UP Mini Nandini Yojana 2026: 10 गायों पर ₹11.80 लाख तक सब्सिडी, पात्रता, आवेदन, दस्तावेज और पूरी जानकारी
UP Mini Nandini Yojana 2026: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को बढ़ावा देने के लिए मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में उच्च उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी गायों को बढ़ावा देना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 10 गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 10 गायों की इकाई की परियोजना लागत ₹23.60 लाख है और इस पर अधिकतम ₹11.80 लाख तक अनुदान मिल सकता है।
इस योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। योजना के तहत 50 प्रतिशत लाभार्थी महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित करने का प्रावधान भी बताया गया है।
अगर आप उत्तर प्रदेश में पशुपालन या डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो यह योजना आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इस लेख में UP Mini Nandini Yojana 2026 क्या है, कितनी सब्सिडी मिलेगी, कौन आवेदन कर सकता है, आवेदन कैसे करें, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी, चयन कैसे होगा और अनुदान का भुगतान कैसे होगा, इसकी पूरी जानकारी दी गई है।
UP Mini Nandini Yojana 2026 क्या है?
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश सरकार के नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित योजना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उच्च उत्पादन क्षमता वाले गोवंश को बढ़ावा देना और आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना के माध्यम से पशुपालकों की आय बढ़ाना है।
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में लागू है।
योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 10 गायों की इकाई स्थापित करनी होती है। परियोजना लागत का एक हिस्सा लाभार्थी द्वारा लगाया जाता है, जबकि निर्धारित शर्तों के अनुसार अनुदान और बैंक ऋण की व्यवस्था की जाती है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- योजना का नाम – मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
- राज्य – उत्तर प्रदेश
- योजना के अंतर्गत – नन्द बाबा दुग्ध मिशन
- इकाई – 10 गाय
- निर्धारित नस्ल – साहीवाल, गिर और थारपारकर
- परियोजना लागत – ₹23.60 लाख
- अधिकतम अनुदान – ₹11.80 लाख
- अनुदान – परियोजना लागत का 50 प्रतिशत तक
- योजना – प्रदेश के सभी जनपदों में लागू
- महिला लाभार्थियों के लिए – 50 प्रतिशत लाभार्थी महिला पशुपालक/दुग्ध उत्पादक रखने का प्रावधान
- आवेदन – ऑनलाइन
- चयन – आवेदन अधिक होने पर ई-लॉटरी
- अनुदान भुगतान – DBT के माध्यम से बैंक खाते में
इनमें से आधिकारिक रूप से उपलब्ध विवरण को आवेदन करने से पहले पोर्टल पर जारी नवीनतम सूचना से मिलाना जरूरी है।
Mini Nandini Yojana 2026 में कितनी सब्सिडी मिलेगी?
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में 10 गायों की इकाई के लिए परियोजना लागत ₹23.60 लाख निर्धारित है।
इस लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम ₹11.80 लाख तक अनुदान दिया जा सकता है।
योजना में लाभार्थी अंश 15 प्रतिशत तथा बैंक ऋण 35 प्रतिशत का प्रावधान बताया गया है। हालांकि यदि लाभार्थी बैंक ऋण के स्थान पर अपनी उपलब्ध वित्तीय राशि से इकाई स्थापित करना चाहता है तो आधिकारिक शर्तों के अनुसार उसके बैंक खाते में आवश्यक धनराशि उपलब्ध होना तथा कम से कम छह महीने का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
सब्सिडी का उदाहरण
यदि परियोजना लागत ₹23.60 लाख है:
50% अनुदान = ₹11.80 लाख तक
बाकी राशि योजना में निर्धारित लाभार्थी अंश और बैंक ऋण/स्व-वित्तीय व्यवस्था के अनुसार पूरी की जाती है।
इसलिए केवल “₹11.80 लाख मुफ्त मिलेंगे” समझना सही नहीं होगा। यह डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए निर्धारित शर्तों के अधीन मिलने वाला अनुदान है।
Mini Nandini Yojana में कितनी गाय रखनी होंगी?
