यूपी:चुनाव से पहले कई नेता कहीं और तलाश रहे सियासी ठौर, शीर्ष नेतृत्व की वजह से भी हुई है निराशा – Up: Ahead Of The Elections, Many Leaders Are Seeking Political Space Elsewhere, And The Top Leadership Has Als

Aman Shanti In
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कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता खुद के सियासी कॅरियर को लेकर पशोपेश में हैं। वे सियासी ठौर तलाश रहे हैं। वे दूसरे दलों के नेताओं के संपर्क में हैं। इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से लेकर पूर्व विधायक तक शामिल हैं। ये नेता प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं होने और शीर्ष नेतृत्व की ढिलाई से निराश हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 17 अगस्त 2023 को गाजे- बाजे के साथ पार्टी की कमान संभाला। दबंग अजय राय के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में नया माहौल दिखा। बुजूर्गित छोड़ कांग्रेस में युवाओं की नई ऊर्जा दिखी। तमाम पुराने कांग्रेस नेता सक्रिय हुए। सपा- बसपा ही नहीं भाजपा में खुद को उपेक्षित महसूस करने वाले कई नेताओं ने भी कांग्रेस का हाथ थामा। लोकसभा चुनाव में छह सीटें मिलीं। पांच दिसंबर 2024 को प्रदेश कमेटी, जिला और शहर कमेटियां भंग कर दी गईं। 

प्रदेश अध्यक्ष हर मुद्दे पर संघर्ष करते दिखे, लेकिन संगठन स्तर पर उनकी बेचारगी भी साफ दिखी। संगठन सृजन में ज्यादातर जिलों में विवाद की नौबत बनीं। आरोप तो यहां तक लगे कि संगठन सृजन की जिम्मेदारी गैर राजनीति लोगों को सौंपी गई है। धीरे- धीरे ऊर्जावान नेता किनारे हो गए। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अकेले लड़ते दिख रहे हैं।

वह कभी पुलिस एनकाउंटर तो कभी हिरासत में मौत प्रकरण या फिर एसआईआर में लगे बीएलओ के आत्महत्या व मौत के मामले पर आंदोलन करते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर विपक्ष की भूमिका निभाते हैं, लेकिन 13 माह बाद भी वह अकेले हैं। अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी नहीं मिल पाई है। अब जिलाध्यक्षों व शहर अध्यक्षों का चयन भी नए सिरे से होगा। इसके लिए पर्यवेक्षक बना दिए गए हैं।

ऐसे में अब नेताओं ने हाथ का साथ छोड़ना शुरू कर दिया है। कई वर्षों से सत्ता से दूर कांग्रेस के लिए यह नई मुसीबत है। इसकी जड़ में सिर्फ गुटबाजी ही नहीं बल्कि ऐसे लोगों को तवज्जो दिया जाना भी है, जिनका सियासी नब्ज पर कोई पकड़ नहीं है।



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