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Car Safety Features India: नई कार खरीदते समय ये 5 सेफ्टी फीचर्स जरूर देखें | Airbags, ABS, ADAS Guide

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On March 22, 2026
1 min read 1.2k views
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नई कार खरीदना आजकल सिर्फ एक लग्जरी नहीं, बल्कि फैमिली की सेफ्टी को लेकर बड़ा फैसला बन चुका है. भारत में सड़क हादसों की संख्या बहुत ज्यादा है और हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं. ऐसे में कार चुनते समय लुक, माइलेज या कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका सेफ्टी चेक हो जाता है.

आज के समय में कई कारें आकर्षक फीचर्स के साथ आती हैं, लेकिन अगर बेसिक और एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स नहीं हैं, तो वो कार सिर्फ दिखने में अच्छी लगती है, सुरक्षा के मामले में कमजोर साबित हो सकती है. लोग नई गाड़ी खरीदते समय क्रैश टेस्ट चेक करते हैं. लेकिन केवल रेटिंग ही नहीं कुछ जरूरी फीचर्स आपकी गाड़ी को सेफ बनाते हैं. आइए, 5 ऐसे सेफ्टी फीचर्स के बारे में जानते हैं, जो नई गाड़ी में जरूर ही होने चाहिए.

1. एयरबैग्स (Airbags)

एयरबैग्स कार सेफ्टी का सबसे बड़े हीरो हैं. हादसे के दौरान ये सेकंड्स में फूलकर ड्राइवर और पैसेंजर्स को डैशबोर्ड, स्टीयरिंग या खिड़कियों से टकराने से बचाते हैं. भारत में अब डुअल फ्रंट एयरबैग्स अनिवार्य हैं, लेकिन अच्छी सुरक्षा के लिए कम से कम 6 एयरबैग्स (फ्रंट, साइड और कर्टन) होने चाहिए.

Tata Harrier, Safari, Mahindra XUV700 जैसी कारों में 6-7 एयरबैग्स स्टैंडर्ड हैं, जो क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग दिलाते हैं. अगर कार में सिर्फ 2 एयरबैग्स हैं, तो साइड या रोलओवर हादसे में परिवार के सदस्यों को खतरा रहता है. इसलिए, नई कार में 6 एयरबैग्स वाला वेरिएंट चुनें. ये थोड़ा महंगा पड़ सकता है, लेकिन जान की कीमत इससे ज्यादा नहीं है.

2. ABS के साथ EBD

ABS अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिससे स्टीयरिंग कंट्रोल में रहता है और गाड़ी फिसलती नहीं है. EBD ब्रेकिंग फोर्स को हर पहिए पर सही तरीके से बांटता है, खासकर जब कार में अलग-अलग वजन वाले पैसेंजर्स हों. भारत में ABS अब सभी नई कारों में स्टैंडर्ड है, लेकिन EBD के साथ होना जरूरी है. बिना ABS के कार में ब्रेक लगाते समय गाड़ी अनियंत्रित हो सकती है, जिससे एक्सीडेंट बढ़ जाता है. कई क्रैश टेस्ट में ABS+EBD वाली कारें बेहतर परफॉर्म करती हैं.

3. ESC या ESP

ये फीचर कार को स्किड होने से बचाता है. खासकर वेट रोड्स, तेज मोड़ या अचानक स्टीयरिंग घुमाने पर. ESC ऑटोमैटिकली ब्रेक लगाकर और इंजन पावर कंट्रोल करके कार को स्टेबल रखता है. भारत में कई हादसे ओवरस्पीडिंग या लूज कंट्रोल की वजह से होते हैं. ESC इन्हें काफी हद तक रोकता है. 2025-26 में अच्छी कारों जैसे Tata Nexon, Hyundai Venue (टॉप वेरिएंट), Mahindra XUV 3XO में ESP स्टैंडर्ड है. अगर कार में ESC नहीं है, तो हाई-स्पीड या खराब रोड पर ड्राइविंग जोखिम भरी हो जाती है.

4. टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS)

TPMS टायरों में हवा कम होने पर डैशबोर्ड पर अलर्ट देता है. कम हवा वाले टायर से गाड़ी अनस्टेबल हो जाती है, फ्यूल खर्च बढ़ता है और ब्लोआउट का खतरा रहता है. हाईवे पर ब्लोआउट से कई बड़े हादसे होते हैं. कई नई कारों में TPMS स्टैंडर्ड आ रहा है, जैसे Maruti Dzire, Tata Punch आदि में. बिना TPMS के लंबी यात्रा में टायर चेक करना मुश्किल होता है, इसलिए ये फीचर अनदेखा न करें.

5. ADAS के बेसिक फीचर्स

गाड़ियों में ADAS अब आम हो रहा है. AEB (Automatic Emergency Braking) आगे कोई बाधा आने पर ऑटो ब्रेक लगाता है. Lane Departure Warning लेन से बाहर जाने पर अलर्ट देता है. Adaptive Cruise Control स्पीड कंट्रोल करता है. ये फीचर्स हादसों को रोकने में बहुत प्रभावी हैं. Honda City, Hyundai Verna, Mahindra XUV700 जैसी कारों में ADAS उपलब्ध है. अगर बजट अनुमति दे, तो ADAS वाली कार चुनें.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।