रायबरेली। जिले में रविवार को 54 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में कुल 2,353 मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। बदलते मौसम के बीच सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
बुखार के 542 और सर्दी-जुकाम के 451 मरीज पहुंचे
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में सबसे अधिक मरीज बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित मिले। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बुखार के 542, सर्दी-जुकाम के 451, आंखों की समस्या के 105 और पेट दर्द के 97 मरीजों ने स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर उपचार कराया। इसके अलावा खांसी, गैस और त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान मरीजों की भी जांच कर उन्हें दवाएं दी गईं।
स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों को चिकित्सकों ने बदलते मौसम में साफ-सफाई रखने, पर्याप्त सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय से उपचार कराने की सलाह दी।
हरदीटीकर स्वास्थ्य केंद्र पर 53 मरीजों की जांच
जगतपुर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदीटीकर में आयोजित आरोग्य मेले में 53 मरीजों की जांच की गई। चिकित्सक डॉ. सुफैल अंसारी ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीज बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर 270 मरीजों का उपचार
गदागंज प्रतिनिधि के मुताबिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुरधई, गोविंदपुर माधव और रसूलपुर धरावां में कुल 270 मरीजों का उपचार किया गया। सीएचसी अधीक्षक ज्ञान प्रताप सिसौदिया ने लोगों को बुखार से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और आसपास पानी जमा न होने देने पर भी जोर दिया।
कटघर स्वास्थ्य केंद्र पर 92 मरीज पहुंचे
घुरवारा प्रतिनिधि के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटघर में आरोग्य मेले के दौरान 92 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. अकील अहमद ने लोगों से बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील
बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना, स्वच्छ पानी पीना और मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। तेज बुखार या लगातार परेशानी होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का उद्देश्य लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।