भारत में किन लोगों को नहीं देना पड़ता टोल टैक्स? NHAI के नियम के साथ देखिए पूरी लिस्ट

नेशनल हाईवे पर सफर करते समय टोल टैक्स एक बड़ा खर्च होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत सरकार ने कुछ खास श्रेणियों के लोगों और वाहनों को इससे पूरी तरह मुक्त रखा है? NHAI के नियमों के अनुसार, किन लोगों को टोल प्लाज़ा क्रॉस करते समय एक भी रुपया नहीं देना पड़ता, आइए जानते हैं.
भारत के शीर्ष संवैधानिक पद: भारत के सबसे महत्वपूर्ण पदों पर आसीन व्यक्तियों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है. इसमें देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यों के राज्यपाल और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं. जब ये महानुभाव अपने आधिकारिक वाहनों में यात्रा करते हैं, तो उन्हें किसी भी टोल प्लाजा पर रुककर भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है.
केंद्रीय और राज्य स्तरीय मंत्री: संवैधानिक पदों के अलावा, शासन चलाने वाले प्रमुख नेताओं को भी टोल फ्री यात्रा की सुविधा मिलती है. इसमें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, विधानसभा और विधान परिषद के अध्यक्ष शामिल हैं. इसके साथ ही, भारत के सॉलिसिटर जनरल और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को भी टोल टैक्स के भुगतान से छूट प्रदान की गई है.

सांसद और विधायक (MP/MLA): लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में संसद सदस्यों (MPs) और राज्य विधानसभा/विधान परिषद के सदस्यों (MLAs/MLCs) को टोल टैक्स नहीं देना पड़ता. हालांकि, ये छूट केवल तभी मिलती है जब वे अपना आधिकारिक पहचान पत्र दिखाते हैं. ये सुविधा उनके आधिकारिक कार्यों और क्षेत्र भ्रमण को सुगम बनाने के लिए दी जाती है.

रक्षा और सैन्य बल: देश की सुरक्षा करने वाले जांबाज जवानों को सम्मान देते हुए भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, जल सेना, वायु सेना) के वाहनों को टोल से मुक्त रखा गया है. इसमें पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के वाहन भी शामिल हैं. नियम के मुताबिक, यदि जवान अपनी वर्दी में हैं या आधिकारिक वाहन का उपयोग कर रहे हैं, तो उनसे टोल नहीं वसूला जा सकता.

आपातकालीन और स्वास्थ्य सेवाएं: सड़क पर सबसे पहले रास्ता पाने वाली एंबुलेंस (Ambulance) को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट प्राप्त है. जीवन बचाने के उद्देश्य से इस श्रेणी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. इसके अलावा, शव वाहन (Hearse van) को भी किसी भी नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ता है, ताकि अंतिम यात्रा में कोई बाधा न आए.

फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन: आग बुझाने वाली गाड़ियां यानी फायर टेंडर (Fire Tenders) को टोल फ्री रखा गया है. साथ ही, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य सरकारी एजेंसियां जो आपदा राहत के काम में लगी हों, उनके वाहनों को भी टैक्स नहीं देना होता है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट के वाहनों को भी इस श्रेणी में रखा गया है.

वीरता पुरस्कार और विशिष्ट नागरिक: भारत सरकार उन नागरिकों को भी टोल में छूट देती है जिन्होंने देश का नाम रोशन किया है. परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र जैसे वीरता पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों को पहचान पत्र दिखाने पर टोल नहीं देना होता. ये छूट इन नायकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक तरीका है.

स्थानीय निवासी और छूट के नियम: टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को पूरी तरह मुफ्त तो नहीं, लेकिन भारी रियायत मिलती है. वे एक बहुत ही मामूली मासिक शुल्क (Monthly Pass) देकर असीमित बार यात्रा कर सकते हैं. इसके अलावा, यदि टोल प्लाजा पर गाड़ियों की कतार 100 मीटर से लंबी हो जाए, तो ‘येलो लाइन’ नियम के तहत अस्थायी राहत दी जाती है.

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