Monsoon की बारिश जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाती है, वहीं वाहन चालकों के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आती है. जलभराव वाली सड़कें, फिसलन, कम विज़िबिलिटी और कीचड़ न केवल ड्राइविंग को जोखिम भरा बनाते हैं, बल्कि कार के कई अहम पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. भारी बारिश में ब्रेक फेल होना, टायरों का फिसलना या इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याएं अक्सर सामने आती हैं.
ऐसे में सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बारिश का मौसम शुरू होते ही कार की उचित देखभाल और सर्विसिंग बेहद जरूरी हो जाती है. थोड़ी सी सतर्कता और सही समय पर की गई तैयारी से आप रास्ते में अचानक होने वाले ब्रेकडाउन और किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बच सकते हैं. आइए, गाड़ी को मानसून-रेडी बनाने के 5 आसान टिप्स जानते हैं.
1. वाइपर ब्लेड्स और विंडशील्ड की जांच
भारी बारिश में साफ विज़िबिलिटी सबसे अहम होती है. धूप के कारण वाइपर की रबर अक्सर सख्त या खराब हो जाती है, जिससे शीशे पर निशान पड़ने लगते हैं. मानसून से पहले वाइपर ब्लेड्स बदलें और वॉशर फ्लूइड की बोतल में शैम्पू या ग्लास क्लीनर लिक्विड जरूर भरें.
2. टायरों की ग्रिप और थ्रेड डेप्थ
गीली सड़कों पर गाड़ियों के फिसलने (हाइड्रोप्लेन) का खतरा बढ़ जाता है. अपने टायरों की थ्रेड गहराई जांचें. अगर ग्रिप खत्म हो चुकी है तो टायर तुरंत बदलें. इसके अलावा सही एयर प्रेशर बनाए रखें और स्टेपनी की कंडीशन भी चेक कर लें, ताकि इमरजेंसी में परेशानी न हो.
3. ब्रेकिंग सिस्टम का पूरा इंस्पेक्शन
बारिश में ब्रेक पैड्स और डिस्क पर पानी व कीचड़ लगने से ब्रेकिंग क्षमता घट जाती है. किसी अच्छे मैकेनिक से ब्रेक पैड्स की मोटाई, डिस्क की कंडीशन और ब्रेक ऑयल का लेवल चेक करवाएं. अगर ब्रेक लगाते समय आवाज आ रही हो, तो तुरंत सर्विस कराएं.
4. लाइट्स और फॉग लैंप्स की फंक्शनलिटी
धुंध और तेज बारिश में आपकी कार दूसरों की कारों से साफ दिखनी चाहिए. हेडलाइट्स, टेल लाइट्स, टर्न इंडिकेटर्स और फॉग लैंप्स की जांच करें. अगर हेडलाइट के कवर पीले या धुंधले पड़ गए हैं, तो उन्हें साफ कराएं ताकि रोशनी पूरी तरह से सड़क पर पड़े.
5. बैटरी, वायरिंग और एंटी-रस्ट कोटिंग
नमी के कारण कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है. बैटरी टर्मिनल्स को साफ रखें और उन पर पेट्रोलियम जेली लगाएं. इसके अलावा, कार के अंडरबॉडी (निचले हिस्से) को जंग और कीचड़ से बचाने के लिए एंटी-रस्ट कोटिंग जरूर करवाएं.