Relationship Red Flags: नया-नया इश्क और नई-नई है डेटिंग, रिलेशनशिप में जाने से पहले ऐसे पहचानें रेड फ्लैग

aditisingh
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How To Know If Someone Is Toxic: प्यार की शुरुआत अक्सर बेहद खूबसूरत लगती है. जैसे कच्चा सेब अगर समय से पहले तोड़ लिया जाए तो खट्टा लगता है, लेकिन सही समय पर वही मीठा हो जाता है. ठीक वैसे ही रिश्तों में भी टाइमिंग बहुत मायने रखती है. अगर आप अभी शादी के लिए तैयार नहीं हैं, तो सीरियस डेटिंग में कूदने से पहले खुद से यह सवाल जरूर पूछें कि क्या आप वाकई कमिटमेंट के लिए तैयार हैं या सिर्फ अकेलेपन को भरने के लिए किसी का साथ ढूंढ रहे हैं?. 

कब आपको रिश्तों में नहीं जाना चाहिए?

सिर्फ इसलिए किसी रिश्ते में न जाएं क्योंकि आप अकेला महसूस कर रहे हैं. अकेलापन दूर करने के कई तरीके हैं, जैसे दोस्त बनाइए, नई हॉबी अपनाइए, जिम जॉइन कीजिए या खुद के साथ समय बिताइए. लेकिन किसी का दिल सिर्फ अपनी भावनात्मक जरूरत पूरी करने के लिए इस्तेमाल करना आगे चलकर दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है. डेटिंग अगर शादी या सीरियस कमिटमेंट की दिशा में नहीं जा रही, तो अक्सर उलझन और दिल टूटने पर खत्म होती है.

क्या होते हैं रिश्तों में रेड प्लैग?

अब बात करते हैं उन रेड फ्लैग्स की, जिन्हें नए रिश्ते की शुरुआत में ही पहचान लेना बेहतर होता है. रेड फ्लैग कोई एक गलती नहीं होती, बल्कि बार-बार दोहराया जाने वाला व्यवहार होता है. अगर समझाने या बात करने के बाद भी वही पैटर्न चलता रहे, तो इसे हल्के में न लें. इसमें-

जिम्मेदारी लेने से बचना

सबसे बड़ा संकेत है जिम्मेदारी से भागना. अगर सामने वाला हर बार अपने एक्स पार्टनर को ही गलत ठहराता है और अपनी कोई गलती नहीं मानता, तो सतर्क हो जाएं. रिश्ते में परिपक्वता का मतलब है अपनी गलतियों को स्वीकार करना. हर बात पर दोष आपको देना या आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करना अच्छी निशानी नहीं है.

झगड़े से बचने की कोशिश

झगड़े से बचना या हद से ज्यादा प्रतिक्रिया देना भी चिंता की बात है. असहमति हर रिश्ते में होती है, लेकिन अगर कोई हर बहस में चिल्लाए, अपमान करे, चुप्पी साध ले या हिंसक हो जाए, तो यह साफ रेड फ्लैग है. हेल्दी रिश्ता वह है जहां मतभेद को सम्मान के साथ सुलझाया जाए. 

इमोशनल मैनिपुलेशन

अनादर और भावनात्मक हेरफेर भी गंभीर संकेत हैं. अगर वह दूसरों जैसे वेटर, दोस्तों या परिवार के साथ बदतमीजी से पेश आता है, तो देर-सबेर वही व्यवहार आपके साथ भी दोहराया जा सकता है. गिल्ट ट्रिप देना, गैसलाइट करना, जरूरत से ज्यादा प्यार दिखाकर कंट्रोल करना या आपको खुद पर शक करवाना, ये सब इमोशनल मैनिपुलेशन के रूप हैं.

इसको भी न करें इग्नोर 

इसके अलावा बातों और कामों में फर्क, हर रिश्ते या नौकरी को बीच में छोड़ देना, जरूरत से ज्यादा जलन या अत्यधिक डिफेंसिव रवैया भी चेतावनी हैं. अगर आप हर वक्त “एगशेल्स पर चलने” जैसा महसूस कर रहे हैं, यानी कुछ कहने से पहले दस बार सोचते हैं कि सामने वाला कैसे रिएक्ट करेगा, तो यह हेल्दी रिश्ता नहीं है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.