस उछाल की सबसे बड़ी वजह जीएसटी 2.0 के तहत मिली टैक्स राहत रही. इसके अलावा आसान फाइनेंस, कम ब्याज दरें, एसयूवी और इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग तथा त्योहारी सीजन से पहले की खरीदारी ने भी बिक्री को मजबूत किया.
गाड़ियों की सेल में इस उछाल के पीछे सरकार की ओर से दी जा रही छूटों को वजह माना जा रहा है. सरकार ने सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 के तहत ऑटो सेक्टर को बड़ी राहत दी थी. छोटी कारों (4 मीटर से कम) पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया. बड़ी कारों और एसयूवी पर टैक्स का कुल बोझ भी कम किया गया क्योंकि पहले लगने वाले कई सेस को हटाकर टैक्स व्यवस्था आसान बनाई गई. इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले की तरह कम टैक्स का फायदा मिलता रहा. इस बदलाव का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ा. कई मॉडलों की ऑन रोड कीमत कम हुई, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने नई कार खरीदने का फैसला किया.
सिर्फ टैक्स नहीं, इन वजहों से भी बढ़ी बिक्री
टैक्स में राहत के अलावा कई दूसरे कारणों ने भी बाजार को मजबूती दी. बैंकों और एनबीएफसी की ओर से आसान कार लोन उपलब्ध रहे. ब्याज दरों में कमी से ईएमआई पहले के मुकाबले किफायती हुई. एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ती रही. वहीं त्योहारी सीजन से पहले कई ग्राहकों ने पहले ही वाहन खरीदना शुरू कर दिया.
किस कंपनी ने कितनी बिक्री की?
मारुति सुजुकी ने जुलाई में पहली बार घरेलू बिक्री का 2 लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया. कंपनी की कुल बिक्री 2,41,421 यूनिट रही, जबकि पिछले साल जुलाई में यह 1,80,526 यूनिट थी. हुंडई ने 75,360 वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री की. घरेलू बिक्री 54,210 यूनिट रही, जबकि निर्यात 21,150 यूनिट तक पहुंच गया. किआ इंडिया ने 28,200 यूनिट की बिक्री के साथ अपना अब तक का सबसे अच्छा जुलाई प्रदर्शन दर्ज किया. यह पिछले साल के मुकाबले 27.4 प्रतिशत ज्यादा रहा. टाटा मोटर्स ने घरेलू और विदेशी बाजार मिलाकर 63,760 पैसेंजर व्हीकल बेचे. घरेलू बिक्री 62,611 यूनिट रही, जो एक साल पहले की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है. निसान इंडिया ने भी रिकॉर्ड प्रदर्शन किया. कंपनी की कुल बिक्री 9,339 यूनिट रही. घरेलू बिक्री 218 प्रतिशत बढ़कर 4,518 यूनिट पहुंच गई.
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
ऑटो उद्योग को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में बिक्री और मजबूत हो सकती है. त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है और जीएसटी 2.0 से मिली टैक्स राहत का असर अभी भी बाजार में बना हुआ है. यदि ब्याज दरें अनुकूल रहती हैं और एसयूवी तथा इलेक्ट्रिक कारों की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो 2026 भारतीय ऑटो उद्योग के लिए रिकॉर्ड साल साबित हो सकता है.