देहरादून, 29 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बालावाला क्षेत्र में जमीन के अधूरे बंदोबस्त का मामला किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। जमीन के अभिलेख ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने और भूमि में हिस्सेदारी का रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो पाने के कारण क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की किस्तें अटकने की शिकायत सामने आई है।
किसानों के अनुसार, शुरुआत में कुछ लाभार्थियों के खातों में एक या दो किस्तें आई थीं, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। अब किसानों को अपनी पात्रता और भुगतान की स्थिति जानने के लिए कृषि विभाग, लेखपाल और बंदोबस्त कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ताजा अपडेट: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी किए जाने की सूचना आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल पर दी गई है। हालांकि, बालावाला के जिन किसानों का भुगतान जमीन के रिकॉर्ड या पात्रता सत्यापन के कारण रुका है, उन्हें किस्त मिलेगी या नहीं, इसकी अलग से पुष्टि करना जरूरी है।
बालावाला में क्यों अटकी किसानों की PM Kisan किस्त?
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, बालावाला में बंदोबस्त की प्रक्रिया लंबे समय से पूरी नहीं हुई है। इसके चलते कुछ किसानों की जमीन का हिस्सा और संबंधित राजस्व अभिलेख ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पाए हैं।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य धनवीर सिंह राणा के मुताबिक, इस समस्या से प्रभावित किसानों की संख्या सैकड़ों में है। उन्होंने बताया कि किसानों ने इस संबंध में डोईवाला ब्लॉक के कृषि अधिकारियों और क्षेत्रीय लेखपाल से भी संपर्क किया है।
बताया गया है कि जमीन के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों की पात्रता के सत्यापन में परेशानी आ रही है। कुछ किसानों के रिकॉर्ड में अपात्रता से जुड़ी स्थिति भी दिखाई देने की बात सामने आई है।
हालांकि, प्रत्येक किसान की किस्त रुकने का वास्तविक कारण उसके PM-KISAN स्टेटस और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
किन किसानों को हो रही परेशानी?
धनवीर सिंह राणा के अनुसार, प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, भगवान सिंह, हरि सिंह, चंपल सिंह, सुरेश सिंह, महेश सिंह, दिनेश सिंह और राजेंद्र सिंह समेत कई किसान सम्मान निधि नहीं मिलने की समस्या से परेशान हैं।
किसानों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है कि उनकी रुकी हुई किस्त कब बहाल होगी। इसके साथ ही जमीन की फर्द और अन्य राजस्व दस्तावेज प्राप्त करने में भी कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित पटवारी या राजस्व कर्मचारी के उपलब्ध नहीं होने पर कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाता। इससे किसानों का समय और मेहनत दोनों खर्च हो रहे हैं।
24वीं किस्त से पहले किसान क्या करें?
PM Kisan की 24वीं किस्त जारी होने की सूचना के बीच बालावाला के प्रभावित किसानों को सबसे पहले अपनी भुगतान स्थिति और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए।
किसान नीचे दिए गए तरीके अपना सकते हैं:
- PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट खोलें: https://pmkisan.gov.in/
- वेबसाइट पर उपलब्ध Know Your Status विकल्प से अपनी लाभार्थी स्थिति जांचें।
- देखें कि e-KYC, भूमि सत्यापन और आधार से जुड़े बैंक खाते की स्थिति सही है या नहीं।
- यदि भूमि सत्यापन लंबित है, तो अपने क्षेत्र के लेखपाल और संबंधित राजस्व कार्यालय से जमीन के रिकॉर्ड की स्थिति पूछें।
- यदि रिकॉर्ड में गलती है, तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित राजस्व अधिकारी और कृषि विभाग से संपर्क करें।
- आवेदन या भुगतान की शिकायत दर्ज कराने पर उसकी रसीद अथवा शिकायत संख्या सुरक्षित रखें।
ध्यान दें कि केवल किस्त जारी होने से हर किसान के खाते में पैसा आना सुनिश्चित नहीं होता। भुगतान के लिए लाभार्थी की पात्रता और जरूरी सत्यापन भी पूरा होना चाहिए।
जमीन की फर्द के लिए भी काटने पड़ रहे चक्कर
बालावाला में समस्या सिर्फ किसान सम्मान निधि तक सीमित नहीं है। जमीन की फर्द और दूसरे राजस्व दस्तावेज हासिल करने के लिए भी ग्रामीणों को बंदोबस्त कार्यालय जाना पड़ रहा है।
भूमि के रिकॉर्ड में हिस्सेदारी का निर्धारण पूरा नहीं होने से किसानों को अपनी जमीन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में भी परेशानी हो रही है।
उत्तराखंड सरकार के राजस्व विभाग के अंतर्गत भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी सेवाओं की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन भूमि अभिलेख और संबंधित सेवाओं की जानकारी यहां देख सकते हैं:
भूमि अभिलेख और राजस्व सेवाएं: https://bhulekh.uk.gov.in/
अपणी सरकार पोर्टल: https://eservices.uk.gov.in/
ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने या उसमें गलती होने की स्थिति में संबंधित तहसील अथवा राजस्व कार्यालय से पुष्टि करना उचित रहेगा।
किसानों ने सरकार से की बंदोबस्त पूरा कराने की मांग
ग्रामीणों ने सरकार और राजस्व विभाग से बालावाला में लंबित बंदोबस्त की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जमीन से जुड़े अभिलेख ऑनलाइन दर्ज होने और रिकॉर्ड में जरूरी सुधार होने से उनकी समस्या के समाधान में मदद मिल सकती है।
फिलहाल प्रभावित किसानों को अपनी भूमि के दस्तावेज और PM Kisan की लाभार्थी स्थिति की जांच करानी चाहिए। बंदोबस्त पूरा होने की समयसीमा और सभी प्रभावित किसानों की किस्तें बहाल होने के संबंध में किसी आधिकारिक आदेश की पुष्टि अभी जरूरी है।
PM Kisan से जुड़े जरूरी लिंक
- आधिकारिक PM Kisan पोर्टल: https://pmkisan.gov.in/
- उत्तराखंड भूमि अभिलेख पोर्टल: https://bhulekh.uk.gov.in/
- अपणी सरकार राजस्व सेवाएं: https://eservices.uk.gov.in/