UGC और शंकराचार्य के अपमान के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार चौधरी ने दिया इस्तीफा, जानें UPPSC में उन्हें मिली थी कौन सी रैंक?

सतीश कुमार
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माघ मेले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत इन दिनों तेज गरमाई हुई है. संतों, प्रशासन और सरकार के बीच चल रहे विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद अब यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर भी नाराजगी सामने आ रही है. इन्हीं मुद्दों के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया है. उनका कहना है कि वह संतों का अपमान और शिक्षा से जुड़े नए नियमों को लेकर चुप नहीं रह सकते.

पिछले कई दिनों से माघ मेले को लेकर उत्तर प्रदेश का माहौल गरम है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर उनके बटुकों और प्रशासन के बीच तनातनी सामने आई. आरोप लगे कि संतों और उनके शिष्यों के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया. इस घटना के बाद संत समाज में नाराजगी बढ़ गई. मामला सिर्फ एक स्नान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सम्मान और आस्था से जुड़ा मुद्दा बन गया.

UGC के नए नियमों पर बढ़ता विरोध

इसी बीच UGC ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए हैं. इन नियमों को लेकर भी विरोध शुरू हो गया है. कई लोगों का कहना है कि ये नियम एक वर्ग विशेष के खिलाफ हैं और इससे छात्रों में असमानता बढ़ सकती है. शिक्षा जगत के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी इन नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, सब हैरान

सोमवार को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने UGC के नए नियमों को “काला कानून” बताया और कहा कि संतों का अपमान किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उनके इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. सोशल मीडिया पर भी उनका नाम तेजी से चर्चा में आ गया.

कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री

अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं. उनका परिवार आज भी कानपुर में रहता है. उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है. जब वह सिर्फ 10 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था. वह परिवार की सबसे बड़ी संतान हैं, इसलिए कम उम्र में ही जिम्मेदारियों का बोझ उनके कंधों पर आ गया. 

शुरुआती पढ़ाई और मेहनत का सफर

अलंकार अग्निहोत्री ने 12वीं तक की पढ़ाई कानपुर से पूरी की. पढ़ाई में वह शुरू से ही अच्छे रहे. इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT BHU से बीटेक किया. यहां से निकलने के बाद उन्होंने सीधे सरकारी नौकरी की राह नहीं चुनी, बल्कि निजी क्षेत्र में काम करना शुरू किया.

दस साल की नौकरी के बाद बदली दिशा

बीटेक के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने करीब 10 साल तक एक आईटी कंपनी में कंसल्टेंट के तौर पर काम किया. इस दौरान उन्होंने अच्छी आर्थिक स्थिति बना ली. इसी समय उनका विवाह भी हुआ. उनकी पत्नी का नाम आस्था मिश्रा है. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि निजी नौकरी के दौरान ही उनके मन में समाज के लिए कुछ करने का विचार आया. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की.

कड़ी मेहनत और लगन के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने साल 2016 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा पास की. उन्होंने इस परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की. यह उनके जीवन का बड़ा मोड़ था. इसके बाद वह प्रशासनिक सेवा में आए और अलग-अलग जिलों में अपनी जिम्मेदारी निभाई.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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