मोटरसाइकिल की चेन उसकी रीढ़ की हड्डी की तरह होती है. ये इंजन की पावर को पीछे के पहिए तक पहुंचाती है. चेन पर समय के साथ धूल, कीचड़, पुराना ग्रीस और रोड ग्रिट चेन पर जमा हो जाता है, जिससे चेन तंग होती है, शोर बढ़ता है, पावर लॉस होता है और अंत में चेन-स्प्रॉकेट जल्दी खराब हो जाते हैं. नियमित सफाई और लुब्रिकेशन चेन की लाइफ दोगुनी कर सकती है, ईंधन की बचत करती है और राइडिंग को स्मूद बनाती है.
घर पर ही कुछ सिंपल टूल्स और 30-45 मिनट में आप अपनी बाइक की चेन को नई जैसी बना सकते हैं. इससे महंगे सर्विसिंग बिल बचते हैं और बाइक की परफॉर्मेंस बनी रहती है. खासकर मानसून या लंबी राइड के बाद ये काम जरूरी हो जाता है. सही तरीके से किया गया मेंटेनेंस न केवल चेन को लंबे समय तक चलाता है बल्कि ब्रेकिंग और एक्सीलरेशन को भी सुरक्षित बनाता है. आइए चेन को साफ करने के तरीके को 5 आसान स्टेप्स में समझते हैं.
1. जरूरी सामान जुटाएं
सफाई से पहले चेन क्लीनर स्प्रे (या केरोसिन/डीजल), सॉफ्ट ब्रश या पुराना टूथब्रश, साफ कपड़ा, चेन लुब्रिकेंट (वैक्स या स्प्रे टाइप), ग्लव्स, पुराना अखबार या प्लास्टिक शीट बाइक के नीचे बिछाने के लिए. अगर चेन बहुत गंदी है तो चेन ब्रश किट भी काम आएगी.
2. बाइक की तैयारी
बाइक को सेंटर स्टैंड या पेडेस्टल पर खड़ा करें ताकि पिछला पहिया घूम सके. इंजन बंद रखें. अगर संभव हो तो चेन को ढीला करें (कुछ बाइक्स में एडजस्टर होता है). प्लास्टिक शीट बिछाकर नीचे गिरने वाले ग्रीस को बचाएं. ग्लव्स पहन लें.
3. चेन की सफाई
चेन क्लीनर स्प्रे को हर लिंक पर अच्छे से छिड़कें. 2-3 मिनट रुकें ताकि गंदगी फूल जाए. फिर सॉफ्ट ब्रश से हर तरफ से साफ करें. पुराना ग्रीस और धूल निकालने के लिए पीछे का पहिया धीरे-धीरे घुमाते रहें. अगर जरूरत पड़े तो केरोसिन में कपड़ा भिगोकर साफ करें, लेकिन आखिर में अच्छे से पोंछ लें. पूरी चेन को 2-3 बार प्रोसेस दोहराएं जब तक वह चमक न आए.
4. चेन को सुखाना और लुब्रिकेट करना
सफाई के बाद साफ कपड़े से चेन को पूरी तरह सुखाएं. नमी बची तो जंग लग सकती है. अब चेन लुब्रिकेंट को स्प्रे करें या ब्रश से लगाएं. हर लिंक के अंदरूनी और बाहरी हिस्से पर लगाएं. पहिया धीरे घुमाते हुए लगातार लगाएं ताकि समान रूप से कवर हो. ज्यादा मात्रा न लगाएं, वरना गंदगी चिपकेगी.
5. अंतिम जांच और टेस्ट
लुब्रिकेंट लगाने के 5-10 मिनट बाद अतिरिक्त तेल को साफ कपड़े से पोंछ लें. चेन की टेंशन चेक करें (आमतौर पर 2-4 सेमी प्ले होना चाहिए). बाइक स्टार्ट करके धीमी राइड पर टेस्ट करें. अगर तब भी आवाज आ रही है, तो दोबारा चेक करें. हर 500-800 किमी पर ये प्रोसेस दोहराएं. ज्यादा दिक्कत लगने पर मैकेनिक की मदद लें.