कुछ साल यूज के बाद स्मार्टफोन में बैटरी की दिक्कत आने लगती है. थोड़ी देर यूज करने पर ही बैटरी लो हो जाती है और कई मामलों में तो फोन बंद भी हो जाता है. ऐसे में अगर थोड़ी देर के लिए भी घर से बाहर जाना पड़े तो पावरबैंक साथ रखना पड़ता है. बैटरी रिप्लेसमेंट इस परेशानी से छुटकारा दिला सकती है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपके फोन के किन संकेतों के बाद आपको बैटरी रिप्लेसमेंट के ऑप्शन के बारे में सोचना चाहिए.
ये हैं बैटरी रिप्लेसमेंट के संकेत
ऐप्स का स्लो हो जाना- अगर आपके फोन में इंस्टॉल्ड ऐप्स ओपन होने में ज्यादा समय ले रही हैं और फुल चार्ज होने के बाद भी फोन के एनिमेशन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहे है तो यह बताता है कि फोन की बैटरी स्टेबल वॉल्टेज डिलीवर नहीं कर पा रही है.
अचानक बैटरी ड्रेन हो जाना- आप घर से फोन फुल चार्ज करके बाहर निकले हैं और ऑफिस या कॉलेज पहुंचने तक ही बैटरी आधी से ज्यादा ड्रेन हो जाती है तो समझ लें कि बैटरी की कैपेसिटी डिग्रेड हो गई है और अब इसे रिप्लेस करवाना ही आखिरी ऑप्शन है.
अचानक फोन का बंद होना- बैटरी में 20-30 परसेंटचार्जिंग बचे होने के बाद भी अगर फोन अचानक से बंद हो जाता है तो यह दिखाता है कि बैटरी कमजोर हो गई है और अचानक से इसके वॉल्टेज ड्रॉप हो रहे हैं. इसलिए बैटरी रिप्लेसमेंट ही अब एक रास्ता है.
ओवरहीटिंग या स्वैलिंग- अगर चार्जिंग या कॉलिंग जैसे बेसिक फंक्शन के दौरान फोन ओवरहीट हो जाता है या बैटरी में फुलावट आ जाती है तो बैटरी रिप्लेस करवा लेना एक सेफ ऑप्शन है. ओवरहीटिंग और स्वैलिंग दोनों ही फोन और आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है. अगर आपको इनमें से कोई भी संकेत नजर आएं तो फोन की बैटरी को तुरंत रिप्लेस करवा लें.
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