इंडिया-ईयू एफटीए से कितनी सस्ती हो जाएंगी दवाएं, फार्मास्युटिकल्स सेक्टर पर क्या होगा असर

सतीश कुमार
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India EU Free Trade Agreement: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मंगलवार को हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारतीय अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर व्यापक असर पड़ने की उम्मीद है. इस समझौते के तहत भारत में आयात होने वाले लगभग 90 प्रतिशत यूरोपीय उत्पादों पर टैरिफ को या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है या उसमें भारी कटौती की गई है, जिससे आने वाले वर्षों में भारतीय आयात बाजार का स्वरूप काफी बदल सकता है. अनुमान है कि इससे यूरोपीय सामानों की भारतीय बाजार में मौजूदगी लगभग दोगुनी हो जाएगी और सालाना करीब 4 अरब यूरो की बचत होगी.

फार्मास्युटिक्स सेक्टर पर क्या असर?

खासतौर पर फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर सेक्टर को इससे बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि रसायनों पर लगने वाला 22 प्रतिशत और दवाओं पर 11 प्रतिशत टैरिफ शून्य कर दिया गया है. इसके अलावा मेडिकल, सर्जिकल उपकरणों और चश्मों जैसे उत्पादों पर भी 90 प्रतिशत तक शुल्क कटौती की गई है, जिससे अस्पतालों की लागत घटेगी और इलाज आम लोगों के लिए सस्ता हो सकता है.

भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अगले कुछ वर्षों में भारत के 99.5 प्रतिशत निर्यात पर यूरोपीय संघ सीमा शुल्क में कटौती करेगा, जिसमें समुद्री उत्पाद, चमड़ा, कपड़ा, रसायन, रबर और रत्न-आभूषण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं. दो दशकों की लंबी बातचीत के बाद हुए इस समझौते को अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता माना जा रहा है, जो करीब दो अरब लोगों का साझा बाजार तैयार करेगा.

इसके लागू होने के तीन से चार वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार के 200 अरब डॉलर से ऊपर जाने और सेवाओं के व्यापार के 125 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. आईटी, पेशेवर सेवाएं, शिक्षा, वित्त, पर्यटन और निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी भारत को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ के कारण भारत नए वैश्विक व्यापार विकल्प तलाश रहा है.

2 अरब लोगों का साझा बाजार

यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते के लागू होते ही भारत के निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. समझौते के तहत ईयू पहले ही दिन भारत के लगभग 90 प्रतिशत सामानों पर आयात शुल्क पूरी तरह समाप्त कर देगा, जबकि शेष करीब तीन प्रतिशत वस्तुओं पर शुल्क को अगले सात वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस तरह ईयू भारत को व्यापार मूल्य के लगभग 99.5 प्रतिशत हिस्से पर रियायतें दे रहा है. माना जा रहा है कि इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर इसी साल के अंत तक हो जाएंगे और इसके 2027 की शुरुआत में लागू होने की संभावना है, हालांकि कुछ प्रावधान अगले साल की शुरुआत से प्रभाव में आ सकते हैं.

दूसरी ओर, भारत भी यूरोपीय संघ को बड़ी रियायतें देगा, लेकिन यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीरे होगी. भारत अगले दस वर्षों में ईयू के करीब 93 प्रतिशत सामानों को शुल्क-मुक्त पहुंच देगा, जबकि समझौते के पहले दिन केवल 30 प्रतिशत यूरोपीय वस्तुओं पर ही शुल्क हटाया जाएगा.

इसके अलावा, भारत यूरोपीय संघ को व्यापार मूल्य के 3.7 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क रियायतें और कोटा-आधारित कटौती भी देगा. कुल मिलाकर, भारत की ओर से ईयू को व्यापार मूल्य के लगभग 97.5 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क में राहत मिलेगी, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार और निवेश को लंबे समय में मजबूत आधार मिलेगा.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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