Ola इलेक्ट्रिक ने जेन-3 अपग्रेड प्रोग्राम शुरू किया, पुराने ग्राहकों को नया प्लेटफॉर्म

सतीश कुमार
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Ola Electric ने अपने पुराने Gen-1 और Gen-2 ग्राहकों के लिए बड़ा सरप्राइज दिया है. अब वे लेटेस्ट Gen-3 स्कूटर्स और बाइक्स में अपग्रेड कर सकते हैं, जिनमें 4680 Bharat Cell और 320KM तक रेंज मिलती है. क्या ये कदम कंपनी को फिर से मार्केट लीडर बना पाएगा? पूरी खबर पढ़ें.

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पुराना लाओ, नया ले जाओ! Ola का ग्राहकों को बड़ा तोहफाZoom

Ola Electric

देश की पॉपुलर EV टू-व्हीलर कंपनी Ola इलेक्ट्रिक ने अपने मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने और उनकी संतुष्टि बढ़ाने के उद्देश्य से एक नया जेन-3 अपग्रेड प्रोग्राम शुरू किया है. कंपनी के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर इसकी घोषणा की है. उन्होंने लिखा कि हम अपने जेन-1 और जेन-2 ग्राहकों के लिए अपग्रेड प्रोग्राम लॉन्च कर रहे हैं, ताकि वे हमारे लेटेस्ट जेन-3 प्रोडक्ट्स पर शिफ्ट कर सकें, जिसमें 4680 वर्जन भी शामिल हैं. ये बेंगलुरु से इस वीकेंड से शुरू हो रहा है.

ये योजना उन ग्राहकों के लिए है, जिनके पास ओला के पुराने जेन-1 या जेन-2 मॉडल्स हैं. वे अब कंपनी के एडवांस्ड जेन-3 प्लेटफॉर्म पर अपग्रेड कर सकते हैं. उपलब्ध मॉडल्स में स्कूटर्स की रेंज S1 Pro, S1 Pro+ और S1X Gen-3 शामिल हैं, जबकि बाइक्स में Roadster, Roadster X और Roadster X+ हैं.

जेन-3 मॉडल्स में क्या खास?

इनमें ओला की स्वदेशी 4680 ‘भारत सेल’ बैटरी तकनीक वाले प्रीमियम वेरिएंट भी उपलब्ध हैं. जेन-3 मॉडल्स में मिड-ड्राइव मोटर, चेन-ड्राइव सिस्टम, बेहतर एफिशिएंसी और ड्यूरेबिलिटी जैसी हार्डवेयर सुधार शामिल हैं. कुछ मॉडल्स में राइडिंग रेंज 320 किलोमीटर तक पहुंच सकती है. इसके अलावा, MoveOS सॉफ्टवेयर अपडेट्स से राइडिंग एक्सपीरिएंस और ओनरशिप ज्यादा आसान और स्मार्ट हो गई है.

कंपनी का मास्टर प्लान!

ये अपग्रेड प्लान ओला इलेक्ट्रिक के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है, क्योंकि कंपनी वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रही है. 2024 के अंत में 36 प्रतिशत से ज्यादा मार्केट शेयर रखने वाली ओला की हिस्सेदारी अब घटकर मात्र 4-6 प्रतिशत रह गई है. टीवीएस मोटर और बजाज ऑटो जैसी कंपनियां 60 प्रतिशत से ज्यादा मार्केट कंट्रोल कर रही हैं. ग्राहकों की शिकायतें मुख्य रूप से सर्विस डिले, पार्ट्स उपलब्धता और रिलायबिलिटी से जुड़ी रही हैं. वित्तीय रूप से भी कंपनी पर असर पड़ा है. Q3 में रेवेन्यू आधा रह गया और ₹490 करोड़ का घाटा हुआ है.

इन्हीं मुद्दों को दूर करने के लिए ओला ने ‘स्ट्रक्चरल रीसेट’ की शुरुआत की है. कंपनी अपने फिजिकल स्टोर्स की संख्या मार्च 2026 तक घटाकर लगभग 550 कर रही है, जो पहले 700 थे. साथ ही ‘हाइपरसर्विस’ सेंटर्स शुरू किए गए हैं, जहां 80 प्रतिशत सर्विस रिक्वेस्ट्स को उसी दिन पूरा करने का टारगेट है. सर्विस बैकलॉग 50 प्रतिशत कम हो चुका है. अपग्रेड प्रोग्राम इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो पुराने ग्राहकों को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और बेहतर परफॉर्मेंस देकर उन्हें कंपनी के साथ जोड़े रखेगा.

वापस आएगा OLA का दौर?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये प्लान कस्टमर लॉयल्टी बढ़ाने में मदद करेगा. हालांकि, अपग्रेड की सटीक एक्सचेंज वैल्यू, डिस्काउंट या पेमेंट डिटेल्स अभी घोषित नहीं हुई हैं. बेंगलुरु में शुरू होने के बाद इसे अन्य शहरों में विस्तारित किए जाने की संभावना है. ओला इलेक्ट्रिक का मानना है कि जेन-3 प्लेटफॉर्म PLI सर्टिफिकेशन और एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी के साथ कंपनी को दोबारा मार्केट लीडर बनाने में मदद करेगा.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.