CCTV सिस्टम पर बढ़ी निगरानी
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय से सार्वजनिक और सरकारी जगहों पर इस्तेमाल हो रहे CCTV कैमरों को लेकर चिंता बढ़ी है खासकर उन डिवाइसों को लेकर जो विदेशों से आयात किए जाते हैं. माना जा रहा है कि इनमें सुरक्षा खामियां हो सकती हैं जिनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.
हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया जिनके तार पड़ोसी देशों से जुड़े बताए जा रहे हैं. इससे यह खतरा और स्पष्ट हो गया कि अगर निगरानी सिस्टम सुरक्षित नहीं हैं तो उनका दुरुपयोग हो सकता है.
नए नियम क्या कहते हैं?
सरकार ने अब CCTV डिवाइसों के लिए कुछ अनिवार्य तकनीकी मानक तय किए हैं. इन नियमों के तहत कंपनियों को यह बताना होगा कि उनके डिवाइस में इस्तेमाल होने वाले मुख्य हार्डवेयर कंपोनेंट कहां से आए हैं. साथ ही, इन डिवाइसों की जांच भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनमें कोई ऐसी कमजोरी न हो जिससे कोई अनधिकृत व्यक्ति दूर बैठकर सिस्टम तक पहुंच बना सके. अब तक सैकड़ों CCTV मॉडल इन मानकों के तहत प्रमाणित किए जा चुके हैं.
सरकारी विभागों के लिए सख्त निर्देश
सरकारी दफ्तरों और संस्थानों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं CCTV का इस्तेमाल करें जो नए नियमों के अनुरूप हों. इसके अलावा, पुराने सिस्टम की सुरक्षा जांच कर उन्हें अपडेट करने की भी सलाह दी गई है.
सिर्फ CCTV ही नहीं बल्कि टेलीकॉम नेटवर्क को भी सुरक्षित बनाने के लिए नए कानून लागू किए गए हैं. अब टेलीकॉम डिवाइस केवल भरोसेमंद और स्वीकृत कंपनियों से ही खरीदे जा सकेंगे. इससे नेटवर्क में किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने में मदद मिलेगी.
डेटा सुरक्षा पर भी जोर
डिजिटल युग में डेटा सबसे बड़ी संपत्ति बन चुका है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने डेटा प्रोटेक्शन से जुड़े कानूनों को भी मजबूत किया है ताकि लोगों की निजी जानकारी सुरक्षित रह सके और उसका गलत इस्तेमाल न हो.
दुनिया भर में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां निगरानी सिस्टम के जरिए लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उनका दुरुपयोग किया गया. ऐसे में भारत भी अब अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है.