Tech News

टचस्क्रीन कंप्यूटर सबसे पहले किसने बनाया था? जानिए क्या थे फीचर्स

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On September 3, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now


आज स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और यहां तक कि कारों में भी टचस्क्रीन आम हो चुकी है. स्क्रीन पर उंगली रखते ही ऐप खुल जाता है, फोटो बदल जाती है और कमांड भी दी जा सकती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि टचस्क्रीन का आईडिया आज से कई दशक पुराना है? जिस टेक्नोलॉजी को हम एडवांस गैजेट्स की पहचान मानते हैं, उसकी शुरुआत कंप्यूटर की दुनिया में काफी पहले हो गई थी. आइए जानते हैं विस्तार से.

टचस्क्रीन कंप्यूटर का आइडिया कहां से आया?

जानकारी के अनुसार, टचस्क्रीन कंप्यूटर के शुरुआती स्टेज का श्रेय ब्रिटिश इंजीनियर ई. ए. जॉनसन (E. A. Johnson) को दिया जाता है. उन्होंने 1960 के दशक में टच-सेंसिटिव स्क्रीन पर काम किया था. जॉनसन ने 1965 में पब्लिश एक पेपर में बताया था कि उंगली के टच से कंप्यूटर सिस्टम को कंट्रोल किया जाता है.

इसके अलावा उनका काम एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखकर किया गया था. उस दौर में टचस्क्रीन का मकसद मनोरंजन या मोबाइल इस्तेमाल नहीं बल्कि कंप्यूटर से बातचीत को आसान और तेज बनाना था.

पहला टचस्क्रीन कंप्यूटर कैसा था?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुरुआती टचस्क्रीन सिस्टम आज के स्मार्टफोन की तरह बेहद तेज या मल्टीटच नहीं थे. इनमें फिंगर टच के जरिए स्क्रीन पर मौजूद ऑप्शन को चुनने की सुविधा थी.

यानी यूजर को हर काम के लिए कीबोर्ड या माउस पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती थी. स्क्रीन पर किसी ऑप्शन को छूकर सीधे कमांड दी जा सकती थी. ये उस समय के हिसाब से काफी बड़ी टेक्निकल उपलब्धि मानी जा रही थी.

कैसे काम करती थी ये टेक्नोलॉजी?

बताते चलें कि शुरुआती टचस्क्रीन में कैपेसिटिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था. इसमें स्क्रीन के ऊपर एक ऐसी सतह होती थी जो उंगली के टच से इलेक्ट्रिक ताकत में होने वाले बदलाव को पहचान सकती थी.

जब यूजर स्क्रीन को छूता था तो सिस्टम उस प्लेस को पहचानकर संबंधित कमांड को एक्टिव कर देता था. हालांकि इसकी ताकत आज की टचस्क्रीन के मुकाबले काफी सीमित थीं.

यह भी पढ़ें: कैसे काम करता है Stablizer? जानें किन Appliances के साथ पड़ती है जरूरत

क्या थे शुरुआती टचस्क्रीन के फीचर्स?

उस दौर की टचस्क्रीन टेक्नोलॉजी में आज के मुकाबले कम सुविधाएं थीं लेकिन इसके कुछ फीचर्स काफी खास थे.

  • उंगली से कमांड देने की सुविधा
  • माउस या कीबोर्ड पर कम निर्भरता
  • स्क्रीन पर किसी खास ऑप्शन को सीधे चुनने की ताकत
  • तेज इंटरैक्शन के लिए डिजाइन
  • एयर ट्रैफिक कंट्रोल जैसे जरूरी सिस्टम में इस्तेमाल की संभावना
  • हालांकि इसमें आज की तरह स्वाइप, पिंच-टू-जूम और मल्टीटच जेस्चर मौजूद नहीं थे.

टचस्क्रीन से स्मार्टफोन तक का सफर

टचस्क्रीन टेक्नोलॉजी को फेमश होने में कई साल लगे. शुरुआत में इसका इस्तेमाल खास औद्योगिक और स्पेशल कंप्यूटिंग सिस्टम में हुआ था. बाद में ATM, POS मशीन, कार सिस्टम, मेडिकल डिवाइस और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में टच इंटरफेस दिखाई देने लगा.

इसके बाद टचस्क्रीन तकनीक ने मोबाइल फोन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया. आज स्मार्टफोन में मिलने वाली मल्टीटच स्क्रीन उसी लंबे टेक्निकल सफर का नतीजा है.

यह भी पढ़ें:

Bluetooth बंद करते ही Wi-Fi हो जाएगा सुपरफास्ट? जानें क्या है ये वायरल ट्रिक



Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।