Second Hand Car Buying Tips: पुरानी कार खरीदने से पहले ऐसे चेक करें लोन और Hypothecation Status


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पुरानी कार खरीदते समय ऐसे चेक करें हाइपोथिकेशन और लोन स्टेटस, वरना फंस जाएंगे

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क्या आप सेकेंड हैंड कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं? सिर्फ गाड़ी की कीमत और कंडीशन देखकर फैसला करना भारी पड़ सकता है. कई बार पुरानी कारों पर बैंक का लोन बाकी होता है, जिसकी जानकारी खरीदार को नहीं दी जाती. ऐसे में भविष्य में बैंक वाहन जब्त भी कर सकता है. जानिए कैसे मिनटों में Hypothecation Status चेक करें और किन जरूरी दस्तावेजों की जांच करके लाखों रुपये के नुकसान से बच सकते हैं.

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Second-Hand Car कार खरीदते समय ये जरूरी काम कर लें.

Second Hand Car (पुरानी कार) खरीदना एक बजट-फ्रेंडली और समझदारी भरा फैसला हो सकता है, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए तो ये सौदा आपके लिए मुसीबत का सबब भी बन सकता है. अक्सर लोग कार की कंडीशन और कीमत देखकर उसे तुरंत खरीद लेते हैं, लेकिन उसके कानूनी दस्तावेजों (Documents) की जांच करना भूल जाते हैं. सबसे बड़ा धोखा तब होता है जब कार पर किसी बैंक का पुराना लोन पेंडिंग होता है, जिसे तकनीकी भाषा में ‘हाइपोथिकेशन’ (Hypothecation) कहा जाता है.

अगर आप बिना लोन स्टेटस चेक किए गाड़ी खरीद लेते हैं, तो भविष्य में बैंक उस कार को जब्त कर सकता है या आपको पुराना कर्ज चुकाना पड़ सकता है. इसलिए, डील फाइनल करने से पहले कुछ जरूरी कागजातों और लोन पेंडेंसी की जांच जरूर कर लें. आइए जानते हैं कि सेकेंड हैंड कार खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

Hypothecation कैसे चेक करें?

कोई भी वाहन जब लोन पर लिया जाता है, तो उसकी आरसी (Registration Certificate) पर Hypothecated to [Bank Name] लिखा होता है. लोन खत्म होने के बाद बैंक से NOC (No Objection Certificate) लेना जरूरी होता है. इसे ऐसे चेक करें-

परिवहन सेवा (Parivahan Sewa) वेबसाइट: आप सरकार की आधिकारिक ‘वाहन’ वेबसाइट पर जाकर गाड़ी का नंबर डालकर उसका ‘RC Status’ चेक कर सकते हैं. अगर वहां हाइपोथिकेशन एक्टिव दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि लोन अभी भी कागजों में चल रहा है.

इन जरूरी दस्तावेजों की जांच भी है बेहद जरूरी

लोन स्टेटस के अलावा, धोखाधड़ी से बचने के लिए नीचे दिए गए कागजात जरूर मांगें-

  • ओरिजिनल आरसी (Original RC): हमेशा कार की ओरिजिनल आरसी देखें. इस पर मालिक का नाम, चेसिस नंबर और इंजन नंबर दर्ज होते हैं. स्मार्ट कार्ड आरसी पर लोन की स्थिति साफ लिखी होती है.
  • बैंक की एनओसी (NOC): अगर कार पर लोन था और मालिक का दावा है कि लोन चुकता हो चुका है, तो बैंक द्वारा जारी की गई मूल ‘No Objection Certificate’ (NOC) और Form 35 जरूर मांगें. इसके बिना आरसी से बैंक का नाम नहीं हटेगा.
  • इंश्योरेंस कॉपी (Insurance Policy): कार का बीमा वैलिड है या नहीं, ये चेक करें. साथ ही ये भी देखें कि पिछले रिकॉर्ड में कोई बड़ा एक्सीडेंट क्लेम तो नहीं लिया गया है.
  • पीयूसी सर्टिफिकेट (PUC Certificate): प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (Pollution Under Control) कानूनी रूप से अनिवार्य है, इसकी वैधता जांच लें.

सावधानी से समझदारी

कागजातों की जांच के बाद, आरसी को अपने नाम ट्रांसफर (Ownership Transfer) करवाते समय बैंक की एनओसी को आरटीओ (RTO) में जमा करना न भूलें, ताकि कार के रिकॉर्ड से हाइपोथिकेशन पूरी तरह हट सके. एक छोटी सी लापरवाही आपको भारी आर्थिक नुकसान में डाल सकती है, इसलिए पूरी तसल्ली के बाद ही भुगतान करें.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





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