सड़क पर दौड़ने के साथ खेतों में भी काम करेगी Electric Car! क्या आप भी जानते हैं ये फीचर?

सतीश कुमार
4 Min Read


Electric Cars केवल ड्राइविंग ही नहीं, बल्कि अब कई जरूरी कामों में भी आपकी मदद कर सकती है. गांव से लेकर शहर तक, इनकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है. इसका ताजा उदाहरण एक टेक सैवी और कार-बाइक का बेहतर ज्ञान रखने वाले किसान गौरव यादव हैं. इन्होंने कुछ ऐसा किया कि आज ये सुर्खियों में है.

हरियाणा के इस युवा किसान ने अपनी इलेक्ट्रिक कार को सिर्फ सड़क पर ही नहीं, बल्कि खेतों में भी उतार दिया है. गौरव यादव की खेती-बाड़ी में खासी रुचि है. वे नैचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देते हैं, 4×4 वाहनों और ट्रैक्टरों के भी शौकीन हैं. अब उन्होंने EV को भी अपने खेतों में काम पर लगा दिया है.

EV कर रही खेत में मदद!

हाल ही में वायरल हुए एक रील में गौरव अपनी Electric SUV को फार्म पर इस्तेमाल करते दिखे.ये कार सिर्फ चलने का साधन नहीं, बल्कि एक मोबाइल पावर बैंक की तरह काम करती है. Vehicle-to-Load (V2L) तकनीक की मदद से कार बैटरी से बिजली निकालकर खेती के छोटे-मोटे उपकरण, लाइट्स, पंप या अन्य टूल्स चलाए जा सकते हैं.

जहां गांवों में बिजली कटौती आम बात है, वहां ये फीचर बेहद उपयोगी साबित हो रहा है. गौरव बताते हैं कि इससे डीजल जनरेटर की जरूरत कम हो जाती है, खर्च बचता है और प्रदूषण भी घटता है.

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गौरव की ये पहल दो मायनों में खास है. पहला, ये दिखाता है कि इलेक्ट्रिक वाहन शहरों तक सीमित नहीं रह गए, बल्कि ग्रामीण भारत की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. दूसरा, Electric Car की मदद से आप केवल ड्राइविंग ही नहीं बल्कि पावर बैक-अप के साथ अन्य कई जरूरी काम कर सकते हैं.

क्या EV है स्मार्ट चॉइस?

ये कोशिश बताती है कि भविष्य की खेती सिर्फ मेहनत की नहीं, बल्कि स्मार्ट और सस्टेनेबल भी हो सकती है. एक इलेक्ट्रिक कार जो शहर में स्टाइलिश लगती है, वही खेत में किसान का साथी बन जाती है. ऐसे इनोवेटिव कदम न सिर्फ किसानों की लागत घटाएंगे, बल्कि कार्बन फुटप्रिंट कम करके पर्यावरण को भी मजबूत बनाएंगे.

आपके लिए कितनी बेहतर?

अगर आप आने वाले दिनों में एक कार खरीदना चाहते हैं और उसे खेती-किसानी में भी यूज करना है, तो EV ज्यादा बेहतर चॉइस हो सकती है. इसकी मदद से आप पावर बैकअप भी ले सकेंगे और सौर पैनल या होम चार्जर से गाड़ी को पावर देकर पेट्रोल-डीजल की खर्च भी बचेगा. आइए, गांव-देहात में EV खरीदने के कुछ लाभों के बारे में जानते हैं-

ट्रांसपोर्टेशन+पावर बैकअप: एक ही व्हीकल फार्म तक सामान ले जा सकता है और वहां बिजली कटौती के दौरान जनरेटर की जगह ले सकता है. डीजल जनरेटर की तुलना में कोई फ्यूल खर्च नहीं, कोई शोर-प्रदूषण नहीं और मेंटेनेंस भी कम है.

ऑफ-ग्रिड उपयोगिता: ग्रामीण इलाकों में जहां ग्रिड पावर अनरिलायबल है, V2L EVs को पोर्टेबल पावर सोर्स बनाया जा सकता है. अफोर्डेबल Electric Cars (लगभग 20-25 लाख रेंज में) अब फार्मर्स के लिए कॉस्ट-इफेक्टिव सॉल्यूशन बन सकती हैं.

मल्टी-पर्पज मोबिलिटी: गौरव की तरह आप अपनी Electric Car को सिर्फ ड्राइविंग के लिए नहीं, बल्कि एग्री-एप्लीकेशन्स में इंटीग्रेट कर सकते हैं.

सस्टेनेबल और इकोनॉमिकल: जीरो टेलपाइप एमिशन के साथ OPEX (ऑपरेटिंग कॉस्ट) बहुत कम है. एक चार्ज में फार्म के कई घंटों का काम चल सकता है. हालांकि, ये सब तभी संभव होगा जब आप V2L फीचर वाली EV खरीदेंगे.





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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.