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ChatGPT अब सीखेगा आपकी लिखने का स्टाइल! ईमेल और मैसेज पढ़कर करेगा नकल

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On September 9, 2026
3 min read 1.2k views
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OpenAI के मुताबिक, ChatGPT Work अब यूजर के लिखने के अंदाज को समझ सकता है और आगे तैयार किए जाने वाले ड्राफ्ट में उसी तरह को अपनाने की कोशिश करेगा. यानी AI सिर्फ शब्दों का चयन पर ही नजर नहीं रखेगा बल्कि आपकी छोटी-छोटी लिखने की आदतों पर भी ध्यान देगा.

OpenAI के मुताबिक, ChatGPT Work अब यूजर के लिखने के अंदाज को समझ सकता है और आगे तैयार किए जाने वाले ड्राफ्ट में उसी तरह को अपनाने की कोशिश करेगा. यानी AI सिर्फ शब्दों का चयन पर ही नजर नहीं रखेगा बल्कि आपकी छोटी-छोटी लिखने की आदतों पर भी ध्यान देगा.

आपको बता दें कि OpenAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फीचर की जानकारी देते हुए बताया कि ChatGPT Work यूजर की लैंग्वेज को ज्यादा पर्सनल और उसके अपने अंदाज के करीब बनाने के लिए इन खास पैटर्न को समझ सकता है.

आपको बता दें कि OpenAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फीचर की जानकारी देते हुए बताया कि ChatGPT Work यूजर की लैंग्वेज को ज्यादा पर्सनल और उसके अपने अंदाज के करीब बनाने के लिए इन खास पैटर्न को समझ सकता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फीचर की सबसे खास बात ये है कि ChatGPT Work आपके रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ ऐप्स से जुड़ सकता है. इनमें Gmail, Google Drive, Slack और SharePoint जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फीचर की सबसे खास बात ये है कि ChatGPT Work आपके रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ ऐप्स से जुड़ सकता है. इनमें Gmail, Google Drive, Slack और SharePoint जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं.

यूजर की परमिशन मिलने के बाद ChatGPT Work इन सर्विसेज में मौजूद ईमेल, डॉक्यूमेंट और मैसेज जैसे कंटेंट को एनॉलिसिस करता है. इसका मकसद ये समझना है कि यूजर नॉर्मली किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करता है. इसके बाद AI भविष्य में तैयार किए जाने वाले कंटेंट में इन्हीं आदतों को शामिल करने की कोशिश करता है.

यूजर की परमिशन मिलने के बाद ChatGPT Work इन सर्विसेज में मौजूद ईमेल, डॉक्यूमेंट और मैसेज जैसे कंटेंट को एनॉलिसिस करता है. इसका मकसद ये समझना है कि यूजर नॉर्मली किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करता है. इसके बाद AI भविष्य में तैयार किए जाने वाले कंटेंट में इन्हीं आदतों को शामिल करने की कोशिश करता है.

फिलहाल OpenAI ने अभी इस फीचर की पूरी टेक्निकल प्रोसेस को पब्लिक नहीं किया है. हालांकि, नॉर्मली इस तरह के फीचर में AI यूजर के पुराने लिखे हुए कंटेंट से लैंग्वेज के पैटर्न को पहचानता है.

फिलहाल OpenAI ने अभी इस फीचर की पूरी टेक्निकल प्रोसेस को पब्लिक नहीं किया है. हालांकि, नॉर्मली इस तरह के फीचर में AI यूजर के पुराने लिखे हुए कंटेंट से लैंग्वेज के पैटर्न को पहचानता है.

इन पैटर्न को समझने के बाद मॉडल नए टेक्स्ट को उसी अंदाज में तैयार करता है. बता दें कि इसका फायदा ये होगा कि AI से लिखा गया ईमेल या ड्राफ्ट ज्यादा पर्सनल और यूजर की नॉर्मल लैंग्वेज जैसा महसूस होगा.

इन पैटर्न को समझने के बाद मॉडल नए टेक्स्ट को उसी अंदाज में तैयार करता है. बता दें कि इसका फायदा ये होगा कि AI से लिखा गया ईमेल या ड्राफ्ट ज्यादा पर्सनल और यूजर की नॉर्मल लैंग्वेज जैसा महसूस होगा.

Published at : 09 Sep 2026 02:57 PM (IST)



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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।