झगड़ा नहीं, इंश्योरेंस की सही जानकारी से मिलेगा मुआवजा, बीमा एक्सपर्ट ने बताई जरूरी बात


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कोडरमा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा ने कहा कि वाहन दुर्घटना के बाद हिंसा या सड़क जाम करना गलत है. सभी वाहनों का बीमा अनिवार्य है, जिससे दुर्घटना में नुकसान की भरपाई मिलती है. फर्स्ट, सेकंड और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अलग-अलग लाभ हैं. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना वाहन चलाना दंडनीय है.

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कोडरमा. सड़क दुर्घटनाओं के बाद अक्सर देखा जाता है कि वाहन क्षतिग्रस्त होने या किसी को चोट लगने पर लोग आक्रोशित हो जाते हैं. कई बार स्थिति हिंसक रूप भी ले लेती है. कई मामलों में लोग मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर देते हैं. इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस संबंध में कोडरमा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा ने लोगों से अपील की है कि दुर्घटना की स्थिति में कानून का पालन करें और बीमा से जुड़ी जानकारी रखें. ताकि बिना विवाद के नुकसान की भरपाई हो सके.

जानकारी के अभाव में मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम करना अपराध
अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा ने बताया कि नियम के अनुसार सभी प्रकार के वाहनों का बीमा कराना अनिवार्य है. वाहन बीमा का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के समय वाहन और उसमें सवार लोगों को हुए नुकसान की आर्थिक भरपाई सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि यदि वाहन का सही तरीके से बीमा कराया गया हो तो दुर्घटना के बाद मुआवजा पाने के लिए किसी प्रकार की हिंसा या सड़क जाम करने की आवश्यकता नहीं पड़ती. उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई बार लोग मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर देते हैं जो कि कानूनन गलत है. सड़क जाम होने से एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित होती हैं. ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है जिससे संबंधित लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है.

फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस के तहत वाहन को हुए नुकसान की भरपाई करती है बीमा कंपनी
उन्होंने बताया कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना वाहन चलाना दंडनीय अपराध है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का सबसे बड़ा लाभ यह है कि दुर्घटना की स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति या वाहन को हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है. इससे वाहन चालक को भारी आर्थिक बोझ और कानूनी कार्रवाई से काफी हद तक राहत मिलती है. उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर वाहन बीमा तीन प्रकार के होते हैं. फर्स्ट पार्टी, सेकंड पार्टी और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस. फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस के तहत दुर्घटना या टक्कर में वाहन को हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है. इसके अलावा यदि वाहन चोरी हो जाता है तो वाहन की इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू के अनुसार राशि दी जाती है. प्राकृतिक आपदा या मानव निर्मित घटनाओं जैसे दंगे, हड़ताल या तोड़फोड़ से वाहन को नुकसान होने पर भी इस बीमा के तहत सुरक्षा मिलती है. साथ ही इसमें चालक के लिए 15 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा भी शामिल होता है.

आवश्यक दस्तावेजों के साथ कराएं वाहन का बीमा, क्लेम में नहीं होगी परेशानी
सेकंड पार्टी इंश्योरेंस वास्तव में बीमा कंपनी के लिए होती है. जो बीमा पॉलिसी के माध्यम से वाहन मालिक को आर्थिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है. उन्होंने कहा कि आसान भाषा में कहें तो बीमा कंपनी वाहन मालिक के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करती है. जो दुर्घटना से जुड़े वित्तीय और कानूनी जोखिमों से बचाने में मदद करती है. अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा ने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ बीमा भी अवश्य कराएं और दुर्घटना की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का पालन करें. सही जानकारी और जागरूकता से न केवल विवादों से बचा जा सकता है, बल्कि दुर्घटना के बाद उचित मुआवजा भी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में सामने वाले के नुकसान की भरपाई करती है बीमा कंपनी
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के तहत सामने वाले उस व्यक्ति या वाहन को हुए नुकसान की भरपाई की जाती है जिसे दुर्घटना में क्षति पहुंची हो. इस बीमा के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज का खर्च और संपत्ति के नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी द्वारा की जाती है. गंभीर दुर्घटनाओं की स्थिति में होने वाले बड़े कानूनी खर्च और मुआवजा दावों से भी वाहन मालिक को सुरक्षा मिलती है. हालांकि, यह बीमा वाहन मालिक की अपनी कार या बाइक को हुए नुकसान या चोरी को कवर नहीं करता जबकि फर्स्ट पार्टी और सेकेंड पार्टी बीमा में कार और बाइक को चोरी होने सहित अन्य तरह के नुकसान में भी कवर मिलता है.

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Rajneesh Singh

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