मिनी नन्दिनी योजना के अंतर्गत 10 गायों की इकाई स्थापित करनी होती है।
योजना में मुख्य रूप से:
- साहीवाल
- गिर
- थारपारकर
नस्ल की गायों को शामिल किया गया है।
गायों के चयन और खरीद के लिए विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।
Mini Nandini Yojana 2026 का उद्देश्य क्या है?
इस योजना के कई प्रमुख उद्देश्य हैं।
1. उच्च उत्पादन क्षमता वाले गोवंश को बढ़ावा देना
योजना के माध्यम से बेहतर दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी नस्लों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
2. पशुपालकों की आय बढ़ाना
डेयरी यूनिट स्थापित होने से पशुपालक दूध उत्पादन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं।
3. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार
डेयरी व्यवसाय से पशुपालन, चारा, दूध संग्रह और संबंधित गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
4. स्वदेशी नस्लों का संरक्षण
साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी नस्लों को बढ़ावा देना भी योजना का एक प्रमुख उद्देश्य है।
5. दुग्ध उत्पादन बढ़ाना
नन्द बाबा दुग्ध मिशन का व्यापक उद्देश्य उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाए रखना है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार मिशन ₹1,000 करोड़ की लागत से संचालित किया गया है।
Mini Nandini Yojana 2026 के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
योजना में आवेदन करने से पहले पात्रता की शर्तों को समझना जरूरी है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार आवेदक के पास गोपालन या महिष पालन का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए और इसका प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया जाना आवश्यक है।
इसके अलावा इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 0.20 एकड़ यानी 8712 वर्ग फुट भूमि की आवश्यकता बताई गई है।
लाभार्थी को पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था और पूरे वर्ष चारे की उपलब्धता के संबंध में भी व्यवस्था/शपथपत्र देना पड़ सकता है।
पात्रता की मुख्य शर्तें
- आवेदक उत्तर प्रदेश का पात्र निवासी होना चाहिए।
- पशुपालन का निर्धारित अनुभव होना चाहिए।
- गोपालन अथवा महिष पालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव आवश्यक है।
- लगभग 0.20 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
- चारे की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
- गायों का ईयर टैग होना आवश्यक है।
- गायों का बीमा कराया जाना जरूरी है।
- योजना की अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।
- पूर्व में कुछ संबंधित योजनाओं के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
अंतिम पात्रता हमेशा नवीनतम विभागीय विज्ञप्ति के अनुसार ही मानी जानी चाहिए।
कौन लोग Mini Nandini Yojana का लाभ नहीं ले सकते?
आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार पहले से कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु, अथवा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित कुछ संबंधित योजनाओं के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
इसलिए आवेदन करने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपने पहले किसी ऐसी योजना का लाभ तो नहीं लिया है जिससे आपकी पात्रता प्रभावित हो सकती है।
Mini Nandini Yojana 2026 में गाय खरीदने के नियम
योजना के अंतर्गत गाय खरीदते समय भी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार खरीदी जाने वाली गाय:
- साहीवाल, गिर या थारपारकर नस्ल की हो सकती है।
- प्रथम या द्वितीय ब्यांत की होनी चाहिए।
- ब्यांत हुए 45 दिन से अधिक नहीं होने चाहिए।
- गाय का ईयर टैग होना आवश्यक है।
- गाय का बीमा कराना अनिवार्य है।
- गाय स्वस्थ होनी चाहिए।
- जहां संभव हो, गाय का क्रय संबंधित नस्ल के ब्रीडिंग ट्रैक्ट से किया जाना चाहिए।
गाय खरीदने से पहले विभागीय शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है, क्योंकि गलत नस्ल या निर्धारित शर्तों के विपरीत पशु खरीदने पर अनुदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
Mini Nandini Yojana 2026 में भूमि कितनी चाहिए?
योजना की आधिकारिक जानकारी में इकाई स्थापना के लिए लगभग 0.20 एकड़ यानी 8712 वर्ग फुट भूमि का उल्लेख है।
इसके साथ ही लाभार्थी को पूरे वर्ष हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होती है।
चारे के लिए स्थानीय किसानों या आपूर्तिकर्ताओं से व्यवस्था करने की स्थिति में संबंधित शपथपत्र/दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
Mini Nandini Yojana 2026 में आवेदन कैसे करें?
