नई दिल्ली. अधिकांश भारतीय 20-30 लाख रुपये से नीचे की कारों में ही सफर करते हैं. कुछ अल्ट्रा रिच लोग 50 लाख या 1 करोड़ रुपये की कार लेते हैं. लेकिन हरियाणा के शख्स ने कार छोड़िए उसकी नंबर प्लेट पर करोड़ रुपये खर्च कर दिए. जब बोली शुरू हुई थी तो इस नंबर प्लेट के लिए केवल 50,000 रुपये मांगे गए थे. कुल 45 लोगों ने बोली में हिस्सा लिया और कीमत बढ़ती चली गई. अंत में यह 1.17 करोड़ रुपये पर आकर रुकी. इसे किसने खरीदा है अभी उनका नाम सार्वजनिक नहीं हुआ है.
क्या है नंबर का मतलब?
HR88B8888 असल में एक खास वीआईपी गाड़ी नंबर है जिसे आमतौर पर लोग ऑक्शन या प्रीमियम देकर खरीदते हैं. इस नंबर के हर हिस्से का अपना मतलब होता है और इन्हें मिलाकर पूरी जानकारी बनती है.
HR बताता है कि गाड़ी की रजिस्ट्रेशन हरियाणा में हुई है.
88 उस जिले या आरटीओ का कोड है जहां इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन हुआ.
B उस आरटीओ में चल रहे सीरीज को दिखाता है.
8888 वह यूनिक नंबर है जिसे खरीददार ने खास तौर पर चुना है.
इस नंबर की खासियत यह है कि देखने में पूरा नंबर लगभग एक ही पैटर्न जैसा लगता है. बड़े अक्षर B का आकार भी डिजिटल डिस्प्ले पर कई बार 8 जैसा दिखता है, इसलिए पूरा नंबर बाहर से देखने पर लगातार आती हुई आठों की लाइन की तरह लगता है. इसी वजह से इसे वीआईपी या आकर्षक नंबर माना जाता है.
कहां से खरीदें ऐसे नंबर
इस तरह की नीलामी official fancy.parivahan.gov.in पर आयोजित की जाती है. एक तय समय तक आप बोली लगा सकते हैं. अगर आप सबसे ऊंची बोली लगाने में सफल रहे तो प्लेट आपके नाम कर दी जाती है. इसमें किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश से बचने के लिए खरीदने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है.
इससे पहले किसके पास था खिताब
हरियाणा से पहले सबसे मंहगी नंबर प्लेट का खिताब केरल के एक शख्स के पास था. इसी साल अप्रैल में वेणु गोपालकृष्णन ने 45.99 लाख रुपये देकर तब तक की सबसे महंगी नंबर प्लेट खरीदी थी. उन्होंने यह नंबर अपनी लैंबॉर्गिनी उरूस के लिए खरीदा था. गोपालकृष्णन की प्लेट का नंबर KL 07 DG 0007 था. इस नंबर के लिए बोली 25,000 रुपये से शुरू हुई थी. इस नंबर की सबसे खास बात आखिर के 3 अंक 0007 है. यह जेम्स बॉन्ड के 007 की याद दिलाते हैं और इसे लोगों के बीच आकर्षक बनाते हैं.