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PhonePe IPO : फोनपे ने अप्रैल में आईपीओ लाने का टारगेट रखा है. यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसमें वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयर बेचेंगी.

फोनपे का आईपीओ अप्रैल में आने की संभावना है.
b देश के यूपीआई मार्केट का नंबर एक खिलाड़ी PhonePe आगामी अप्रैल में आईपीओ (IPO) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. डिजिटल भुगतान बाजार की इस दिग्गज कंपनी ने विस्तार की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है, जिसका मुख्य लक्ष्य भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम में अपनी हिस्सेदारी को दोगुना करना है. फोनपे की सबसे बड़ी ताकत इसका यूपीआई (UPI) मार्केट में दबदबा है. देश के कुल डिजिटल पेमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी है. भारत में गूगल पे 35% हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर है.16 अप्रैल को फोनपे ने खुद को प्राइवेट से पब्लिक कंपनी में बदल लिया था. ये प्रोसेस भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है.
कंपनी सेबी को जमा कराए दस्तावेजों में बताया है कि डिजिटल भुगतान ही उसकी ग्रोथ का मुख्य जरिया रहेगा. विस्तार के लिए कंपनी अपने कस्टमर बेस, संभावित बाजार और प्लेटफॉर्म के दायरे को बढ़ाने के लिए निवेश करेगी. कंपनी ने कहा कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जो 2030 तक 602-681 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
फोनपे इश्यू होगा पूरी तरह ऑफर फॉर सेल
सूत्रों के मुताबिक, फोनपे ने अप्रैल में आईपीओ लाने का टारगेट रखा है. यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसमें वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयर बेचेंगी. इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे. कंपनी को जनवरी में सेबी से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई थी.
फोनपे अपने वित्तीय सेवा वितरण जैसे लोन और बीमा का भी विस्तार कर रही है. रेवेन्यू के सोर्स बढ़ाने के लिए कंपनी अपने धन प्रबंधन प्लेटफॉर्म ‘शेयर.मार्केट’ और स्वदेशी ऐप स्टोर ‘इंडस ऐपस्टोर’ जैसे नए प्लेटफॉर्म पर भी निवेश कर रही है.