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किए जाते हैं। आधिकारिक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर योजना से संबंधित आवेदन और जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
ऑनलाइन आवेदन करने की सामान्य प्रक्रिया
Step 1: नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
Step 2: मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना से संबंधित आवेदन लिंक देखें।
Step 3: आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।
Step 4: मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरें।
Step 5: पशुपालन और डेयरी इकाई से संबंधित जानकारी दर्ज करें।
Step 6: भूमि, बैंक और अन्य आवश्यक विवरण भरें।
Step 7: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
Step 8: आवेदन को अंतिम रूप से Submit करें।
Step 9: आवेदन संख्या/रसीद सुरक्षित रखें।
आवेदन की तारीख, लिंक और जिलेवार लक्ष्य समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल की नवीनतम सूचना देखना जरूरी है। 2026-27 के लक्ष्यों की सूचना आधिकारिक पोर्टल पर प्रकाशित की गई है।
Mini Nandini Yojana 2026 का Official Website कौन सा है?
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना नन्द बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।
आधिकारिक पोर्टल पर योजना की जानकारी, घोषणाएं और विभिन्न योजनाओं के प्रपत्र उपलब्ध हैं।
आवेदन करने से पहले किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया लिंक के बजाय विभागीय पोर्टल की जानकारी को प्राथमिकता दें।
Mini Nandini Yojana 2026 के लिए जरूरी Documents
आवेदन के दौरान विभाग द्वारा मांगे जाने वाले दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी रहेगा।
संभावित जरूरी दस्तावेजों में शामिल हो सकते हैं:
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- निवास संबंधी प्रमाण
- बैंक पासबुक
- बैंक खाता विवरण
- भूमि संबंधी दस्तावेज
- पशुपालन अनुभव का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- चारे की उपलब्धता संबंधी शपथपत्र
- बैंक ऋण से संबंधित दस्तावेज
- अन्य विभागीय प्रमाणपत्र
नोट: दस्तावेजों की अंतिम सूची आवेदन की नवीनतम आधिकारिक विज्ञप्ति/पोर्टल पर दी गई शर्तों के अनुसार ही मानें।
Mini Nandini Yojana 2026 में महिलाओं को क्या लाभ है?
योजना में महिला पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को विशेष भागीदारी देने का प्रावधान है।
आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार 50 प्रतिशत महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित किया जाएगा।
इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की डेयरी गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा देना भी है।
Mini Nandini Yojana में चयन कैसे होगा?
यदि प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध लक्ष्य से अधिक हो जाती है तो लाभार्थियों के चयन के लिए ई-लॉटरी की व्यवस्था की जा सकती है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार अधिक आवेदन होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा।
इसलिए केवल आवेदन कर देना चयन की गारंटी नहीं है।
Mini Nandini Yojana का Status कैसे Check करें?
अगर आपने योजना के लिए आवेदन किया है और अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं तो सबसे पहले नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन/योजना संबंधी विकल्प देखें।
Status की उपलब्धता पोर्टल और आवेदन प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है।
Status Check करते समय रखें
- आवेदन संख्या
- पंजीकृत मोबाइल नंबर
- आधार/पहचान संबंधी विवरण
- आवेदन की रसीद
यदि पोर्टल पर Status का विकल्प दिखाई नहीं देता है तो संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी या संबंधित विभागीय कार्यालय से संपर्क करना उचित रहेगा।
Mini Nandini Yojana की List कैसे देखें?
योजना में लाभार्थियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
यदि आवेदन अधिक होते हैं तो ई-लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
लाभार्थी सूची या चयन संबंधी जानकारी के लिए:
- आधिकारिक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल देखें।
- अपने जिले की विभागीय सूचना देखें।
- मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से जानकारी लें।
- मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।
- ई-लॉटरी/चयन से संबंधित नवीनतम सूचना देखें।
किसी गैर-सरकारी वेबसाइट पर प्रकाशित “Mini Nandini Yojana List 2026” को अंतिम सूची मानने से पहले विभागीय स्रोत से पुष्टि करें।
Mini Nandini Yojana का Payment कैसे मिलेगा?
योजना के अंतर्गत अनुदान की राशि DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना में अनुदान दो चरणों में दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।
पहला चरण
आधारभूत संरचना तैयार करने के बाद इकाई लागत का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
दूसरा चरण
गाय खरीदने के बाद इकाई लागत का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
इस प्रकार कुल अधिकतम अनुदान परियोजना लागत के 50 प्रतिशत तक हो सकता है।
Mini Nandini Yojana में eKYC जरूरी है क्या?
किसी भी सरकारी योजना में आधार, बैंक खाते और लाभार्थी सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
लेकिन मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए “eKYC” की अलग प्रक्रिया/स्टेटस को लेकर वर्तमान आधिकारिक पेज पर स्पष्ट अलग निर्देश दिखाई नहीं देता। इसलिए बिना आधिकारिक सूचना के यह दावा नहीं करना चाहिए कि सभी आवेदकों के लिए कोई एक अलग eKYC लिंक अनिवार्य है।
यदि आवेदन पोर्टल पर KYC/eKYC का विकल्प दिखाई देता है तो उसी के निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करें।
Mini Nandini Yojana में आवेदन करने के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा करने के बाद विभाग द्वारा पात्रता और दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।
इसके बाद:
आवेदन → दस्तावेज सत्यापन → पात्रता जांच → चयन/ई-लॉटरी → इकाई स्थापना → निरीक्षण/सत्यापन → अनुदान प्रक्रिया → DBT भुगतान
जैसी प्रक्रिया लागू हो सकती है।
योजना की वास्तविक प्रक्रिया संबंधित वर्ष की विज्ञप्ति और विभागीय निर्देशों के अनुसार होगी।
Mini Nandini Yojana में बैंक लोन जरूरी है क्या?
आधिकारिक विवरण में परियोजना के लिए 15 प्रतिशत लाभार्थी अंश और 35 प्रतिशत बैंक ऋण का प्रावधान बताया गया है।
हालांकि बैंक ऋण के स्थान पर लाभार्थी अपनी उपलब्ध वित्तीय राशि से इकाई स्थापित करना चाहता है तो निर्धारित शर्तों के तहत यह विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
ऐसी स्थिति में बैंक खाते में आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने का प्रमाण और कम से कम छह महीने का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट मांगा जा सकता है।
Mini Nandini Yojana में गाय का Insurance क्यों जरूरी है?
योजना में खरीदी जाने वाली गायों का बीमा कराना अनिवार्य बताया गया है। साथ ही गोवंश की ईयर टैगिंग भी आवश्यक है।
इसका उद्देश्य पशुओं की पहचान और सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना है।
Mini Nandini Yojana में आवेदन क्यों Reject हो सकता है?
आवेदन कई कारणों से अस्वीकृत हो सकता है, जैसे:
- पात्रता पूरी नहीं होना
- निर्धारित अनुभव का प्रमाण नहीं होना
- जमीन से संबंधित समस्या
- गलत या अधूरे दस्तावेज
- गलत बैंक विवरण
- योजना की शर्तों के अनुसार गायों की व्यवस्था नहीं करना
- पहले से संबंधित योजना का लाभ लेना
- गलत जानकारी देना
- आवेदन में जरूरी जानकारी अधूरी छोड़ना
- निर्धारित समय के बाद आवेदन करना
इसलिए आवेदन Submit करने से पहले सभी जानकारी ध्यानपूर्वक जांचें।
Mini Nandini Yojana 2026 में आवेदन करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
आवेदन से पहले इन बातों को जरूर जांचें:
- केवल आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन करें।
- योजना की नवीनतम विज्ञप्ति पढ़ें।
- पात्रता की सभी शर्तें जांचें।
- जमीन के दस्तावेज तैयार रखें।
- बैंक खाता सक्रिय रखें।
- पशुपालन अनुभव का प्रमाण तैयार रखें।
- गाय खरीदने से पहले निर्धारित नस्ल और अन्य शर्तों की जांच करें।
- ईयर टैग और बीमा की शर्तों को समझें।
- आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- किसी एजेंट को बिना सत्यापन के पैसे न दें।
Mini Nandini Yojana 2026 का लाभ किसे मिलेगा?
यह योजना मुख्य रूप से ऐसे पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के लिए उपयोगी है जो निर्धारित शर्तों के अनुसार 10 गायों की डेयरी इकाई स्थापित करना चाहते हैं।
यदि आपके पास पशुपालन का अनुभव, आवश्यक भूमि, चारे की व्यवस्था और योजना के अनुसार वित्तीय क्षमता है, तो आप पात्रता पूरी होने पर आवेदन कर सकते हैं।
Mini Nandini Yojana और Nandini Krishak Samriddhi Yojana में अंतर
दोनों योजनाओं के नाम मिलते-जुलते होने के कारण लोगों को भ्रम हो सकता है।
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
- 10 गायों की इकाई
- परियोजना लागत ₹23.60 लाख
- अधिकतम ₹11.80 लाख अनुदान
- प्रदेश के सभी जनपदों में लागू
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
यह अलग योजना है और इसमें बड़ी डेयरी इकाई का प्रावधान है। आधिकारिक विवरण के अनुसार इसमें 25 गायों की इकाई और अलग परियोजना लागत/अनुदान व्यवस्था है।
इसलिए आवेदन करते समय योजना का सही नाम जरूर देखें।
Mini Nandini Yojana 2026 के लिए Important Links
Official Website: नन्द बाबा दुग्ध मिशन
Scheme Details: मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
Forms: योजना के प्रपत्र
आधिकारिक पोर्टल पर मिनी नन्दिनी योजना का अलग पेज और योजना के प्रपत्र उपलब्ध हैं।
Mini Nandini Yojana 2026 FAQs
Mini Nandini Yojana 2026 क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार के नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित योजना है, जिसका उद्देश्य उच्च उत्पादन क्षमता वाले गोवंश को बढ़ावा देना और डेयरी इकाइयों की स्थापना में पशुपालकों को अनुदान देना है।
Mini Nandini Yojana में कितनी गाय रखनी होंगी?
योजना के तहत 10 गायों की इकाई स्थापित करने का प्रावधान है।
Mini Nandini Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?
₹23.60 लाख की परियोजना लागत पर अधिकतम 50 प्रतिशत यानी ₹11.80 लाख तक अनुदान मिल सकता है।
Mini Nandini Yojana में कौन-सी गाय खरीद सकते हैं?
योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायों का प्रावधान है।
Mini Nandini Yojana पूरे UP में लागू है?
आधिकारिक योजना पेज के अनुसार यह योजना उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है।
Mini Nandini Yojana में महिलाओं के लिए क्या प्रावधान है?
आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना के तहत 50 प्रतिशत महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित करने का प्रावधान है।
Mini Nandini Yojana में कितना पशुपालन अनुभव चाहिए?
आवेदक के पास गोपालन अथवा महिष पालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए और उसका प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए।
Mini Nandini Yojana में Payment कैसे मिलेगा?
अनुदान की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
Mini Nandini Yojana में चयन कैसे होगा?
आवेदन अधिक होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लॉटरी से चयन किया जा सकता है।
Mini Nandini Yojana का आवेदन कहां करें?
आवेदन नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। आवेदन की वर्तमान तारीख और उपलब्ध लिंक के लिए नवीनतम विभागीय सूचना देखनी चाहिए।
निष्कर्ष
UP Mini Nandini Yojana 2026 उत्तर प्रदेश के पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण डेयरी योजना है। इसके तहत 10 गायों की इकाई स्थापित करने के लिए ₹23.60 लाख की परियोजना लागत पर अधिकतम ₹11.80 लाख यानी 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी नस्लों को शामिल किया गया है।
हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालन अनुभव, भूमि, चारे की व्यवस्था, गायों की नस्ल, बीमा, ईयर टैगिंग और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
आवेदन करने से पहले नन्द बाबा दुग्ध मिशन की नवीनतम 2026-27 सूचना जरूर जांचें, क्योंकि आवेदन की तारीख, जिलेवार लक्ष्य, उपलब्ध सीटें और प्रक्रिया समय के साथ अपडेट हो सकती है। आधिकारिक पोर्टल पर 2026-27 के मिनी नन्दिनी योजना लक्ष्य की सूचना उपलब्ध है।
1 thought on “UP Mini Nandini Yojana 2026: ₹11.80 लाख सब्सिडी, पात्रता व आवेदन”
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