Automobile

महंगाई गई तेल लेने! भारतीय पानी की तरह बहा रहे बड़ी-बड़ी गाड़ियों पर पैसा, चौंकाने वाले हैं आंकड़े

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On June 8, 2026
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नई दिल्ली. भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए मई 2026 बेहद शानदार रहा है. घरेलू मांग, ग्रामीण बाजार में सुधार, मजबूत निर्यात और नई गाड़ियों की बढ़ती लोकप्रियता के दम पर देश की बड़ी ऑटो कंपनियों ने जबरदस्त बिक्री दर्ज की है. मई के आंकड़े यह भी संकेत दे रहे हैं कि ऊंची ब्याज दरों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता मजबूत बनी हुई है. मारुति सुजुकी, हुंडई, महिंद्रा और टोयोटा जैसी कंपनियों ने मई में मजबूत प्रदर्शन किया है. खास बात यह है कि इस बार केवल पैसेंजर कारों की बिक्री ही नहीं बढ़ी, बल्कि ट्रैक्टर, कमर्शियल व्हीकल्स और हाइब्रिड वाहनों में भी अच्छी मांग देखने को मिली है.

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने मई 2026 में अपनी अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री दर्ज की है. कंपनी ने कुल 2,42,688 वाहनों की बिक्री की. घरेलू बाजार में मारुति ने 1,93,535 गाड़ियां बेचीं. इसके अलावा 7,239 यूनिट अन्य ओईएम कंपनियों को सप्लाई की गईं. कंपनी ने 41,914 वाहनों का निर्यात भी किया. यह आंकड़ा दिखाता है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में मारुति की मांग मजबूत बनी हुई है.

हुंडई की बिक्री में भी शानदार उछाल

हुंडई मोटर इंडिया ने भी मई में मजबूत प्रदर्शन किया. कंपनी की घरेलू बिक्री 9.1 फीसदी बढ़कर 47,837 यूनिट पर पहुंच गई. निर्यात बाजार में कंपनी ने 13,300 वाहन भेजे. इस तरह कुल मासिक बिक्री 61,137 यूनिट रही, जो पिछले साल की तुलना में 4.1 फीसदी ज्यादा है. कंपनी के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 के पहले दो महीनों यानी अप्रैल और मई में घरेलू बिक्री 13 फीसदी बढ़कर 99,739 यूनिट तक पहुंच गई है.

महिंद्रा की एसयूवी और ट्रैक्टर दोनों की धूम

महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए मई का महीना बेहद मजबूत रहा. कंपनी की कुल ऑटो बिक्री 20 फीसदी बढ़कर 99,636 यूनिट तक पहुंच गई. घरेलू बाजार में महिंद्रा ने 58,021 यूटिलिटी व्हीकल्स बेचे, जो सालाना आधार पर 11 फीसदी ज्यादा है. वैश्विक स्तर पर यूटिलिटी व्हीकल बिक्री 59,573 यूनिट रही. कमर्शियल व्हीकल सेग्मेंट में भी कंपनी ने 19 फीसदी की बढ़त के साथ 24,079 वाहन बेचे. हालांकि कंपनी ने कुछ सप्लायर्स के यहां मैनपावर की कमी के चलते सप्लाई चेन चुनौतियों का भी जिक्र किया है.

ट्रैक्टर कारोबार में 23% की जोरदार ग्रोथ

महिंद्रा का फार्म इक्विपमेंट बिजनेस भी शानदार प्रदर्शन करने में सफल रहा. कंपनी ने घरेलू बाजार में 47,845 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले साल की तुलना में 23 फीसदी ज्यादा है. कुल ट्रैक्टर बिक्री 49,695 यूनिट रही. कंपनी का कहना है कि रबी फसल की अच्छी कटाई और किसानों की बेहतर आय ने ट्रैक्टर मांग को मजबूती दी है.

ट्रक और बस कारोबार भी पटरी पर

महिंद्रा के ट्रक्स और बसेस डिवीजन ने मई में 3,129 वाहनों की बिक्री की. यह पिछले साल की तुलना में 18 फीसदी ज्यादा है. हालांकि कंपनी का मानना है कि डीजल की ऊंची कीमतें और बढ़ती लागत निकट भविष्य में फ्लीट ऑपरेटर्स के मुनाफे पर दबाव बना सकती हैं.

टोयोटा ने बनाया नया हाइब्रिड रिकॉर्ड

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने मई में कुल 33,128 वाहनों की बिक्री की. यह पिछले साल के मुकाबले 7 फीसदी ज्यादा है. इसमें 30,574 वाहन घरेलू बाजार में बिके जबकि 2,554 यूनिट्स का निर्यात किया गया. मई टोयोटा के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि कंपनी ने भारत में अपनी स्ट्रांग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री का 3 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर लिया. कंपनी का कहना है कि यह उपलब्धि भारत में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की बढ़ती स्वीकार्यता और क्लीन मोबिलिटी की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाती है.

बिक्री में उछाल के पीछे की वजहें?

  1. मई 2026 में ऑटो सेक्टर की रिकॉर्ड बिक्री के पीछे कई मजबूत वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह देश में लगातार बनी हुई मजबूत घरेलू मांग है. ऊंची ब्याज दरों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय ग्राहकों की खरीदारी क्षमता मजबूत बनी हुई है. यही कारण है कि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में बिक्री लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है.
  2. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार ने भी ऑटो कंपनियों को बड़ा सहारा दिया है. रबी फसल की समय पर कटाई पूरी होने, किसानों की आय में सुधार और अनुकूल व्यापारिक परिस्थितियों के चलते कृषि उपकरणों और ट्रैक्टरों की मांग में तेज उछाल आया है.
  3. भारतीय ग्राहकों के बीच अब क्लीन मोबिलिटी और नई तकनीकों को लेकर स्वीकार्यता भी तेजी से बढ़ रही है. टोयोटा द्वारा भारत में अपनी स्ट्रांग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की 3 लाख यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार करना इसी बदलाव का संकेत है.
  4. एसयूवी और यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट का दबदबा भी लगातार बढ़ रहा है. ग्राहकों की पसंद छोटी कारों से हटकर बड़ी और फीचर से भरपूर गाड़ियों की ओर बढ़ रही है.
  5. इसके अलावा देशभर में सड़क, हाईवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते खर्च ने कमर्शियल व्हीकल्स की मांग को मजबूत बनाए रखा है. माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी का फायदा ट्रक और बस कंपनियों को भी मिला है.

(ANI के इनपुट के साथ)

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।