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भारत में ऑटो सेक्टर की तेजी के बीच Toyota Motor Corporation ने बड़ा दांव खेला है. कंपनी महाराष्ट्र में तीन नए प्लांट लगाकर 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता 10 लाख यूनिट सालाना करने जा रही है. ये निवेश भारत को न सिर्फ घरेलू बाजार बल्कि अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के लिए भी एक्सपोर्ट हब बना सकता है. जानिए इस मेगा प्लान का पूरा असर.

Toyota इंडिया में अपना कारोबार बढ़ाएगी. (इमेज- AI)
Toyota Motor Corporation भारत में तीन नए वाहन असेंबली प्लांट्स बनाने की योजना बना रहा है. इससे देश में कंपनी की उत्पादन क्षमता 2030 के दशक तक दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 10 लाख यूनिट्स सालाना हो जाएगी. निक्केई एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और चीन जैसे परिपक्व बाजारों में मंदी के चलते वैश्विक ऑटोमेकर्स उभरते बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं. टोयोटा भी भारत को अपने भविष्य के विस्तार का प्रमुख केंद्र बना रहा है.
नए प्लांट्स महाराष्ट्र राज्य में बनाए जाएंगे. पहला प्लांट 2029 में शुरू होगा, जबकि बाकी दो 2030 के दशक में चालू होंगे. कुल निवेश लगभग 300 अरब येन (करीब 1.9 अरब डॉलर) होने का अनुमान है. ये प्लांट्स न सिर्फ भारतीय बाजार के लिए बल्कि अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के बढ़ते बाजारों के लिए एक्सपोर्ट हब के रूप में भी काम करेंगे. महाराष्ट्र में मुंबई बंदरगाह होने के कारण लॉजिस्टिक्स सुविधाजनक है. भारत की अफ्रीका-मिडिल ईस्ट से मजबूत व्यापारिक कड़ियां एक्सपोर्ट को बढ़ावा देंगी.
टोयोटा का फ्यूचर प्लान
वर्तमान में टोयोटा के भारत में तीन प्लांट्स दक्षिण भारत में हैं, जो मुख्य रूप से घरेलू बाजार को सप्लाई करते हैं. नए प्लांट्स के साथ कुल छह फैक्टरियां हो जाएंगी. नई फैसिलिटी में थ्री-रो वाली SUV का उत्पादन होगा, जो भारत और अन्य उभरते बाजारों में काफी पॉपुलर है. इसे कॉरोला मॉडल के तहत लॉन्च किया जाएगा. इसके अलावा प्लग-इन हाइब्रिड वाहन भी बनाए जाएंगे, जो पर्यावरण के प्रति जागरूक कस्टमर्स को आकर्षित करेंगे.
भारत है उभरता मार्केट
भारत वर्तमान में नई गाड़ियों की सेल के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. ग्लोबलडेटा के अनुसार, 2030 तक भारत में नई गाड़ियों की बिक्री 64.4 लाख यूनिट्स तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 2025 से 20% ज्यादा है. अफ्रीका की जनसंख्या 2050 तक दोगुनी होकर 2.5 अरब पहुंचने वाली है, जबकि मध्य पूर्व की आबादी 50% बढ़कर 70 करोड़ हो जाएगी. भारत की आबादी भी 1.7 अरब तक पहुंच जाएगी. इन आंकड़ों से साफ है कि पश्चिमी बाजारों में टोयोटा की ग्रोथ काफी हद तक इंडिया-बेस्ड एक्सपोर्ट पर निर्भर करेगी.
जापानी कंपनियों का दबदबा
भारत जापानी कंपनियों के लिए उपजाऊ भूमि साबित हुआ है. सुजुकी मोटर 1982 से यहां सक्रिय है और उसकी सहायक कंपनी मारुति सुजुकी पैसेंजर व्हीकल बाजार में 40% हिस्सेदारी रखती है. सुजुकी टोयोटा को कुछ मॉडल्स, जैसे Maruti evx भी सप्लाई करती है. टोयोटा मिनीवैन, SUV और हाइब्रिड सेगमेंट में मजबूत है, जो मिडिल क्लास की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है.
दुनिया भर की अन्य कंपनियां भी भारत में भारी निवेश कर रही हैं. हुंडई मोटर ने 2023 में जनरल मोटर्स के प्लांट को खरीदा और SUV उत्पादन बढ़ाया. कंपनी भारतीय पैसेंजर वाहन बाजार में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी रखती है. टोयोटा की मौजूदा उत्पादन क्षमता जापान में 31 लाख, चीन में 22 लाख और अमेरिका में 15 लाख यूनिट्स है. नए भारतीय प्लांट्स के साथ भारत कंपनी का चौथा सबसे बड़ा प्रोडक्शन बेस बन जाएगा.
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें