बिना OPT के भी अकाउंट खाली कर देते हैं हैकर्स, कैसे होता है यह स्कैम? 


साइबर अपराधी अब बैंक या किसी बड़ी कंपनी के नाम से फर्जी मैसेज भेजते हैं. इन मैसेज में डिस्काउंट, कैशबैक, गिफ्ट वाउचर या इनाम जीतने का लालच दिया जाता है. जैसे ही व्यक्ति मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में मैलवेयर या फर्जी ऐप इंस्टॉल हो सकता है. इसके बाद हैकर मोबाइल पर कंट्रोल हासिल कर बैंकिंग ऐप तक पहुंचा बना लेते हैं और कई मामलों में बिना ओटीपी के ही ट्रांजैक्शन कर देते हैं.

साइबर अपराधी अब बैंक या किसी बड़ी कंपनी के नाम से फर्जी मैसेज भेजते हैं. इन मैसेज में डिस्काउंट, कैशबैक, गिफ्ट वाउचर या इनाम जीतने का लालच दिया जाता है. जैसे ही व्यक्ति मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में मैलवेयर या फर्जी ऐप इंस्टॉल हो सकता है. इसके बाद हैकर मोबाइल पर कंट्रोल हासिल कर बैंकिंग ऐप तक पहुंचा बना लेते हैं और कई मामलों में बिना ओटीपी के ही ट्रांजैक्शन कर देते हैं.

कुछ समय पहले ही दिल्ली की एक महिला के साथ भी ऐसा प्रयास हुआ था, महिला ने एक इलेक्ट्रॉनिक स्टोर से लैपटॉप खरीदा था, जिसके कुछ दिन बाद महिला को एक मैसेज मिला था कि उन्हें शॉपिंग के बदले वाउचर मिला है. मैसेज में बैंक डिटेल भरने और लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा गया था, हालांकि मैसेज में कंपनी का नाम गलत होने की वजह से महिला को शक हुआ और वह ठगी का शिकार होने से बच गई.

कुछ समय पहले ही दिल्ली की एक महिला के साथ भी ऐसा प्रयास हुआ था, महिला ने एक इलेक्ट्रॉनिक स्टोर से लैपटॉप खरीदा था, जिसके कुछ दिन बाद महिला को एक मैसेज मिला था कि उन्हें शॉपिंग के बदले वाउचर मिला है. मैसेज में बैंक डिटेल भरने और लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा गया था, हालांकि मैसेज में कंपनी का नाम गलत होने की वजह से महिला को शक हुआ और वह ठगी का शिकार होने से बच गई.

Published at : 26 Jun 2026 06:10 PM (IST)

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